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सरसों की सीधी खरीद से आक्रोशित व्यापारियों का मंडी गेट पर तालाबंदी का अल्टीमेटम
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। सरसों की सीधी खरीद के आदेश जारी होने पर व्यापारियों ने प्रधान मोतीलाल सेठ के नेतृत्व में आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आढ़तियों को एजेंट नियुक्त करने की गुहार लगाई है। अन्यथा अनाज मंडी के प्रवेश द्वार पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए नांगल चौधरी में अनाज मंडी की स्थापना की गई थी। जिसमें व्यापारियों ने लाखों की लागत से दुकानों का निर्माण करवा लिया। लेकिन डार्कजोन में फसलों का उत्पादन घटने तथा ऑयल मीलों के अभाव में व्यापारी कारोबार शुरू नहीं कर पाए। सरकार द्वारा रबी व खरीफ सीजन में सरसों व बाजरे की खरीद की जाती है। जिसके कमीशन से परिवार का पालन-पौषण करना संभव होता है। इस बार सरकार ने किसानों से सरसों की सीधी खरीद करने के निर्देश दिए हैं। 28 मार्च से प्रदेश की मंडियों में खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिस पर नांगल चौधरी मंडी के व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। सीधी खरीद से किसानों को कागजी कार्रवाई पूरी करना संभव नहीं होगा। समय पर तोल नहीं होने की स्थिति में उन्हें रातभर मंडी में रुकना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से सीधी खरीद के आदेश वापस लेने की मांग की है। अन्यथा 28 मार्च को मंडी के गेट पर तालाबंदी कर दी जाएगी।
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नांगल चौधरी। सरसों की सीधी खरीद के आदेश जारी होने पर व्यापारियों ने प्रधान मोतीलाल सेठ के नेतृत्व में आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आढ़तियों को एजेंट नियुक्त करने की गुहार लगाई है। अन्यथा अनाज मंडी के प्रवेश द्वार पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए नांगल चौधरी में अनाज मंडी की स्थापना की गई थी। जिसमें व्यापारियों ने लाखों की लागत से दुकानों का निर्माण करवा लिया। लेकिन डार्कजोन में फसलों का उत्पादन घटने तथा ऑयल मीलों के अभाव में व्यापारी कारोबार शुरू नहीं कर पाए। सरकार द्वारा रबी व खरीफ सीजन में सरसों व बाजरे की खरीद की जाती है। जिसके कमीशन से परिवार का पालन-पौषण करना संभव होता है। इस बार सरकार ने किसानों से सरसों की सीधी खरीद करने के निर्देश दिए हैं। 28 मार्च से प्रदेश की मंडियों में खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिस पर नांगल चौधरी मंडी के व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। सीधी खरीद से किसानों को कागजी कार्रवाई पूरी करना संभव नहीं होगा। समय पर तोल नहीं होने की स्थिति में उन्हें रातभर मंडी में रुकना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से सीधी खरीद के आदेश वापस लेने की मांग की है। अन्यथा 28 मार्च को मंडी के गेट पर तालाबंदी कर दी जाएगी।
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