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Mahendragarh-Narnaul News: बीरबल की खिचड़ी बना भवन निर्माण, सुविधाओं के अभाव से मरीज परेशान
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फोटो संख्या:53- निर्माणाधीन नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद
महेंद्रगढ़।
नागरिक अस्पताल का नया भवन बीरबल की खिचड़ी बन चुका है और पांच साल से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं भवन निर्माण की समय सीमा भी एक साल पहले बीत चुकी है। नए भवन के लिए साल 2021 में 26 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव बनाया गया और भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
अब भवन की सात मंजिल बन चुकी हैं। पिछले छह माह से अस्पताल में बिजली उपकरण लगाने का कार्य चल रहा है। फर्श बनाने, खिड़की-दरवाजे लगाने, रंग-पेंट का कार्य बचा है। दिसंबर में भवन निर्माण के लिए 23.2 करोड़ रुपये का रिवाइज बजट जारी किया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह राशि पीडब्ल्यूडी को सौंपी जा चुकी है।
अब संबंधित एजेंसी को बजट की कमी हो रही है और इसके चलते भवन का कार्य रोका गया है। वहीं दूसरी ओर पुराने भवन में मरीजों को उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। नई मशीनें लगाने के लिए पुराने भवन में जगह नहीं है और यह पूरा भवन जर्जर हो चुका है। सीलन होने के कारण प्लास्टर झड़ रहा है।
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बारिश में छतों से पानी टपक रहा है। यहां पर अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, नेत्र ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही भवन में डॉक्टरों व स्टाफ का अभाव बना हुआ है।
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वर्जन
भवन का कार्य पूरा करने के लिए नया एस्टीमेट बनाया गया है और नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया गया है और अनुमति मिलने पर पर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद भवन का कार्य शुरू हो पाएगा।
-अनिल कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी, महेंद्रगढ़
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नागरिक अस्पताल का नया भवन बीरबल की खिचड़ी बन चुका है और पांच साल से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं भवन निर्माण की समय सीमा भी एक साल पहले बीत चुकी है। नए भवन के लिए साल 2021 में 26 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव बनाया गया और भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
अब भवन की सात मंजिल बन चुकी हैं। पिछले छह माह से अस्पताल में बिजली उपकरण लगाने का कार्य चल रहा है। फर्श बनाने, खिड़की-दरवाजे लगाने, रंग-पेंट का कार्य बचा है। दिसंबर में भवन निर्माण के लिए 23.2 करोड़ रुपये का रिवाइज बजट जारी किया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह राशि पीडब्ल्यूडी को सौंपी जा चुकी है।
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अब संबंधित एजेंसी को बजट की कमी हो रही है और इसके चलते भवन का कार्य रोका गया है। वहीं दूसरी ओर पुराने भवन में मरीजों को उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। नई मशीनें लगाने के लिए पुराने भवन में जगह नहीं है और यह पूरा भवन जर्जर हो चुका है। सीलन होने के कारण प्लास्टर झड़ रहा है।
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बारिश में छतों से पानी टपक रहा है। यहां पर अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, नेत्र ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही भवन में डॉक्टरों व स्टाफ का अभाव बना हुआ है।
वर्जन
भवन का कार्य पूरा करने के लिए नया एस्टीमेट बनाया गया है और नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया गया है और अनुमति मिलने पर पर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद भवन का कार्य शुरू हो पाएगा।
-अनिल कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी, महेंद्रगढ़