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कोरोनाकाल में सरकारी स्कूलों से 1902 बच्चे हो गए कम

Sun, 12 Jul 2020 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 11:12 PM IST
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1900 children died in gogernment schools
बच्चो की फाइल फोटो । - फोटो : Narnol
कोरोना के संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन के कारण सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी आई है। महेंद्रगढ़ जिले में मार्च की अपेक्षा जून में प्राइमरी और मिडिल कक्षाओं में 1902 बच्चे कम हो गए हैं। विभाग के अनुसार प्रवासी मजदूरों के घर जाने से सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या पर प्रभाव पड़ा है। हालांकि राहत की बात यह हैं कि निजी स्कूलों के सैकड़ों बच्चों ने सरकारी स्कूलों में भी दाखिला लिया है।
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बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च से लॉकडाउन लागू हो गया था। इसके बाद जिले के सरकारी स्कूल भी बंद हो गए थे, जो अभी भी बच्चों के लिए बंद चल रहे हैं। लॉकडाउन के बाद काफी संख्या में प्रवासी मजदूर बीच में अपने गांव चले गए। इसका असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या पर भी पड़ा है। हाल में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी ब्लॉकों के बीईईओ से बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसके अनुसार डीईईओ ने लॉकडाउन में लागू होने वाले मार्च 2020 और जून 2020 के बाद का बच्चों का ब्योरा मांगा था। जब विभाग ने जिले में स्कूलों के बच्चों की संख्या का आंकलन किया तो पहली से पांचवीं कक्षा तक 1102 बच्चे कम मिले। वहीं कक्षा छठीं से आठवीं तक 800 बच्चे कम मिले हैं।
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कक्षा तीन तक घटे तो चौथी व पांचवीं में बढ़े
शिक्षा विभाग के अनुसार मार्च की अपेक्षा जून में कक्षा एक में 1122 बच्चे कम हुए हैं। इसी प्रकार कक्षा दूसरी में 401 और कक्षा तीन में 262 बच्चे कम हुए हैं। यानि तीनों कक्षाओं 1785 बच्चे कम हुए। तीनों कक्षाओं में बच्चों की संख्या घटी। दूसरी ओर कक्षा चार और पांच में बच्चों की संख्या बढ़ी है। कक्षा चार में जून में 357 और पांचवीं में 326 बच्चों की संख्या बढ़ी। यानि दोनों कक्षाओं में 683 की संख्या बढ़ी।
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7वीं कक्षा में आई सबसे अधिक गिरावट
मिडिल कक्षाओं में मार्च और जून में बच्चों की संख्या कम हुई हैं। जून में कक्षा छह में 222, कक्षा सात में 421 और कक्षा आठ में 157 बच्चों की कमी आई। यानि तीनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 800 बच्चों की कमी आई।
संकट-पहली कक्षा में कम हुए हैं दाखिले
कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी और निजी स्कूल बंद हैं। ऐसे पहली कक्षा में काफी संख्या में बच्चों का अभी तक दाखिला नहीं हो सका है। ऐसे बच्चों का साल भी खराब हो सकता है। सरकारी स्कूलों के टीचरों ने अपने प्रयास से गांव के ऐसे बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया है। अभी भी कराने का प्रयास कर रहे हैं।
स्कूलों से मार्च और जून के बच्चों की संख्या मांगी गई थी। जिसमें बच्चों की संख्या में कमी आई है। प्रवासी मजदूरों के जाने से सरकारी स्कूलों की बच्चों की संख्या प्रभावित हुई है। हालांकि कक्षा चार र पांच में बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस दौरान निजी स्कूलों के बच्चों ने भी सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।

- नसीब सिंह, डीईईओ नारनौल
राजकीय प्राइमरी स्कूल खरखड़ी से मार्च व मई के बीच 22 प्रवासी बच्चे चले गए। लेकिन प्राइवेट स्कूलों के 20 बच्चों का नया दाखिला हुआ है। अभी दाखिला चल रहा है। जैसे स्कूल खुलेंगे दाखिलों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने का कारण प्रवासी बच्चे हैं।
विजय यादव, महासचिव, प्राथमिक शिक्षक संघ व टीचर जीपीएस खरखड़ी
जिले में कक्षावार बच्चों की संख्या-
माह-कक्षा-1-कक्षा-2-कक्षा-3-कक्षा-4-कक्षा-5- कुल
मार्च-3880-4437-4802-4515, 4234-21868
जून-2758-4036-4540-4872-4560-20766
माह-कक्षा 6-कक्षा-7-कक्षा-8- कुल
मार्च-4444-4940-5131-14515
जून-4222-4519-4974-13715
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