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साइबर ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार
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सीआईए पुलिस ने साइबर क्राइम करने वाले गिरोह के एक अन्य सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति के खाते से पांच लाख रुपये की चपत लगाने की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। इससे पूर्व इस गिरोह में शामिल एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रवक्ता ने बताया कि साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक अन्य सदस्य सद्दाम को सीआईए नारनौल की टीम ने रविवार को नूहं के पुन्हाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर अपना गुनाह कुबूल करते हुए गिरोह में संलिप्त होने की जानकारी दी।
नारनौल शहर के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया और जान पहचान वाला बताते हुए भरोसे में लेकर पेमेंट एप के माध्यम से उसके अकाउंट से 5 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना नारनौल ने मुकदमा दर्ज किया था। शहर थाना पुलिस और सीआईए की पुलिस टीम ने तकनीकी सेल को सहायता से मामले में कार्रवाई करते हुए जालसाजों का पता लगाकर एक जालसाज आरोपी साजिद को गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ की गई। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की छानबीन करते हुए एक और जालसाज को पकड़ा। पुलिस ने जांच के दौरान पता लगाया कि आरोपियों ने हरियाणा के अलावा यूपी, बिहार, राजस्थान अन्य राज्यों में भी साइबर क्राइम की वारदात को अंजाम दिया है।
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जालसाज पीड़ित के पास फोन करके उसको रिश्तेदार, मित्र या अन्य जान पहचान वाला बताकर पीड़ित को विश्वास में ले लेते हैं। इसके बाद उसको किसी भी प्रकार की परिस्थिति बताकर पैसे की मांग करते हैं। फिर ये जालसाज उसके पास से अकाउंट संबंधित जानकारी पूछकर अथवा मोबाइल में कोई अन्य एप डाउनलोड कराकर या क्यूआर कोड/लिंक भेजकर पेमेंट एप के माध्यम से उसके अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं। साइबर क्राइम करने वाले जालसाजों से बचने के लिए आमजन किसी भी अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल के झांसे में आकर अपनी अकाउंट से संबंधित जानकारी अज्ञात के साथ सांझा न करें और अज्ञात द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड या लिंक पर क्लिक न करें।
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प्रवक्ता ने बताया कि साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक अन्य सदस्य सद्दाम को सीआईए नारनौल की टीम ने रविवार को नूहं के पुन्हाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर अपना गुनाह कुबूल करते हुए गिरोह में संलिप्त होने की जानकारी दी।
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नारनौल शहर के एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया और जान पहचान वाला बताते हुए भरोसे में लेकर पेमेंट एप के माध्यम से उसके अकाउंट से 5 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना नारनौल ने मुकदमा दर्ज किया था। शहर थाना पुलिस और सीआईए की पुलिस टीम ने तकनीकी सेल को सहायता से मामले में कार्रवाई करते हुए जालसाजों का पता लगाकर एक जालसाज आरोपी साजिद को गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ की गई। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की छानबीन करते हुए एक और जालसाज को पकड़ा। पुलिस ने जांच के दौरान पता लगाया कि आरोपियों ने हरियाणा के अलावा यूपी, बिहार, राजस्थान अन्य राज्यों में भी साइबर क्राइम की वारदात को अंजाम दिया है।
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जालसाज पीड़ित के पास फोन करके उसको रिश्तेदार, मित्र या अन्य जान पहचान वाला बताकर पीड़ित को विश्वास में ले लेते हैं। इसके बाद उसको किसी भी प्रकार की परिस्थिति बताकर पैसे की मांग करते हैं। फिर ये जालसाज उसके पास से अकाउंट संबंधित जानकारी पूछकर अथवा मोबाइल में कोई अन्य एप डाउनलोड कराकर या क्यूआर कोड/लिंक भेजकर पेमेंट एप के माध्यम से उसके अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं। साइबर क्राइम करने वाले जालसाजों से बचने के लिए आमजन किसी भी अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल के झांसे में आकर अपनी अकाउंट से संबंधित जानकारी अज्ञात के साथ सांझा न करें और अज्ञात द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड या लिंक पर क्लिक न करें।