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सेफ्टी दीवार बनाने की मांग
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:51 AM IST
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नाले की सेफ्टी दीवार बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। अटेली-बहरोड़ सड़क मार्ग पर स्थित गांव बिहाली बस स्टैंड पर पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले पर सेफ्टी दीवार नहीं है। इस वजह से यहां दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। गांव के निवासी बिजेंद्र सिंह, बाबूलाल, धनपत, बीरसिंह, बलबीर सिंह, मनोज कुमार, पप्पू आदि ने बताया कि गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए सड़क मार्ग से नाला बनाया गया है। सड़क के नवीनीकरण के बाद नाले की सेफ्टी दीवार पूर्ण रूप से खत्म कर दी गई। नाले से सटकर गांव का मुख्य मार्ग है। इससे हर समय छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। लेकिन, नाले पर दीवार न होने के कारण किसी भी समय कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। नाले का आलम यह है कि अंजान व्यक्ति को नाले का कोई पता नहीं लगता। वह हादसे का शिकार हो सकता है। दीवार हटने के बाद सड़क मार्ग नाले से ऊंचा हो गया। आम नागरिक के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहन और स्कूली वाहन भी नाले से सटे मार्ग से ही गुजरते हैं। इन लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह सड़क मार्ग का नवीनीकरण किया है उसी तरह नाले की दीवार का भी निर्माण करवाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। अटेली-बहरोड़ सड़क मार्ग पर स्थित गांव बिहाली बस स्टैंड पर पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले पर सेफ्टी दीवार नहीं है। इस वजह से यहां दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। गांव के निवासी बिजेंद्र सिंह, बाबूलाल, धनपत, बीरसिंह, बलबीर सिंह, मनोज कुमार, पप्पू आदि ने बताया कि गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए सड़क मार्ग से नाला बनाया गया है। सड़क के नवीनीकरण के बाद नाले की सेफ्टी दीवार पूर्ण रूप से खत्म कर दी गई। नाले से सटकर गांव का मुख्य मार्ग है। इससे हर समय छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। लेकिन, नाले पर दीवार न होने के कारण किसी भी समय कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। नाले का आलम यह है कि अंजान व्यक्ति को नाले का कोई पता नहीं लगता। वह हादसे का शिकार हो सकता है। दीवार हटने के बाद सड़क मार्ग नाले से ऊंचा हो गया। आम नागरिक के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहन और स्कूली वाहन भी नाले से सटे मार्ग से ही गुजरते हैं। इन लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह सड़क मार्ग का नवीनीकरण किया है उसी तरह नाले की दीवार का भी निर्माण करवाए।