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हकेविवि
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट पाली के कुलपति के यादव सभा महेंद्रगढ़ के साथ सही व्यवहार नहीं करने के कारण पदाधिकारियों और समाज में रोष है। यादव सभा के पदाधिकारी केंद्रीय विश्वविद्यालय के नामकरण के संदर्भ में और दिवंगत पत्रकार रमेश यादव की विधवा की आर्थिक सहायता करने के लिए गए थे।
सभी पदाधिकारी एवं समाज के प्रमुख लोग लंबे समय से कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ से मिलने के लिए इंतजार करते रहे। लंबे इंतजार के बाद केवल दो सदस्यों को अंदर बुलाया गया। लोगों के अनुसार पदाधिकारियों के साथ भी सद्भावपूर्ण व्यवहार नहीं किया गया। विश्वविद्यालय के संबंध में जो ज्ञापन लेकर गए थे, उसकी कवरेज भी नहीं करने दी गई। उन्हें लिखित में भी कुछ नहीं दिया गया। केवल यह कह दिया गया कि आपका ज्ञापन मंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। पदाधिकारियों का कहना है कि कुलपति के व्यवहार से ऐसा लग रहा था कि वे मामले को उजागर करने की बजाए अपने तक ही सीमित रखना चाह रहे हैं। वर्ष 2009 में केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिलान्यास पर तत्कालीन मानव विकास संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह एवं मुख्मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम, भगवान श्रीकृष्ण केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट-पाली हरियाणा रखने की घोषणा की थी। समाज के प्रतिनिधि उस घोषणा के बारे में बताने और दिवंगत पत्रकार की विधवा को यादव सभा की ओर आर्थिक सहायता की राशि का चेक देने गए थे। दिवंगत पत्रकार की असामयिक मृत्यु पर यादव सभा ने समाज की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। यादव सभा के पदाधिकारियों ने कुलपति के व्यवहार के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे यादव समाज के प्रतिनिधि के रूप में गए थे। कुलपति ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया।
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महेंद्रगढ़। केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट पाली के कुलपति के यादव सभा महेंद्रगढ़ के साथ सही व्यवहार नहीं करने के कारण पदाधिकारियों और समाज में रोष है। यादव सभा के पदाधिकारी केंद्रीय विश्वविद्यालय के नामकरण के संदर्भ में और दिवंगत पत्रकार रमेश यादव की विधवा की आर्थिक सहायता करने के लिए गए थे।
सभी पदाधिकारी एवं समाज के प्रमुख लोग लंबे समय से कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ से मिलने के लिए इंतजार करते रहे। लंबे इंतजार के बाद केवल दो सदस्यों को अंदर बुलाया गया। लोगों के अनुसार पदाधिकारियों के साथ भी सद्भावपूर्ण व्यवहार नहीं किया गया। विश्वविद्यालय के संबंध में जो ज्ञापन लेकर गए थे, उसकी कवरेज भी नहीं करने दी गई। उन्हें लिखित में भी कुछ नहीं दिया गया। केवल यह कह दिया गया कि आपका ज्ञापन मंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। पदाधिकारियों का कहना है कि कुलपति के व्यवहार से ऐसा लग रहा था कि वे मामले को उजागर करने की बजाए अपने तक ही सीमित रखना चाह रहे हैं। वर्ष 2009 में केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिलान्यास पर तत्कालीन मानव विकास संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह एवं मुख्मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम, भगवान श्रीकृष्ण केंद्रीय विश्वविद्यालय जाट-पाली हरियाणा रखने की घोषणा की थी। समाज के प्रतिनिधि उस घोषणा के बारे में बताने और दिवंगत पत्रकार की विधवा को यादव सभा की ओर आर्थिक सहायता की राशि का चेक देने गए थे। दिवंगत पत्रकार की असामयिक मृत्यु पर यादव सभा ने समाज की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। यादव सभा के पदाधिकारियों ने कुलपति के व्यवहार के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे यादव समाज के प्रतिनिधि के रूप में गए थे। कुलपति ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया।
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