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नारनौल सैनी सभा की याचिका हाई कोर्ट में खारिज
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:00 AM IST
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नारनौल सैनी सभा की याचिका हाईकोर्ट में खारिज
नारनौल। शहर की सामाजिक संस्था सैनी सभा की याचिका हाई कोर्ट में खारिज हो गई है। सभा के कार्यकारिणी गठन को लेकर कोलिजियमों द्वारा नारनौल अदालत में डाली गई याचिका के खिलाफ सभा के महासचिव सुरेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट ने 24 जुलाई को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 7 सितंबर तक निचली कोर्ट को किसी भी कार्रवाई ना करने के लिए कहा था। वीरवार को हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश राजमोहन सिंह ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई करने के लिए नारनौल की अदालत का रास्ता साफ हो गया है। नारनौल में सिविल सब जज माननीय नीमित सोहल की अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई 18 सितंबर निर्धारित की है।
अधिवक्ता जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि 13 जून को सैनी सभा नारनौल के नवनियुक्त कालिजियम ईश्वर सिंह, लोकेश उर्फ गांधी, प्रदीप कुमार व भूपसिंह ने अदालत में याचिका दायर करके नवनियुक्त प्रधान बिशन कुमार पर सभा के संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इस याचिका पर अदालत ने प्रतिवादियों को 22 जून को तलब किया था। इस तिथि को नवनियुक्त प्रधान व चार अन्य पदाधिकारियों की तरफ से पेश हुए उनके वकील ने अदालत में 7(11) की अर्जी दाखिल करते हुए कहा था कि यह मामला अदालत के क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसलिए इसे खारिज किया जाए। इस दिन दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद अदालत ने इसको सुनने के लिए 3 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी और नवनियुक्त प्रधान के बयान करवाकर ना तो कार्यकारिणी बनाने और ना ही बैठक करने के लिए पाबंद कर दिया गया था। इसके बाद 3 जुलाई को नीमित कुमार की अदालत ने 7(11) की अर्जी पर दोनों पक्षों की बहस करके फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 5 जुलाई को अदालत ने नवनियुक्त प्रधान पक्ष की तरफ से दायर की गई अर्जी को खारिज करने का फैसला सुनाते हुए आगामी 10 जुलाई को इस मामले की सुनवाई रख दी थी।
नीमित कुमार की अदालत के फैसले के खिलाफ सैनी सभा के नवनिर्वाचित महासचिव सुरेंद्र कुमार ने 17 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 24 जुलाई को याची के अधिवक्ता द्वारा दलील दी गई थी कि चुनाव से संबंधित जो विवाद है, वो हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन सोसायटी एक्ट-2012 की धारा 89 के तहत है, जिस पर सिविल कोर्ट को सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। इस पर हाईकोर्ट के माननीय जज राजमोहनसिंह ने 7 सितंबर 2017 तक निचली अदालत की कार्रवाई को एडजार्न करके चार प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए थे। वीरवार को प्रतिवादियों की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद सैनी सभा की याचिका को खारिज के आदेश जारी कर दिए गए।
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नारनौल। शहर की सामाजिक संस्था सैनी सभा की याचिका हाई कोर्ट में खारिज हो गई है। सभा के कार्यकारिणी गठन को लेकर कोलिजियमों द्वारा नारनौल अदालत में डाली गई याचिका के खिलाफ सभा के महासचिव सुरेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट ने 24 जुलाई को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 7 सितंबर तक निचली कोर्ट को किसी भी कार्रवाई ना करने के लिए कहा था। वीरवार को हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश राजमोहन सिंह ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई करने के लिए नारनौल की अदालत का रास्ता साफ हो गया है। नारनौल में सिविल सब जज माननीय नीमित सोहल की अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई 18 सितंबर निर्धारित की है।
अधिवक्ता जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि 13 जून को सैनी सभा नारनौल के नवनियुक्त कालिजियम ईश्वर सिंह, लोकेश उर्फ गांधी, प्रदीप कुमार व भूपसिंह ने अदालत में याचिका दायर करके नवनियुक्त प्रधान बिशन कुमार पर सभा के संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इस याचिका पर अदालत ने प्रतिवादियों को 22 जून को तलब किया था। इस तिथि को नवनियुक्त प्रधान व चार अन्य पदाधिकारियों की तरफ से पेश हुए उनके वकील ने अदालत में 7(11) की अर्जी दाखिल करते हुए कहा था कि यह मामला अदालत के क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसलिए इसे खारिज किया जाए। इस दिन दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद अदालत ने इसको सुनने के लिए 3 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी और नवनियुक्त प्रधान के बयान करवाकर ना तो कार्यकारिणी बनाने और ना ही बैठक करने के लिए पाबंद कर दिया गया था। इसके बाद 3 जुलाई को नीमित कुमार की अदालत ने 7(11) की अर्जी पर दोनों पक्षों की बहस करके फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 5 जुलाई को अदालत ने नवनियुक्त प्रधान पक्ष की तरफ से दायर की गई अर्जी को खारिज करने का फैसला सुनाते हुए आगामी 10 जुलाई को इस मामले की सुनवाई रख दी थी।
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नीमित कुमार की अदालत के फैसले के खिलाफ सैनी सभा के नवनिर्वाचित महासचिव सुरेंद्र कुमार ने 17 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 24 जुलाई को याची के अधिवक्ता द्वारा दलील दी गई थी कि चुनाव से संबंधित जो विवाद है, वो हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन सोसायटी एक्ट-2012 की धारा 89 के तहत है, जिस पर सिविल कोर्ट को सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। इस पर हाईकोर्ट के माननीय जज राजमोहनसिंह ने 7 सितंबर 2017 तक निचली अदालत की कार्रवाई को एडजार्न करके चार प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए थे। वीरवार को प्रतिवादियों की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद सैनी सभा की याचिका को खारिज के आदेश जारी कर दिए गए।
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