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हकेंविवि
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं भारतीय भाषा विभाग की साहित्य समिति के तत्वावधान में लोकरंग के चितेरे और रंगकर्मी पद्मश्री हबीब तनवीर की 94वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत में शोधार्थी ऋतु रानी ने बताया कि भारतीय रंगमंच में हबीब तनवीर ने नए रंग और मुहावरे की तलाश की है। उनका यह मुहावरा परंपरा और आधुनिकता का मेल है। उन्होंने अपने नाटकों में मुख्यत: छत्तीसगढ़ी लोक शैली और लोकतत्वों का प्रयोग किया है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अमित मनोज ने बताया कि हबीब तनवीर ने रंगमंच के माध्यम से अनगढ़ लोक कलाकारों को जगह देकर लोक कला को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। उन्होंने अभिनय की एक अलग ही शैली विकसित की। तनवीर ने एक तरह से लोकधुन और रंगधुन को मिलाकर हबीबधुन की शैली से सबको प्रभावित किया। उन्होंने अभिनय करने के साथ ही आगरा बाजार, चरनदास चोर, मिट्टी की गाड़ी जैसे प्रसिद्ध नाटकों का निर्देशन भी किया। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को हबीब तनवीर की डाक्यूमेंट्री के साथ उनका नाटक चरनदास चोर दिखाया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शोधार्थी आलोक कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन छात्र प्रवीन कुमार ने किया। कार्यक्रम में विभाग के शोधार्थी अमन, लल्टू कुमार, संदीप, माइकल ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं भारतीय भाषा विभाग की साहित्य समिति के तत्वावधान में लोकरंग के चितेरे और रंगकर्मी पद्मश्री हबीब तनवीर की 94वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत में शोधार्थी ऋतु रानी ने बताया कि भारतीय रंगमंच में हबीब तनवीर ने नए रंग और मुहावरे की तलाश की है। उनका यह मुहावरा परंपरा और आधुनिकता का मेल है। उन्होंने अपने नाटकों में मुख्यत: छत्तीसगढ़ी लोक शैली और लोकतत्वों का प्रयोग किया है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अमित मनोज ने बताया कि हबीब तनवीर ने रंगमंच के माध्यम से अनगढ़ लोक कलाकारों को जगह देकर लोक कला को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। उन्होंने अभिनय की एक अलग ही शैली विकसित की। तनवीर ने एक तरह से लोकधुन और रंगधुन को मिलाकर हबीबधुन की शैली से सबको प्रभावित किया। उन्होंने अभिनय करने के साथ ही आगरा बाजार, चरनदास चोर, मिट्टी की गाड़ी जैसे प्रसिद्ध नाटकों का निर्देशन भी किया। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को हबीब तनवीर की डाक्यूमेंट्री के साथ उनका नाटक चरनदास चोर दिखाया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शोधार्थी आलोक कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन छात्र प्रवीन कुमार ने किया। कार्यक्रम में विभाग के शोधार्थी अमन, लल्टू कुमार, संदीप, माइकल ने सक्रिय भूमिका निभाई।