फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   ज्ञापन लेकर पहुंची छात्राएं बोली , सर महाविद्यालय के गेट से निकलने में भी खतरा

ज्ञापन लेकर पहुंची छात्राएं बोली , सर महाविद्यालय के गेट से निकलने में भी खतरा

Wed, 03 Apr 2019 12:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:32 AM IST
विज्ञापन
ज्ञापन लेकर पहुंची छात्राएं बोली , सर महाविद्यालय के गेट से निकलने में भी खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने लावारिस गोवंश को पकड़वाने की मांग की। छात्राओं ने मंगलवार को सीएम के नाम प्रेषित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। छात्राओं ने कहा कि पशुओं को नहीं हटाया गया तो सीएम विंडो पर शिकायत डालेंगे। अभाविप के सदस्यों ने कहा कि जल्द सीएम से मिलकर उन्हें भी मांगपत्र सौंपेंगे। इस दौरान छात्राओं ने कहा सर लावारिस पशुओं के चलते महाविद्यालय के गेट से निकलने में भी खतरा रहता है। अभाविप की छात्रा विंग की सदस्यों ने लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार मुख्तार को सौंपा।
छात्रा विंग की प्रधान भारती राजपूत, मोनिका चौहान, अंकिता, रजनी, ज्योति, पूनम, ममता, लक्ष्मी सहित अन्य ने कहा कि लावारिस पशुओं के कारण राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महाविद्यालय के गेट के पास ही दर्जनों पशु दिन भर डेरा जमाए रहते हैं। लावारिस पशुओं के कारण छात्राओं को हमेशा खतरा रहता है। हिंसक तरीके से लड़ते हुए पशु छात्राओं की ओर भी दौड़ते हैं। कई बार छात्राएं लावारिस पशुओं के कारण चोटिल हो चुकी हैं। छात्राओं को महाविद्यालय से बस अड्डे तक पहुंचने में कई जगह लावारिस गोवंश का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


2.28 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं सुधरे हालात
प्रदेश सरकार अब तक महेंद्रगढ़ की गोशालाओं को 2 करोड़ 28 लाख रुपये दे चुकी है। यह पैसा गोसेवा आयोग के जरिए दिया गया। इसके बावजूद महेंद्रगढ़ में लावारिस गोवंश सड़कों पर है। गोवंश के लिए काफी संख्या में लोग दान भी देते हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से भी गोशालाओं को दान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार की डेडलाइन के बाद भी सड़कों पर पशु
जिले को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित करने के लिए सरकार की ओर से 2017 में दो बार डेडलाइन घोषित की गई थी। इसके बाद डीसी डॉ. गरिमा मित्तल ने 26 जनवरी 2019 के बाद सड़क पर कोई लावारिस पशु न रहने देने का एलान किया था। सरकार के बाद डीसी की घोषणा भी दम तोड़ गई। लावारिस पशुओं को सभी शहरों की सड़कों पर कब्जा है।


वर्जन
लावारिस पशुओं की समस्या पूरे शहर में है। अभाविप ने ज्ञापन देकर लावारिस पशुओं को पकड़वाने की मांग की है। इस मांगपत्र को आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मुख्तार, नायब तहसीलदार, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed