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बाछोद हवाई पट्टी होगी विकसित, बनेगा हवाई अड्डा
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बाछोद स्थित हवाई पट्टी।
- फोटो : Narnol
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क्षेत्र के लिए खुशखबरी है कि प्रदेश सरकार सिविल एयर स्ट्रिप (हवाई पट्टी) बाछोद का विस्तार करने जा रही है। इस हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में बदला जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। अभी मंजूरी मिलनी बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि बजट सत्र में हवाई अड्डे के लिए अलग से बजट का प्रावधान होगा। हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए नागरिक एवं उड्डयन मंत्री दुष्यंत चौटाला का सकारात्मक रुख है। इसके लिए पांच कंपनियों से अनुबंध भी हो चुका है और उनके ऑफिस भी यहां खोले जा रहे हैं।
बता दें कि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने 12 अक्तूबर 2021 को नारनौल में एक कार्यक्रम में आए हुए थे तो उन्होंने बाछोद हवाई पट्टी का दौरा किया था। उस समय उन्होेंने अधिकारियों से बातचीत कर हवाई पट्टी का विस्तार करने का निर्णय लिया था। इसके बाद नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हवाई अड्डा बनाने के लिए सरकार की ओर से 200 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जाएगी। यह जमीन बाछोद, मिर्जापुर, भीलवाड़ा गांवों की अधिकृत की जाएगी। इनमें कुछ जमीन बाछोद एवं मिर्जापुर गांव की पंचायती जमीन भी होगी। जमीन अधिग्रहण का सर्वे भी किया जा चुका है। इसकी फाइल भी जमा कर दी गई है। अब सरकार की मंजूरी का इंतजार रहेगा।
हवाई अड्डा विस्तारीकरण पर यह होगा काम
हवाई अड्डा विस्तारीकरण के लिए रन-वे की लंबाई 3400 से बढ़ाकर 5500 फुट की जाएगी। एक अलग से पैरलल टैक्सी ट्रैक (पीपीटी) कंकरीट का बनाया जाएगा। इस ट्रैक पर जहाज खड़े रहेंगे और उड़ान के लिए घूम कर रन-वे पर चले जाएंगे। ट्रैक पर लगभग चार-पांच जहाज खड़े हो सकेंगे। इसके अलावा आने वाले उपकरणों को इंस्टाल किया जाएगा। इसके अलावा एक हैंगर बनाया जाएगा, जिसके अंदर जहाज सुरक्षा दृष्टि से खड़े रह सकेंगे।
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जेट हवाई क्राफ्ट भरेंगे उड़ान
हवाई अड्डा बनने के बाद यहां पर रीजन कनेक्टिविटी सर्विस (आरसीएस) तैयार हो जाएगी। इसके बाद जिले के देश में कहीं भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। इसके शुरू होने पर चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, मुंबई ज्यादा दूर नहीं रहेगा। कुछ घंटों में ही हवाई मार्ग से यह दूरी तय की जा सकेगी। हवाई अड्डा से 50 सीटर जेट विमान उड़ान भरेंगे। वर्तमान में रन-वे छोटा होने की वजह से सी-90, सीसी-172, टेकनाम जैसे छोटे जहाज ही उड़ान भर सकते हैं। कई निजी जेट यहां आते भी हैं।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
जल्द ही बाछोद हवाई पट्टी नया मुकाम हासिल करेगी। हवाई पट्टी के हवाई अड्डे में तबदील होने से क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिले को एक नई दिशा एवं पहचान मिलेेगी। सरकार को भी इससे फायदा होगा और उसकी आय बढ़ेगी। हवाई अड्डा बनने से दिल्ली पर दबाव कम हो जाएगा।
पांच कंपनियों से सरकार का हो चुका अनुबंध
जानकारी के अनुसार सरकार का रेड बर्ड, अलकामिस्ट, फैलप एविएशन, कैशटेक एविएशन, पॉयनियर एविएशन तथा एफएसटीसी आदि कंपनियों से अनुबंध हो चुका है। इनमें एफएसटीसी को छोड़कर चार कंपनियां यहां पहले ही जहाज रिपेयरिंग का कार्य कर रही हैं। अब इनको चार्टेड प्लेन के लिए ऑफिस अलॉट किए जा रहे हैं। इनके ऑफिस बनाने जाने का कार्य चल रहा है। इन्हीं कंपनियों के चार्टेड प्लेन भी यहां से उड़ान भरेंगे।
हवाई अड्डे को जोड़ा जाएगा नहरी पानी से
किसी भी प्रोजेक्ट को सेटअप करने के लिए तीन चीजें सड़क, पानी तथा बिजली की आवश्यकता होती है। हवाई अड्डा स्थापित करने से पहले सरकार इसको नहरी पानी से जोड़ेगी। यह पानी भीलवाड़ा नहर से प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए सिविल एविएशन बाछोद की ओर से एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। हवाई अड्डे के लिए बिजली का अलग से 11 केवी का फीडर स्थापित किया जाएगा। इसका भी एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है। सड़क तथा रेलवे लाइन इसके पास से ही गुजरती है। एनएच 11 नारनौल से रेवाड़ी एक किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन भी एक किलोमीटर पड़ता है। हवाई अड्डे की सड़क एवं रेल दोनों से भी कनेक्टिविटी ठीक रहेगी।
एयर क्राफ्ट की होती है रिपेयरिंग
यह हवाई पट्टी 1986 में बनाई गई थी। कई वर्षों तक यह पट्टी वीरान पड़ी रही। पिछले कुछ वर्षों में इस पर काफी काम हुआ है। नई एयर स्ट्रिप और जहाज रिपेयरिंग के लिए बड़ा हैंगर बनाया गया। अब यहां पर जहाजों की रिपेयरिंग होती है। प्रतिमाह औसतन दो जहाज रिपेयरिंग के लिए आते हैं। हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया है। अभी वर्तमान में एक कंपनी की ओर से स्काई ड्राइविंग भी सिखाया जाता है।
सरकार बाछोद हवाई पट्टी का विस्तारीकरण करने पर विचार कर रही है। हमने इसका प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। लगभग 200 एकड़ जमीन इसके लिए और अधिकृत की जाएगी। 11 केवी फीडर तथा नहरी पानी के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज चुके हैं। सरकार मैनपावर की व्यवस्था कर दे तो काम बहुत तेजी से हो सकता है। -सुरेश यादव, सिविल एविएशन बाछोद।
हरियाणा में जितनी भी हवाई पट्टी हैं उनके विस्तारीकरण के लिए सरकार की ओर से सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। बाछोद हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए धन का अभाव नहीं रहने दिया जाएगा। -दुष्यंत चौटाला, उप मुख्यमंत्री, हरियाणा।
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बता दें कि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने 12 अक्तूबर 2021 को नारनौल में एक कार्यक्रम में आए हुए थे तो उन्होंने बाछोद हवाई पट्टी का दौरा किया था। उस समय उन्होेंने अधिकारियों से बातचीत कर हवाई पट्टी का विस्तार करने का निर्णय लिया था। इसके बाद नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालय से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हवाई अड्डा बनाने के लिए सरकार की ओर से 200 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जाएगी। यह जमीन बाछोद, मिर्जापुर, भीलवाड़ा गांवों की अधिकृत की जाएगी। इनमें कुछ जमीन बाछोद एवं मिर्जापुर गांव की पंचायती जमीन भी होगी। जमीन अधिग्रहण का सर्वे भी किया जा चुका है। इसकी फाइल भी जमा कर दी गई है। अब सरकार की मंजूरी का इंतजार रहेगा।
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हवाई अड्डा विस्तारीकरण पर यह होगा काम
हवाई अड्डा विस्तारीकरण के लिए रन-वे की लंबाई 3400 से बढ़ाकर 5500 फुट की जाएगी। एक अलग से पैरलल टैक्सी ट्रैक (पीपीटी) कंकरीट का बनाया जाएगा। इस ट्रैक पर जहाज खड़े रहेंगे और उड़ान के लिए घूम कर रन-वे पर चले जाएंगे। ट्रैक पर लगभग चार-पांच जहाज खड़े हो सकेंगे। इसके अलावा आने वाले उपकरणों को इंस्टाल किया जाएगा। इसके अलावा एक हैंगर बनाया जाएगा, जिसके अंदर जहाज सुरक्षा दृष्टि से खड़े रह सकेंगे।
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जेट हवाई क्राफ्ट भरेंगे उड़ान
हवाई अड्डा बनने के बाद यहां पर रीजन कनेक्टिविटी सर्विस (आरसीएस) तैयार हो जाएगी। इसके बाद जिले के देश में कहीं भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। इसके शुरू होने पर चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, मुंबई ज्यादा दूर नहीं रहेगा। कुछ घंटों में ही हवाई मार्ग से यह दूरी तय की जा सकेगी। हवाई अड्डा से 50 सीटर जेट विमान उड़ान भरेंगे। वर्तमान में रन-वे छोटा होने की वजह से सी-90, सीसी-172, टेकनाम जैसे छोटे जहाज ही उड़ान भर सकते हैं। कई निजी जेट यहां आते भी हैं।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
जल्द ही बाछोद हवाई पट्टी नया मुकाम हासिल करेगी। हवाई पट्टी के हवाई अड्डे में तबदील होने से क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिले को एक नई दिशा एवं पहचान मिलेेगी। सरकार को भी इससे फायदा होगा और उसकी आय बढ़ेगी। हवाई अड्डा बनने से दिल्ली पर दबाव कम हो जाएगा।
पांच कंपनियों से सरकार का हो चुका अनुबंध
जानकारी के अनुसार सरकार का रेड बर्ड, अलकामिस्ट, फैलप एविएशन, कैशटेक एविएशन, पॉयनियर एविएशन तथा एफएसटीसी आदि कंपनियों से अनुबंध हो चुका है। इनमें एफएसटीसी को छोड़कर चार कंपनियां यहां पहले ही जहाज रिपेयरिंग का कार्य कर रही हैं। अब इनको चार्टेड प्लेन के लिए ऑफिस अलॉट किए जा रहे हैं। इनके ऑफिस बनाने जाने का कार्य चल रहा है। इन्हीं कंपनियों के चार्टेड प्लेन भी यहां से उड़ान भरेंगे।
हवाई अड्डे को जोड़ा जाएगा नहरी पानी से
किसी भी प्रोजेक्ट को सेटअप करने के लिए तीन चीजें सड़क, पानी तथा बिजली की आवश्यकता होती है। हवाई अड्डा स्थापित करने से पहले सरकार इसको नहरी पानी से जोड़ेगी। यह पानी भीलवाड़ा नहर से प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए सिविल एविएशन बाछोद की ओर से एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। हवाई अड्डे के लिए बिजली का अलग से 11 केवी का फीडर स्थापित किया जाएगा। इसका भी एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है। सड़क तथा रेलवे लाइन इसके पास से ही गुजरती है। एनएच 11 नारनौल से रेवाड़ी एक किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन भी एक किलोमीटर पड़ता है। हवाई अड्डे की सड़क एवं रेल दोनों से भी कनेक्टिविटी ठीक रहेगी।
एयर क्राफ्ट की होती है रिपेयरिंग
यह हवाई पट्टी 1986 में बनाई गई थी। कई वर्षों तक यह पट्टी वीरान पड़ी रही। पिछले कुछ वर्षों में इस पर काफी काम हुआ है। नई एयर स्ट्रिप और जहाज रिपेयरिंग के लिए बड़ा हैंगर बनाया गया। अब यहां पर जहाजों की रिपेयरिंग होती है। प्रतिमाह औसतन दो जहाज रिपेयरिंग के लिए आते हैं। हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया है। अभी वर्तमान में एक कंपनी की ओर से स्काई ड्राइविंग भी सिखाया जाता है।
सरकार बाछोद हवाई पट्टी का विस्तारीकरण करने पर विचार कर रही है। हमने इसका प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। लगभग 200 एकड़ जमीन इसके लिए और अधिकृत की जाएगी। 11 केवी फीडर तथा नहरी पानी के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज चुके हैं। सरकार मैनपावर की व्यवस्था कर दे तो काम बहुत तेजी से हो सकता है। -सुरेश यादव, सिविल एविएशन बाछोद।
हरियाणा में जितनी भी हवाई पट्टी हैं उनके विस्तारीकरण के लिए सरकार की ओर से सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। बाछोद हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए धन का अभाव नहीं रहने दिया जाएगा। -दुष्यंत चौटाला, उप मुख्यमंत्री, हरियाणा।