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तीन वर्ष बाद भी गांव दौंगड़ा नहीं बन पाया आदर्श गांव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:40 AM IST
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा सांसद द्वारा गोद लिए गए गांव दौंगड़ा अहीर तीन वर्षों में भी ादर्श गांव नहीं बन पाया है। गांव में आज भी बिजली, पानी तथा सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गांव गोद लेने के बाद सांसद चौ. धर्मबीर सिंह के समक्ष ग्रामीणों ने जो मांगे रखी थीं वो अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। हालांकि सांसद ने गांव की पंचायत के खाते में एक वर्ष पूर्व पौने तीन करोड़ रुपये डलवाए थे। उन रुपयों से शमशान घाट, सड़कें, पानी निकासी नालों पर काम कछुआ गति से चल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पैसे होते हुए भी गांव का विकास नहीं हो रहा। गांव में सबसे ज्यादा समस्या पानी की है। धिकतर गांव में खारा पानी ही सप्लाई हो रहा है। मीठा पानी कभी कभार ही सप्लाई होता है। इसके लिए ग्रामीण कई बार सांसद से मिल चुके हैं, किंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मिनी स्टेडियम 2011-15 योजना में बनना शुरू हुआ था उस पर अभी तक 11 लाख रुपये की खर्च हुए हैं। पैसों के अभाव में स्टेडियम का कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद को यहां से 90 प्रतिशत वोट दिए थे। उसके बाद भी गांव में विकास नहीं हो रहा। सांसद द्वारा गांव में गोद लेने पर ग्रामीणों एक उम्मीद जगी थी कि उनका गांव अब विकास की ओर अग्रसर होगा और एक आदर्श गांव बनेगा किंतु अभी तक उनकी उम्मीद हकीकत में नहीं बदल पाई है।
खारे पानी की होती है सप्लाई:
ग्रामीणों ने बताया कि दक्षिणी दौंगड़ा में खारा पानी की सप्लाई होती है, जबकि उत्तरी में मीठा पानी की। मीठा पानी तीन-चार दिन में एक बार ही आता है। गांव की गलियों में नयी पाइप लाइन डाली गई हैं, किंतु बहुत से स्थानों पर पुरानी लाइन डली हुई है जो जगह-जगह से टूटी हुई है। लाइन टूटी रहने के कारण घरों में पानी सप्लाई नहीं हो पाता।
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पुरानी लाइटें पड़ी हैं खराब:
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइट के लिए सोलर लाइटें लगाई गई हैं किंतु हाल ही में लगाई गई 45 सोलर लाइटें ही चालू हैं। पुरानी लाइटें खराब पड़ी हैं। उनकी रिपेयर भी नहीं करवाई जा रही जिस कारण गलियों में रात को अंधेरा छाया रहता है।
गांव की फिरनी पर नहीं लगी ईंट:
दौंगड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की फिरनी लगभग दो किलोमीटर है किंतु आधी फिरनी ही पक्की हो रखी है जबकि आधी फिरनी पर आज तक किसी भी सरकार ने एक ईंट भी नहीं लगवाई। ग्रामीणों ने बताया कि गोद लेने के बाद एक दो सड़कों पर काम हुआ है वह भी अधूरा है। गांव की कुछ गलियां अभी तक कच्ची पड़ी हैं। पेयजल लाइन डालने पर टूटी सड़कों की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है।
सांसद ने पंचायत के खाते में पौने तीन करोड़ रुपये डाले थे। जिन पैसों से गांव में गंदा पानी निकासी का नाला बनवा दिया गया है। शमशान घाट, व्यायामशाला आदि स्थानों पर काम चल रहा है। पंचायती राज अधिकारी ठेकेदार की पेमेंट नहीं कर रहे। इस वजह से काम धीमा चल रहा है। अभी तक 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
- नीतू यादव, सरपंच, दौंगड़ा अहीर।
मैंने गांव में कोई घोषणा नहीं की। ग्रामीणों ने मुझे एक मांग पत्र दिया था। मांग कोई भी कर सकता है। पंचायत के खाते में पौने तीन करोड़ रुपये की एक किश्त और एक करोड़ रुपये अलग-अलग किश्तों में डलवा दिए हैं। काम धीमी गति से चल रहा है उसके लिए मैंने अधिकारियों को जिन एजेंसी के पास काम है उसको रद्द करने के लिए बोल दिया था। अगर रद्द नहीं किया तो इसके बारे में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- धर्मबीर सिंह, सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी।
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ग्रामीणों ने बताया कि पैसे होते हुए भी गांव का विकास नहीं हो रहा। गांव में सबसे ज्यादा समस्या पानी की है। धिकतर गांव में खारा पानी ही सप्लाई हो रहा है। मीठा पानी कभी कभार ही सप्लाई होता है। इसके लिए ग्रामीण कई बार सांसद से मिल चुके हैं, किंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मिनी स्टेडियम 2011-15 योजना में बनना शुरू हुआ था उस पर अभी तक 11 लाख रुपये की खर्च हुए हैं। पैसों के अभाव में स्टेडियम का कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद को यहां से 90 प्रतिशत वोट दिए थे। उसके बाद भी गांव में विकास नहीं हो रहा। सांसद द्वारा गांव में गोद लेने पर ग्रामीणों एक उम्मीद जगी थी कि उनका गांव अब विकास की ओर अग्रसर होगा और एक आदर्श गांव बनेगा किंतु अभी तक उनकी उम्मीद हकीकत में नहीं बदल पाई है।
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खारे पानी की होती है सप्लाई:
ग्रामीणों ने बताया कि दक्षिणी दौंगड़ा में खारा पानी की सप्लाई होती है, जबकि उत्तरी में मीठा पानी की। मीठा पानी तीन-चार दिन में एक बार ही आता है। गांव की गलियों में नयी पाइप लाइन डाली गई हैं, किंतु बहुत से स्थानों पर पुरानी लाइन डली हुई है जो जगह-जगह से टूटी हुई है। लाइन टूटी रहने के कारण घरों में पानी सप्लाई नहीं हो पाता।
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पुरानी लाइटें पड़ी हैं खराब:
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइट के लिए सोलर लाइटें लगाई गई हैं किंतु हाल ही में लगाई गई 45 सोलर लाइटें ही चालू हैं। पुरानी लाइटें खराब पड़ी हैं। उनकी रिपेयर भी नहीं करवाई जा रही जिस कारण गलियों में रात को अंधेरा छाया रहता है।
गांव की फिरनी पर नहीं लगी ईंट:
दौंगड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की फिरनी लगभग दो किलोमीटर है किंतु आधी फिरनी ही पक्की हो रखी है जबकि आधी फिरनी पर आज तक किसी भी सरकार ने एक ईंट भी नहीं लगवाई। ग्रामीणों ने बताया कि गोद लेने के बाद एक दो सड़कों पर काम हुआ है वह भी अधूरा है। गांव की कुछ गलियां अभी तक कच्ची पड़ी हैं। पेयजल लाइन डालने पर टूटी सड़कों की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है।
सांसद ने पंचायत के खाते में पौने तीन करोड़ रुपये डाले थे। जिन पैसों से गांव में गंदा पानी निकासी का नाला बनवा दिया गया है। शमशान घाट, व्यायामशाला आदि स्थानों पर काम चल रहा है। पंचायती राज अधिकारी ठेकेदार की पेमेंट नहीं कर रहे। इस वजह से काम धीमा चल रहा है। अभी तक 30 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
- नीतू यादव, सरपंच, दौंगड़ा अहीर।
मैंने गांव में कोई घोषणा नहीं की। ग्रामीणों ने मुझे एक मांग पत्र दिया था। मांग कोई भी कर सकता है। पंचायत के खाते में पौने तीन करोड़ रुपये की एक किश्त और एक करोड़ रुपये अलग-अलग किश्तों में डलवा दिए हैं। काम धीमी गति से चल रहा है उसके लिए मैंने अधिकारियों को जिन एजेंसी के पास काम है उसको रद्द करने के लिए बोल दिया था। अगर रद्द नहीं किया तो इसके बारे में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- धर्मबीर सिंह, सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी।