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प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को लग रहा ग्रहण
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए समय-समय पर स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियान के दौरान पार्टी नेता, पदाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी अपने हाथों में झाड़ू लेकर लोगों को स्वच्छता का संदेश देते हुए नजर आते हैं। दूसरी ओर नारनौल शहर के हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। स्वच्छता संदेश केवल फोटो ख्ंिाचवाने तक ही सीमित हो रहा है, क्योंकि हकीकत में देखा जाए तो शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। करीब एक लाख लोगों की आबादी वाले शहर के बाजारों और 25 वार्डों के अनेक मोहल्लों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। इससे दुर्गंध फैल रही है। शहर में मोहल्लों का ही नहीं, बल्कि मुख्य बाजारों का भी सफाई व्यवस्था सही नहीं होने के कारण बुरा हाल है। सबसे ज्यादा बुरे हालात आजाद चौक, सब्जी मंडी के पास व पुल बाजार क्षेत्र के हैं।
बता दें कि नगर परिषद अधिकारी व कर्मचारी सफाई कर्मचारियों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। परंतु शहर के हालात जस के तस बने हुए हैं। वहीं नगर परिषद के प्रतिदिन कूड़ा उठान के दावों पर उस समय सवाल खड़े हो जाते हैं। कूड़े के ढ़ेर लगने के कारण बीमरियां फैलने का डर बना हुआ है।
शहर को जोन में बांटकर की जा रही सफाई
सफाई-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नगर परिषद ने करीब एक लाख की आबादी वाले शहर को चार जोन में बांटा हुआ है। इसके बावजूद शहर में सफाई का बुरा हाल है। नगर परिषद नारनौल के अंतर्गत 25 वार्ड बने हुए हैं और इन 25 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। इन चार जोन में से तीन जोन की सफाई का कार्य 180 कर्मचारियों के जिम्मे है। इनमें से 124 कर्मचारी डेली वेजिज या ठेके पर हैं, जबकि 56 कर्मचारी नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए इतने कर्मचारी होने के बावजूद भी शहर में सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
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आजाद चौक के पास लगे गंदगी के ढेर, दुकानदार परेशान
शहर के मुख्य बाजार में सब्जी मंडी के पास स्थित आजाद चौक पर सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। यहां पर सही प्रकार से सफाई नहीं होने के कारण आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों के अनुसार नप के कर्मचारी कभी कभार ही कूड़े का उठान करते हैं। दस-दस दिन तक एक ही जगह कूड़ा सड़ता रहता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध से दुकानदारों को काफी परेशानी होती है।
सौ के करीब ही कर्मचारी कर रहे सफाई
शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद द्वारा 180 कर्मचारियों को लगाया गया है। करीब 35 से अधिक कर्मचारी विभिन्न अधिकारियों की कोठियों पर ड्यूटी कर रहे हैं। 25-30 कर्मचारी शहर में कूड़ा उठाने के लिए चल रही ट्रॉलियों पर लगे हुए हैं। कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए वाहनों पर भी 15-20 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें कुछ कर्मचारी बुजुर्ग की श्रेणी में भी आते हैं। जोकि कार्य करने में सक्षम नहीं हैं। इस प्रकार देखा जाए तो 100 के करीब ही सफाई कर्मचारी सही रूप में कार्य पर लगे हुए हैं।
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रात के समय कर्मचारियों से सफाई करवाई जा रही है। वहीं शहरवासियों को भी शहर को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करना होगा। तभी हम इस अभियान में सफल हो पाएंगे।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद नारनौल।
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नारनौल। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए समय-समय पर स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियान के दौरान पार्टी नेता, पदाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी अपने हाथों में झाड़ू लेकर लोगों को स्वच्छता का संदेश देते हुए नजर आते हैं। दूसरी ओर नारनौल शहर के हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। स्वच्छता संदेश केवल फोटो ख्ंिाचवाने तक ही सीमित हो रहा है, क्योंकि हकीकत में देखा जाए तो शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। करीब एक लाख लोगों की आबादी वाले शहर के बाजारों और 25 वार्डों के अनेक मोहल्लों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। इससे दुर्गंध फैल रही है। शहर में मोहल्लों का ही नहीं, बल्कि मुख्य बाजारों का भी सफाई व्यवस्था सही नहीं होने के कारण बुरा हाल है। सबसे ज्यादा बुरे हालात आजाद चौक, सब्जी मंडी के पास व पुल बाजार क्षेत्र के हैं।
बता दें कि नगर परिषद अधिकारी व कर्मचारी सफाई कर्मचारियों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। परंतु शहर के हालात जस के तस बने हुए हैं। वहीं नगर परिषद के प्रतिदिन कूड़ा उठान के दावों पर उस समय सवाल खड़े हो जाते हैं। कूड़े के ढ़ेर लगने के कारण बीमरियां फैलने का डर बना हुआ है।
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शहर को जोन में बांटकर की जा रही सफाई
सफाई-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नगर परिषद ने करीब एक लाख की आबादी वाले शहर को चार जोन में बांटा हुआ है। इसके बावजूद शहर में सफाई का बुरा हाल है। नगर परिषद नारनौल के अंतर्गत 25 वार्ड बने हुए हैं और इन 25 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। इन चार जोन में से तीन जोन की सफाई का कार्य 180 कर्मचारियों के जिम्मे है। इनमें से 124 कर्मचारी डेली वेजिज या ठेके पर हैं, जबकि 56 कर्मचारी नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए इतने कर्मचारी होने के बावजूद भी शहर में सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
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आजाद चौक के पास लगे गंदगी के ढेर, दुकानदार परेशान
शहर के मुख्य बाजार में सब्जी मंडी के पास स्थित आजाद चौक पर सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। यहां पर सही प्रकार से सफाई नहीं होने के कारण आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों के अनुसार नप के कर्मचारी कभी कभार ही कूड़े का उठान करते हैं। दस-दस दिन तक एक ही जगह कूड़ा सड़ता रहता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध से दुकानदारों को काफी परेशानी होती है।
सौ के करीब ही कर्मचारी कर रहे सफाई
शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद द्वारा 180 कर्मचारियों को लगाया गया है। करीब 35 से अधिक कर्मचारी विभिन्न अधिकारियों की कोठियों पर ड्यूटी कर रहे हैं। 25-30 कर्मचारी शहर में कूड़ा उठाने के लिए चल रही ट्रॉलियों पर लगे हुए हैं। कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए वाहनों पर भी 15-20 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें कुछ कर्मचारी बुजुर्ग की श्रेणी में भी आते हैं। जोकि कार्य करने में सक्षम नहीं हैं। इस प्रकार देखा जाए तो 100 के करीब ही सफाई कर्मचारी सही रूप में कार्य पर लगे हुए हैं।
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रात के समय कर्मचारियों से सफाई करवाई जा रही है। वहीं शहरवासियों को भी शहर को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करना होगा। तभी हम इस अभियान में सफल हो पाएंगे।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद नारनौल।