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ओलावृष्टि से सरसों की फसल में 50 से 90 प्रतिशत तक नुकसान

Sat, 21 Dec 2019 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 11:57 PM IST
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ओलावृष्टि से खराब फसलों का सर्वे शुक्रवार हो गया। कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारी की संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों में जाकर सर्वे किया। मौके पर खेत के मालिक किसान को भी बुलाया गया। सर्वे के समय उनको नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट भी बताई।
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ओलावृष्टि के नुकसान का आंकलन करने के लिए अपने शेड्यूल के अनुसार टीम ने सतनाली, बास, जड़वा, पथरवा, जवाहर नगर, नंगला, बलाना, ढाढोत के गांवों में सरसों की फसल में सर्वे शुरू कर दिया। टीम की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार इन गांवों में 90 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। सोहला, बलायचा, बुडीन गांवों में 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ। शुक्रवार को बीओ गजानंद, बीमा कंपनी प्रतिनिधि जितेंद्र, एडीओ नवीन ने उपरोक्त गावों का सर्वे किया। जिस खेत का सर्वे किया गया उसमें किसान को भी मौके पर बुलाया गया। सर्वे का काम पूरा करने के लिए तीन टीम गठित की गई हैं। जिसमें तीन कर्मचारी कृषि विभाग और तीन बीमा कंपनी की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित गांवों के एडीओ भी सर्वे में शामिल किए हैं।
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फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के बाद रिपोर्ट की एक प्रति डीडीओ कार्यालय नारनौल, एक प्रति बीमा कंपनी, और एक प्रति किसान को दी जा रही है। किसानों की ओर से नुकसान के बारे में दिए गए फार्मों की जांच की जा रही है। जिससे यह पता चल जाएगा कि कौन किसान केसीसी होल्डर है। जिसका प्रीमियम जमा हुआ है। जिन किसानों का प्रीमियम जमा नहीं होगा उनके फार्म रिजेक्ट हो जाएंगे। इस रिपोर्ट के अनुसार ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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15 गांवों का होगा सर्वे
सतनाली एरिया में 12 दिसंबर की रात को ओलावृष्टि हुई थी। जिसमें 15 गांवों में सबसे अधिक नुकसान हुआ। महेंद्रगढ़ में 400 तथा नारनौल में 300 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। गांव पाली, बुडीन, सोहना, ढाढोत, बलाना, बलायचा, निंबेहड़ा, राजावास, कुराहवटा में सरसों की अगेती फसल को नुकसान हुआ है। किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को नुकसान की सूचना 72 घंटे में दर्ज करानी थी।

कृषि विभाग की ओर से तय शेड्यूल के अनुसार सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट फाइनल हो जाएगी। कुछ गांवों में 50 से 60 तो कहीं पर 90 प्रतिशत का नुकसान भी मिला है। रिपोर्ट की एक प्रति किसान को भी दी जा रही है। किसान को मौके पर बुलाया भी जा रहा है।
- अनिल यादव, पर्यवेक्षक ,कृषि सांख्यिकी ,महेंद्रगढ़।
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