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Mahendragarh-Narnaul News: चीनी के दाम बढ़े तो 2 से 5 रुपये चाय भी हुई महंगी
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सिहमा। चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पहले से दाल, तेल, मसाले, गैस और आटे की महंगाई झेल रहे लोगों के लिए अब चीनी भी चिंता का कारण बन गई है। चीनी महंगी होने से शहर में चाय 2 से 5 महंगी हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले तक चीनी 44 से 45 रुपये किलो मिल रही थी, जो करीब एक पखवाड़े में बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में भी चीनी के भाव करीब 6000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल बताए जा रहे हैं। बढ़ती कीमत का असर चाय पर भी पड़ा है। लोगों के मुताबिक पहले 15 रुपये में मिलने वाली एक कप चाय अब 17-20 रुपये तक पहुंच गई है।
चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे गन्ने के उत्पादन में कमी, एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल और आगामी त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उत्पादन घटने से बाजार में आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
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भीम सिंह, मैनपाल सिंह, हरिसिंह, बाबूलाल, लालाराम, महावीर सिंह, फूल सिंह और रामकिशन ने कहा कि महंगाई से गरीब परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से चीनी के दाम नियंत्रित करने की मांग की।
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ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले तक चीनी 44 से 45 रुपये किलो मिल रही थी, जो करीब एक पखवाड़े में बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में भी चीनी के भाव करीब 6000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल बताए जा रहे हैं। बढ़ती कीमत का असर चाय पर भी पड़ा है। लोगों के मुताबिक पहले 15 रुपये में मिलने वाली एक कप चाय अब 17-20 रुपये तक पहुंच गई है।
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चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे गन्ने के उत्पादन में कमी, एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल और आगामी त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उत्पादन घटने से बाजार में आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
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भीम सिंह, मैनपाल सिंह, हरिसिंह, बाबूलाल, लालाराम, महावीर सिंह, फूल सिंह और रामकिशन ने कहा कि महंगाई से गरीब परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से चीनी के दाम नियंत्रित करने की मांग की।