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Mahendragarh-Narnaul News: बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट
Thu, 16 Oct 2025 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:27 PM IST
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नारनौल। देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे पर बाल विवाह की आशंका पर जिला प्रशासन महेंद्रगढ़ अलर्ट है। इस सामाजिक बुराई पर रोक लगाने के लिए वीरवार को जिले के अटेली, बाछौद, नसीबपुर, निवाज नगर तथा हुडिना में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संरक्षण अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि सभी क्षेत्रों में गांवों के मौजिज नागरिकों, सरपंचों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, वर्कर, टेंट हाउस संचालकों, विवाह समारोह स्थलों, नगर पार्षदों और समाज सेवियों से सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया है कि इस दिन आयोजित होने वाले किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत 112 अथवा 1098 नंबर पर दें।
उन्होंने धार्मिक संस्थाओं जैसे मंदिर, गुरुद्वारे, मौलवी और पादरी आदि से भी आग्रह किया है कि शादी संपन्न करवाते समय लड़का-लड़की की उम्र का विशेष ध्यान रखें।
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सरिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष से कम और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम पाए जाने पर यह बाल विवाह माना जाएगा। यह एक गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है। बाल विवाह करवाने या उसे बढ़ावा देने वालों को 2 साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्यवाही होती है।
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संरक्षण अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि सभी क्षेत्रों में गांवों के मौजिज नागरिकों, सरपंचों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, वर्कर, टेंट हाउस संचालकों, विवाह समारोह स्थलों, नगर पार्षदों और समाज सेवियों से सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया है कि इस दिन आयोजित होने वाले किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत 112 अथवा 1098 नंबर पर दें।
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उन्होंने धार्मिक संस्थाओं जैसे मंदिर, गुरुद्वारे, मौलवी और पादरी आदि से भी आग्रह किया है कि शादी संपन्न करवाते समय लड़का-लड़की की उम्र का विशेष ध्यान रखें।
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सरिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष से कम और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम पाए जाने पर यह बाल विवाह माना जाएगा। यह एक गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है। बाल विवाह करवाने या उसे बढ़ावा देने वालों को 2 साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्यवाही होती है।