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महेंद्रगढ़ के कनाट प्लेस में लावारिस पशुओं का राज

Wed, 27 Mar 2019 12:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2019 12:34 AM IST
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महेंद्रगढ़ के कनाट प्लेस में लावारिस पशुओं का राज
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। लावारिस पशुओं के कारण शहर के सबसे प्रमुख बाजार शॉपिंग कांप्लेक्स एरिया में दिनभर डर रहता है। यहां ग्राहक ही नहीं दुकानदार भी हमेशा डर के साये में रहते हैं। दिनभर लावारिस पशु इस एरिया में घूमते रहते हैं। जरा सी चूक होने पर सब्जी या किरयाना की दुकान में बाहर रखे सामान को भी चट कर जाते हैं। जिस कांप्लेक्स को कभी महेंद्रगढ़ का कनाट प्लेस कहकर दुकानदारों को बेचा गया था आज उस कांप्लेक्स में पशुओं का बोलबाला है।
पूरा महेंद्रगढ़ शहर लावारिस पशुओं के कारण परेशान है। आला अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को यह लावारिस पशु नजर नहीं आते। अगर उनको यह पशु नजर आते हैं तो भी इनका समाधान करने के बारे में किसी के पास कोई योजना नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग अपनी उपलब्धियों को गिनाने में व्यस्त रहते हैं। जिसमें स्थानीय स्तर का कोई मुद्दा नहीं होता। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर चौकीदार होने का दम भरकर अपनी छाती चौड़ी करते हैं। दूसरी ओर विपक्ष के नाम पर महेंद्रगढ़ में पूरी तरह से सन्नाटा है। विपक्ष के नेताजी होली दिवाली के मौके पर ही शहर में आते हैं। उस दिन भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताकर चले जाते हैं। लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसे पर अब तक आवाज नहीं उठाई। स्थानीय नगर पालिका स्तर पर भी लावारिस पशुओं को हटाने के लिए कोई गंभीरता नहीं। शहरवासी कई बार मांग उठा चुके हैं। इसके बावजूद उनकी आवाज अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के कानों तक नहीं पहुंचती। शहर में नगर पालिका ने शॉपिंग कांप्लेक्स एरिया विकसित किया था। जिसमें करीब 400 से अधिक दुकानें हैं। इन दुकानों के चारों ओर लावारिस पशुओं का आतंक है।
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मैं चाय की दुकान चलाता हूं। दिनभर चाय देने के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। जरा सी देर हो जाए तो डर लगा रहता है कि दुकान सलामत मिलेगी या नहीं। दस दिन पहले ही एक चाय वाले दुकानदार साथी को लावारिस पशु ने मार डाला। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
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- रोहताश तिवाड़ी, दुकानदार।

कपड़े की दुकान होने के कारण कुछ पुतले गेट के आसपास रखने पड़ते हैं। लावारिस पशु यहां से टहलते हुए पुतलों को गिरा जाते हैं। कई बार दुकान के बाहर गंदगी कर जाते हैं। पशुओं को भगाने जाओ तो हमला बोल देते हैं। मैं खुद तीन पर पशुओं की चपेट में आ चुका हूं।
राज, दुकानदार।

लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान एक ही है। सभी पशुओं को गोशाला में भेजा जाए। अगर एक भी पशु गोशाला से वापस बाहर आए तो पहले गोशाला संचालक पर कार्रवाई की जाए। सरकार गोशालाओं को समय समय पर अनुदान देकर उनकी मदद करे।
- कमल कुमार, दुकानदार।

शॉपिंग कांप्लेक्स एरिया में हर समय पशु मंडराते रहते हैं। हर सप्ताह किसी न किसी को यह पशु टक्कर मारते हैं। महिलाएं व बच्चे दिनभर इन पशुओं से बचकर निकलते हैं। सभी पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजा जाए। शहर में सैकड़ों की संख्या में लावारिस पशु हैं।

प्रभाती लाल, दुकानदार

वर्जन
लावारिस पशुओं को पकड़ने में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। इस बारे में अधिकारियों से जानकारी मांगी है। सचिव का पद खाली होने के कारण पुरानी फाइल नहीं मिल पा रही। ठेकेदार से बात कर पशुओं को पकड़वाने का प्रयास किया जाएगा।
- रमेश बोहरा, उपप्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।
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