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दुष्यंत चौटाला से महिला किसान बोली साहब सुबह से चक्कर लगा रही हूं, कोई नहीं खरीद रहा सरसों

Thu, 04 Apr 2019 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2019 11:48 PM IST
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दुष्यंत चौटाला से महिला किसान बोली साहब सुबह से चक्कर लगा रही हूं, कोई नहीं खरीद रहा सरसों
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला वीरवार को महेंद्रगढ़ की अनाज मंडी में पहुंचे। यहां गांव बवाना की महिला किसान धनवती देवी ने कहा कि एमपी साहब मेरी सरसों खरीदने में आना कानी कर रहे हैं। सरसों में बेचने के लिए सुबह से चक्कर लगा रही हूं। कोई पूछने तक नहीं आ रहा। वहीं, हैंडलिंग एजेंट न होने के कारण और आवक अधिक होने से महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में वीरवार को सरसों की खरीद नहीं हो सकी।
हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला करीब तीन बजे अनाज मंडी में पहुंचे। मंडी में किसानों से मिले तो किसानों ने अपनी समस्याएं सुनाना शुरू कर दिया। गांव बवाना की महिला किसान धनवती ने कहा कि एमपी साहब दो दिन पहले मैं टोकन कटवा कर ले गई थी। सुबह से अनाज मंडी में सरसों डाले हुए हैं। कोई कुछ नहीं बता रहा, कैसे सरसों की खरीद होगी। कोई देखने के लिए नहीं आ रहा।
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सांसद दुष्यंत चौटाला ने मौके पर हैफेड के मैनेजर जगराम, योगेश शेखावत को मौके पर बुलाया। उन्होंने कहा कि पहले महिला किसान की सरसों की खरीद करो। अधिकारियों ने कहा कि एमपी साहब कैसे खरीदें, इसमें 11 फीसदी नमी है। सांसद ने डीसी डॉ. गरिमा मित्तल का मौके से फोन कर कहा कि मैडम महिला किसान रात को अनाज मंडी में कैसे ठहरेगी। इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करो। डीसी डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि इसके लिए कोई प्रयास करते हैं। वहीं, देर शाम तक भी खरीद न होने पर महिला किसान अपने परिचित को देखरेख करने के बारे में कहकर घर चली गई।
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बोले किसान
गांव मालड़ा निवासी रोहताश ने कहा एमपी साहब हमें सरसों की उतरवाई की मजदूरी खुद देनी पड़ रही है। यहां बैठने के लिए टीन शेड तक नहीं है। यहां पानी भी ठंडा नहीं है। खाने के लिए ढाबे पर जाना पड़ता है।

अमर सिंह बलायचा ने कहा कि मेरे खेत में 25 मण तक की पैदावार हुई है। सरकार एक एकड़ में 18 मण की खरीद कर रही है। अब बाकी सरसों को वापस कैसे लेकर जाएं। किसान परेशान हो रहे हैं।

गांव बवाना निवासी सोमवीर ने कहा कि हर एक बोरी पर पांच रुपये उतरवाई का खर्च दिया है। प्रशासन की ओर से किसानों के लिए कोई प्रबंध नहीं है। चाय ,खाना तो दूर यहां तो धूप से बचने के लिए कोई शेड,पेड़ तक नहीं।

बुडीन निवासी रण सिंह, सतबीर सिंह ने कहा कि हम होटल पर खाना खा रहे हैं। तीन दिन से पहले किसी की सरसों नहीं बिक रही। अब किस तरह से सरसों की खरीद होगी। सरसों के लिए दोपहर को धूप में तपना पड़ रहा है।

कनीना में पांच हजार क्विंटल सरसों उठान
कनीना। जगह कम होने के कारण कनीना मंडी में वीरवार को सरसों बेचने के लिए आए किसानों के वाहनों की लाईन लग गई। मंडी गेट से लेकर सदर पुलिस थाना तक सरसों से लदे वाहन खड़े रहे। जिससे आवागमन बाधित हो गया। जाम को खुलवाने के लिए पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। कनीना में सात हजार क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। करीब पांच हजार क्विंटल का उठान हो चुका है। हैफेड के प्रबंधक सतेंद्र सिंह ने कहा कि पांच अप्रैल को रसूलपुर, केमला, पाथेड़ा, अगिहार की सरसों खरीदेंगे। छह अप्रैल को करीरा, कोटिया, गाहड़ा, उन्हानी गांव के किसानों की सरसों खरीद की जाएगी।



वर्जन
महेंद्रगढ़ मंडी में हैंडलिंग एजेंट नहीं हैं। वीरवार को अन्य दिनों की अपेक्षा चार गुना अधिक आवक हुई है। हैफेड के पास व्यवस्था नहीं होने के कारण सरसों की खरीद नहीं की जा सकी। शुक्रवार सुबह नौ बजे डीसी डॉ. गरिमा मित्तल की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी, जिसमें हैंडलिंग एजेंट या सीधी खरीद के बारे में फैसला लिया जाएगा।
- देशराज, हैफेड जीएम
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