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आशा वर्कर्स यूनियन की बैठक
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:29 AM IST
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आशा वर्कर्स ने सीएम सिटी में महापड़ाव डालने की रणनीति बनाई
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक वीरवार को चितवन वाटिका में हुई। बैठक में 16 जुलाई को करनाल में होने वाले महापड़ाव के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
इस अवसर राज्य महासचिव सुरेश ने कहा कि यूनियन ने 16 जुलाई से मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में घेरा डालो-डेरा डाला महापड़ाव का आह्वान किया है। अभी 16 जुलाई से 17 जुलाई तक दो दिन के महापड़ाव की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई तक नोटिफिकेशन जारी न होने की स्थिति में महापड़ाव को जारी रखने और अनिश्चितकालीन हड़ताल करने या फिर अन्य किसी बड़े आंदोलन की घोषणा की जाऐेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वर्कर्स विरोधी सरकार है। सरकार ने यूनियन के साथ किए गए समझौतों को अभी तक लागू नहीं किया है। सरकार ने आशा वर्कर्स के साथ 1 फरवरी को समझौता किया था। इस समझौते को चार महीने तक भी लागू नहीं किया गया था। मजबूरन आशाओं को चार महीने बाद आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 13 जून को सरकार ने आंदोलन के दबाव में समझौते का नोटिफिकेशन तो जारी किया, परंतु नोटिफिकेशन को जारी करते हुए कई शर्तों लागू कर दी है। आशाओं ने इस नोटिफिकेशन को स्वीकार नहीं किया और आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि 15 जून आशाओं के जेल भरो आंदोलन के दबाव में सरकार ने माना कि नोटिफिकेशन जारी करने में कुछ गड़बड़ी हुई है और जल्द से जल्द इन गड़बड़ी को दूर करके नया नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 20 दिन बाद भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो यूनियन के राज्य प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर नोटिफिकेशन करने पर बातचीत की। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिसके कारण आशा वर्कर्स में सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स एक बार फिर से सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई के महापड़ाव की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। इस मौके पर निशा, रेखा, अनीता, संतोष, अंजू, मंजू व सुधा आदि मौजूद थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक वीरवार को चितवन वाटिका में हुई। बैठक में 16 जुलाई को करनाल में होने वाले महापड़ाव के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
इस अवसर राज्य महासचिव सुरेश ने कहा कि यूनियन ने 16 जुलाई से मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में घेरा डालो-डेरा डाला महापड़ाव का आह्वान किया है। अभी 16 जुलाई से 17 जुलाई तक दो दिन के महापड़ाव की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई तक नोटिफिकेशन जारी न होने की स्थिति में महापड़ाव को जारी रखने और अनिश्चितकालीन हड़ताल करने या फिर अन्य किसी बड़े आंदोलन की घोषणा की जाऐेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वर्कर्स विरोधी सरकार है। सरकार ने यूनियन के साथ किए गए समझौतों को अभी तक लागू नहीं किया है। सरकार ने आशा वर्कर्स के साथ 1 फरवरी को समझौता किया था। इस समझौते को चार महीने तक भी लागू नहीं किया गया था। मजबूरन आशाओं को चार महीने बाद आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 13 जून को सरकार ने आंदोलन के दबाव में समझौते का नोटिफिकेशन तो जारी किया, परंतु नोटिफिकेशन को जारी करते हुए कई शर्तों लागू कर दी है। आशाओं ने इस नोटिफिकेशन को स्वीकार नहीं किया और आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि 15 जून आशाओं के जेल भरो आंदोलन के दबाव में सरकार ने माना कि नोटिफिकेशन जारी करने में कुछ गड़बड़ी हुई है और जल्द से जल्द इन गड़बड़ी को दूर करके नया नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि 20 दिन बाद भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो यूनियन के राज्य प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर नोटिफिकेशन करने पर बातचीत की। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिसके कारण आशा वर्कर्स में सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स एक बार फिर से सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई के महापड़ाव की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। इस मौके पर निशा, रेखा, अनीता, संतोष, अंजू, मंजू व सुधा आदि मौजूद थी।
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