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हकेंवि में पशु कोशिका संवर्धन पर कार्यशाला में देशभर के विश्वविद्यालयों के 25 प्रतिभागी ले रहे भाग
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हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में बेसिक एनिमल सेल कल्चर टेक्निक्स पर सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से कुल 25 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यशाला विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)-विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा त्वरित विज्ञान कार्यशाला योजना के तहत वित्त पोषित है। विश्वविद्यालय के जैवरसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला की शुरूआत के अवसर पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागी लाभांवित होंगे।
जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवन कुमार मौर्य ने विभाग में उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी दी। स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की डीन व शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुईं। उन्होंने बड़े पैमाने पर चिकित्सा में टीकों के विकास व उत्पादन सहित सेल कल्चर में बुनियादी पशु सेल संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञ राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र (एनबीआरसी), गुरुग्राम के वैज्ञानिक डॉ. भवानी शंकर साहू ने विनियमित एक्सोसाइटोसिस और शारीरिक परिणाम पर व्याख्यान दिया। डॉ. साहू ने बायोमेडिकल और ट्रांसलेशनल रिसर्च में शक्तिशाली उपकरण के रूप में एनिमल सेल कल्चर के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम आयोजक डॉ. मुलका मारुति ने कार्यशाला में प्रशिक्षण का अवलोकन दिया। आयोजन समिति में डॉ. अंतरेश कुमार, डॉ. उषा नागराजन और डॉ. सौरभ सी. सक्सेना हैं। बैठक में सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग से प्रो. सुरेंद्र सिंह और प्रो. गुंजन गोयल और पर्यावरण विज्ञान से डॉ. मोना शर्मा ने भाग लिया।
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जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवन कुमार मौर्य ने विभाग में उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी दी। स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की डीन व शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुईं। उन्होंने बड़े पैमाने पर चिकित्सा में टीकों के विकास व उत्पादन सहित सेल कल्चर में बुनियादी पशु सेल संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञ राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र (एनबीआरसी), गुरुग्राम के वैज्ञानिक डॉ. भवानी शंकर साहू ने विनियमित एक्सोसाइटोसिस और शारीरिक परिणाम पर व्याख्यान दिया। डॉ. साहू ने बायोमेडिकल और ट्रांसलेशनल रिसर्च में शक्तिशाली उपकरण के रूप में एनिमल सेल कल्चर के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम आयोजक डॉ. मुलका मारुति ने कार्यशाला में प्रशिक्षण का अवलोकन दिया। आयोजन समिति में डॉ. अंतरेश कुमार, डॉ. उषा नागराजन और डॉ. सौरभ सी. सक्सेना हैं। बैठक में सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग से प्रो. सुरेंद्र सिंह और प्रो. गुंजन गोयल और पर्यावरण विज्ञान से डॉ. मोना शर्मा ने भाग लिया।
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