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जिला मुख्यालय का मांग पूरी नहीं हुई तो गांव -गांव जाकर विधायक के खिलाफ विरोध जताएंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। मुख्यालय की मांग को लेकर महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति का धरना बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर समिति के सदस्य दिनेश सोनी ने धरने का नेतृत्व किया। समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। जिला मुख्यालय की मांग को लेकर सरकार के प्रति गुस्सा जताया।
धरना स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दिनेश सोनी ने कहा कि महेंद्रगढ़ काफी पुराना जिला है। आज भी यह जिला अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। महेंद्रगढ़ नाम से जिला होने के बावजूद सभी विभागों के मुख्यालय नारनौल में बनाए गए हैं। सैकड़ों लोगों को अपनी निजी काम के लिए रोजाना नारनौल जाना पड़ता है। जिससे आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता।
हरियाणा गठन के बाद इस क्षेत्र से जितने भी प्रतिनिधि हुए किसी ने भी महेंद्रगढ़ के लिए आवाज नहीं उठाई। पिछले 53 वर्षों में महेंद्रगढ़ को उसका हक नहीं मिला। दिनेश सोनी ने कहा की अगर यहां के विधायक इस मांग को पूरा करने में नाकाम साबित होते हैं तो आने वाले चुनाव में उनका गांव-गांव जाकर उनका विरोध करेंगे। जब तक सरकार मांगे नहीं मानती तब तक धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर राजबीर प्रधान, मनीष राजपूत, नवीन जाटवास, वेदपाल डुलाना, बाबूलाल महायच, सुमेर सिंह आदि उपस्थित थे।
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महेंद्रगढ़। मुख्यालय की मांग को लेकर महेंद्रगढ़ सम्मान संघर्ष समिति का धरना बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर समिति के सदस्य दिनेश सोनी ने धरने का नेतृत्व किया। समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। जिला मुख्यालय की मांग को लेकर सरकार के प्रति गुस्सा जताया।
धरना स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दिनेश सोनी ने कहा कि महेंद्रगढ़ काफी पुराना जिला है। आज भी यह जिला अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। महेंद्रगढ़ नाम से जिला होने के बावजूद सभी विभागों के मुख्यालय नारनौल में बनाए गए हैं। सैकड़ों लोगों को अपनी निजी काम के लिए रोजाना नारनौल जाना पड़ता है। जिससे आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता।
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हरियाणा गठन के बाद इस क्षेत्र से जितने भी प्रतिनिधि हुए किसी ने भी महेंद्रगढ़ के लिए आवाज नहीं उठाई। पिछले 53 वर्षों में महेंद्रगढ़ को उसका हक नहीं मिला। दिनेश सोनी ने कहा की अगर यहां के विधायक इस मांग को पूरा करने में नाकाम साबित होते हैं तो आने वाले चुनाव में उनका गांव-गांव जाकर उनका विरोध करेंगे। जब तक सरकार मांगे नहीं मानती तब तक धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर राजबीर प्रधान, मनीष राजपूत, नवीन जाटवास, वेदपाल डुलाना, बाबूलाल महायच, सुमेर सिंह आदि उपस्थित थे।
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