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Mahendragarh-Narnaul News: जिले के चार खंडों में टीबी के 175 मरीज सक्रिय

Wed, 12 Nov 2025 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 12 Nov 2025 11:26 PM IST
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175 TB patients are active in four blocks of the district.
फोटो संख्या:51- नागरिक अस्पताल मे मरीजों को टीबी के बारे में परामर्श देते चिकित्सक--- संवाद
महेंद्रगढ़। जिले के चार खंडों में टीबी के फिलहाल 175 मरीज सक्रिय हैं। इनका चारों खंडों के नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें से आठ मरीज एमडीआर टीबी (मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट टीबी) से ग्रस्त हैं। मरीजों का उपचार कर समय पर परिजनों की भी जांच की जा रही है।
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बता दें कि जिला स्वास्थ्य विभाग टीबी को खत्म करने के लिए नियमित ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में अभियान चला रहा है। विभाग की ओर से अब तक 5 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। हाल ही में 175 सैंपल टीबी पॉजिटिव पाए गए। अब विभाग की ओर से मरीजों का महेंद्रगढ़, सतनाली, नांगल चौधरी और कनीना में उपचार शुरू किया गया है।
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इनमें से 167 मरीजों में पल्मोनरी व एक्सट्रा पल्मोनरी स्टेज की टीबी पाई गई है जबकि 8 मरीजों में एमडीआर टीबी के लक्षण मिले हैं। अब इन मरीजों का उपचार शुरू किया गया है। साथ ही इनके परिजनों को भी टीपीटी (टीबी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट) किट प्रदान की गई है ताकि इस रोग का संक्रमण उनमें न हो सके।
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इंसेट

शहर में मिले 38 टीबी पॉजिटिव
टीबी अधिकारी डॉ. बाबूलाल यादव ने बताया कि महेंद्रगढ़ शहर में 38 मरीज सक्रिय हैं और इनका उपचार जारी है। इनमें से 3 मरीज एमडीआर टीबी, 17 एक्सट्रा पल्मोनरी व 18 पल्मोनरी टीबी से ग्रसित हैं। इन मरीजों को अब सरकार की ओर से प्रतिमाह 1 हजार रुपये सहायता राशि प्रदान की जाएगी ताकि मरीज अपना खानपान व दवाएं उचित प्रकार से ले सके। मरीजों की सूचना देने वाले व्यक्ति को मरीज के सैंपल पॉजिटिव पाए जाने पर 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इंसेट

दवा अधूरी छोड़ने से होता है एमडीआर
टीबी अधिकारी के अनुसार मरीजों में पल्मोनरी स्टेज से टीबी शुरू होती है। इसके लिए छह माह से एक साल तक का कोर्स होता है। यह जल्द ठीक हो जाता है। इसके बाद एक्सट्रा पल्मोनरी स्टेज होती है जिसको ठीक होने में 1 से दो साल का समय लगता है। अगर इन दोनों कोर्स को पूरा नहीं करते हैं या बार-बार दवाएं चेंज करते हैं तो उन मरीजों को एमडीआर टीबी हो जाती है। यह टीबी का अंतिम चरण होता है। इसको ठीक होने में लंबा समय लगता है और इसमें खर्च भी अधिक आता है।
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ये हैं टीबी रोग के लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार दो सप्ताह से अधिक खांसी आना, उल्टी में खून आना, बुखार आना, रात में अत्यधिक पसीना आना, बिना किसी कारण के वजन घटना या भूख में कमी होना, अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं।

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वर्जन
विभाग की ओर से टीबी को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल जिला के चार खंडों में 175 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनका उपचार शुरू किया जा चुका है। यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण नजर आएं तो सैंपल जांच करवाएं और चिकित्सक से समय पर उपचार लें।- डॉ. बाबूलाल यादव, टीबी अधिकारी, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:51- नागरिक अस्पताल मे मरीजों को टीबी के बारे में परामर्श देते चिकित्सक--- संवाद

फोटो संख्या:51- नागरिक अस्पताल मे मरीजों को टीबी के बारे में परामर्श देते चिकित्सक--- संवाद

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