फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   अमर उजाला का स्टिंग ऑपरेशन

अमर उजाला का स्टिंग ऑपरेशन

Sun, 14 Oct 2018 12:59 AM IST
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:59 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला का स्टिंग ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। शहर की सब्जी मंडी में रात के अंधेेरे में बाजरे का अवैध कारोबार हो रहा है। मंडी में पड़ोसी प्रदेश से आया बाजरा बिना बोली लगे सीधे बोरियों में पैक कर गोदामों में भेजा जा रहा है। मार्केट कमेटी को इस बात की सूचना है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शुक्रवार की रात को अमर उजाला टीम ने मंडी में जाकर स्टिंग ऑपरेशन किया। इस दौरान राजस्थान की पिकअप में आया बाजरा सीधे ही बारदाना में डाला जा रहा था। बाजरे की न तो ढेरी की गई और न ही बोली लगाई गई। रात को अलग-अलग ट्रेडिंग कंपनियों पर चार वाहनों से बाजरा उतारकर सीधा बारदानों में पैक किया जा रहा था और उसको तोलकर दूसरी गाड़ी में लोड कर गोदामों में भेजा रहा था। मौके पर न तो कोई अधिकारी था और न ही कर्मचारी। मंडी में सीसीटीवी कैमरे की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई जिससे जांच की जा सके। शुक्रवार को बाजरे की खरीद का नंबर वेयर हाउस का था। जब इस संबंध में वेयर हाउस की मैनेजर रूबी हुड्डा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उनकी बारी नहीं थी जबकि इस संबंध में हैफेड परचेजर से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हैफेड ने तो शनिवार को परचेज किया है शुक्रवार को वेयर हाउस ने खरीद की थी। जब इस बारे में वेयर हाउस की मैनेजर से दोबारा बातचीत की तो उन्होंने यू टर्न लिया। उन्होंने बताया कि वो सतनाली की बात कर रही थी। आज वो सतनाली में खरीद कर रही हैं। कल तो महेंद्रगढ़ में ही की थी।
यह है बाजरे की खरीद का सिस्टम
बाजरे की खरीद के लिए सर्वप्रथम मार्केट कमेटी टोकन देती है। टोकन देने के बाद बाजरे की ढेरी लगाई जाती है। उसके बाद परचेजर उसकी जांच करता है। अगर जांच में फसल सही पाई जाती है तो उसको पास कर दिया जाता है और उसे भरने के लिए बारदाना दे दिया जाता है। उसके बाद आढ़ती की देखरेख में बाजरे का बारदाने में भरकर वेट कर गाड़ी में लोड करवा दिया जाता है।
विज्ञापन

ऐसा चल रहा है अंधेरे में खेल
मंडियों में किसानों की फसल न खरीदकर व्यापारियों की खरीदी जा रही है। व्यापारी दूसरे किसानों का रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर मार्केट कमेटी से गेट पास कटवा लेते हैं। उसके बाद बारदाना लेकर उसमें बाजरा भर देते हैं। माल की पैकिंग होने के बाद गोदाम भेज दिया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कमेटी के लोग गेट पास अपनी पहचान वालों को ज्यादा और किसानों को कम देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिन में भी देखी गई राजस्थान की पिकअप
शुक्रवार को दिन में राजस्थान की पिकअप बाजरे से भरी हुई मंडी में देखी गई। इस दौरान पिकअप ड्राइवर सेे बातचीत की तो उसने कुराहवटा गांव का बाजरा बताया लेकिन उसकी भाषा राजस्थानी थी जबकि गाड़ी भी राजस्थान नंबरों की थी।
दो दिन पहले पकड़ा 230 क्विंटल बाजरा
अनाज मंडी में दो दिन पहले भी एक गाड़ी पकड़ी गई थी। गाड़ी में लगभग 230 क्विंटल बाजरा दूसरे प्रदेश का भरा हुआ था। कमेटी ने उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना और लगभग 3200 रुपये मार्केट फीस भी लगाई थी।
सभी किसानों के आधार कार्ड और रजिस्ट्रेशन नंबर चेक किए गए हैं। उसके बाद ही बाजरे की खरीद की गई है। शुक्रवार शाम को ही वह मंडी से चली गई थी। उसके बाद की मुझे जानकारी नहीं है।

-रूपी हुड्डा, मैनेजर, हरियाणा वेयर हाउस
वर्जन:
सचिव के आदेश पर आज हमने एक आदमी मंडी में लगा दिया है। दो गेटों में एक गेट बंद रखा जाएगा। एक गेट पर मार्केट कमेटी का आदमी खड़ा रहेगा। एक गेट पर हमने सीसीटीवी कैमरा लगा भी रखा है।
-हरिकिशन, सह-सचिव, मार्केट कमेटी।

वर्जन:
शुक्रवार को खरीद वेयर हाउस ने की थी। हमारी खरीद की बारी शनिवार को है। अगर वेयर हाउस वाले ऐसा कह रहे हैं तो गलत कह रहे हैं।
-सुक्रमपाल, परचेजर, हैफेड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed