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Mahendragarh-Narnaul News: नौकरी नहीं, उद्यमिता चुनी...जहां मेहनत ने लिखी सफलता की कहानी

Fri, 26 Jun 2026 11:46 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:46 PM IST
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Chose entrepreneurship over a job... where hard work scripted a success story.
फोटो संख्या:62- शबनम देवी
महेंद्रगढ़। कभी दूसरों को देखकर मन में सपनों संजोने वाले लोग अब अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। कोई नौकरी छोड़कर तो कोई परिवार परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उद्यमी बना। अब ये लोग स्वयं ही नहीं बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। जानिये इनके सफलता और संघर्ष की कहानी...
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परिवार की आर्थिक स्थिति ने बनाया उद्यमी
गांव देवास निवासी संगीता ने एक साल पहले घर की आर्थिक स्थिति को देखकर केवीके से प्रशिक्षण लिया और साबुन व जूट बैग बनाने का काम शुरु किया। अब विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी में स्टॉल लगाकर सामान बेच रही हैं और घर से भी सामान की बिक्री हो रही है। शुरुआत में थोड़ी मुश्किल हुई लेकिन अब अच्छे से बिक्री हो रही हैं।
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परिवार की रीढ़ बनीं बनारसी
बवानियां निवासी बनारसी देवी ने 2001 में ग्रुप की शुरुआत की थी। अब 2017 में अचार और मिलेट से बिस्किट व अन्य प्रकार के प्रोडक्ट बनाकर पूरे प्रदेश में बेच रही हैं। सीएम, ग्वालियर, हिसार एचएयू, किसान क्लब रेवाड़ी से भी सम्मान मिल चुका है। अब 36 प्रकार का अचार, 36 प्रकार के अनाज के प्रोडक्ट व अन्य कई प्रोडक्ट बनाकर अपनी हैं। अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं और गांवों में जाकर प्रशिक्षण दे रही हैं।
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तकनीकी खेती से बने उद्यमी
गांव गादड़मवास निवासी संजय कुमार खेती में तकनीकी का समावेश कर किसानों के लिए प्रेरणा बने। संजय ने बताया कि वर्ष 2012 में एक निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मी की नौकरी छोड़ पांच एकड़ भूमि पर आधुनिक तरीके से पारंपरिक फसलों की अपेक्षा मोटे अनाज व सब्जियों का उत्पादन शुरू किया था। वर्ष में एक एकड़ से तीन बार सब्जियों का उत्पादन ले रहे हैं। वर्तमान समय में सालाना 15 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफ भी पहुंच गया है। माईक्रो इरिगेशन, मलचिंग, ड्रिप इरिगेशन, लो टनल जैसे आधुनिक तरीकों से वर्तमान समय में 30 एकड़ में अच्छा उत्पादन ले रहे हैं।


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स्वरोजगार में शबनम बनीं प्रेरणा
महेंद्रगढ़ निवासी शबनम देवी महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा बनी हैं। वर्ष 2020 में कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर सिलाई का काम शुरू किया था। अब दस महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। शहर के आजाद चौक पर अपनी दुकान शुरू की थी। अब सालाना दो लाख रुपये तक आय ले रही हैं। सालाना 50 से अधिक लड़कियों एवं महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार कर रही हैं।

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

फोटो संख्या:62- शबनम देवी

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