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महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति प्रधान अनशन पर बैठे
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सम्मान संघर्ष समिति जिला मुख्यालय स्थापित करवाने की मांग को लेकर समिति के प्रधान राजबीर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। समिति का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को कोर्ट के सामने 25वें दिन जारी रहा।
समिति सदस्य और सरताज जनसेवा ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय नारनौल में होने के कारण महेंद्रगढ़ कि जनता परेशान है। इस मांग को लेकर महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। यहां के विधायक और मंत्री रामबिलास शर्मा भी इस मामले पर मौन हैं। विपक्ष के नेता, पूर्व विधायक को भी सांप सा सूंघ गया है। रविवार को सीएम से मिलने गए थे लेकिन वहां पर प्रशासन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। प्रशासन ने समिति सदस्यों को सीएम से मिलने नहीं दिया। वहां पर मौजूद महेंद्रगढ़ के पार्टी पदाधिकारी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। महेंद्रगढ़ एक सबसे पुराना जिला है लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जो रहा है। सोमवार को समिति के प्रधान राजबीर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। राजबीर ने बताया कि वो इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे। चाहे इसमें कुछ भी करना पड़े। इस अवसर पर अजय सीगड़ा, राजबीर प्रधान, मनीष राजपूत, दिनेश सोनी, नरेश खातोद, नवीप जाटवास, पवन देव दुलौठ, राजबीर सरपंच उपस्थित थे।
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महेंद्रगढ़। सम्मान संघर्ष समिति जिला मुख्यालय स्थापित करवाने की मांग को लेकर समिति के प्रधान राजबीर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। समिति का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को कोर्ट के सामने 25वें दिन जारी रहा।
समिति सदस्य और सरताज जनसेवा ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय नारनौल में होने के कारण महेंद्रगढ़ कि जनता परेशान है। इस मांग को लेकर महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। यहां के विधायक और मंत्री रामबिलास शर्मा भी इस मामले पर मौन हैं। विपक्ष के नेता, पूर्व विधायक को भी सांप सा सूंघ गया है। रविवार को सीएम से मिलने गए थे लेकिन वहां पर प्रशासन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। प्रशासन ने समिति सदस्यों को सीएम से मिलने नहीं दिया। वहां पर मौजूद महेंद्रगढ़ के पार्टी पदाधिकारी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। महेंद्रगढ़ एक सबसे पुराना जिला है लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जो रहा है। सोमवार को समिति के प्रधान राजबीर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। राजबीर ने बताया कि वो इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे। चाहे इसमें कुछ भी करना पड़े। इस अवसर पर अजय सीगड़ा, राजबीर प्रधान, मनीष राजपूत, दिनेश सोनी, नरेश खातोद, नवीप जाटवास, पवन देव दुलौठ, राजबीर सरपंच उपस्थित थे।
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