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सिले बाजरा के कट्टे खरीदने पर महिला अधिकारी व आढ़तियों के बीच तकरार
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जब से नारनौल की पुरानी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू हुई, तब से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। लेकिन न तो अधिकारी उनकी परेशानी की ओर ध्यान दे रहे है और न ही सरकार। मंगलवार मंडी में कुछ आढ़तियों ने महिला अधिकारी से सिले कट्टे के बाजरे खरीदने का जोर दिया। जिस पर महिला अधिकारी ने आढ़तियों को कहा कि सिले हुए बाजरे कट्टों की खरीद नहीं होगी। इस पर आढ़ती महिला अधिकारी से उलझ गए और अपशब्द कहे। इससे बीच में खरीद कार्य प्रभावित हुआ।
मंगलवार को आढ़ती पहले खरीद करवाने को लेकर अधिकारियों के सामने ही आपस में उलझ गए और एक-दूसरे को देख लेने तक की धमकी दे डाली। यह देख स्टेट वेयर हाउस नारनौल की मैनेजर आनंद देवी ने कहा कि वह केवल खुली पड़ी ढेरी की ही खरीद करेगी। इसके बाद अधिकारी खरीद के मंडी पहुंची और खरीद शुरू की। इसी दौरान कुछ आढ़तियों ने अधिकारी से बाजरे के सिले हुए कट्टों की खरीद करने की बात कही। जिस पर अधिकारी ने आढ़तियों को स्पष्ट रूप से बाजरे के सिले कट्टों को खरीदने से मना कर दिया। इस पर आढ़ती महिला अधिकारी से उलझ गए और महिला अधिकारी को अपशब्द कह दिए। यह सुनकर अधिकारी खरीद कार्य बीच में ही छोड़कर मार्केट कमेटी कार्यालय में आकर बैठ गई। खरीद बंद होते ही किसान और व्यापारी भी अधिकारी के साथ-साथ मार्केट कमेटी में पहुंच गए।
खरीद अधिकारी आनंद देवी ने चेयरमैन जेपी सैनी के सामने ही खरीद कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे एचसीएस वकील अहमद से फोन पर बात की। आनंद देवी ने एचसीएस अधिकारी को फोन पर ही स्पष्ट कहा कि वे कट्टों में बंद बाजरों की खरीद बिल्कुल नहीं करेंगी। वहीं, मार्केट कमेटी चेयरमैन सैनी के समक्ष बिना पुलिस सुरक्षा के खरीद कार्य करने में असमर्थता जाहिर की। जिस पर चेयरमैन ने पुलिस अधीक्षक से महिला अधिकारी को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। कुछ देर बाद ही एक पुलिस कर्मचारी कार्यालय पहुंचा। इसके बाद महिला अधिकारी मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी, व्यापारी नेता और पुलिस कर्मचारी के साथ बाजरे की खरीद के लिए दोबारा से मंडी पहुंची। इसके बाद खरीद सुचारु हो गई। हालांकि बीच-बीच में आढ़ती विरोध जताते रहे।
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नई अनाज मंडी में ही शुरू हो खरीद
मंगलवार को आढ़तियों की खींचतान के कारण रुकी खरीद के विरोध में किसानों ने मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी के समक्ष दोबारा से नई अनाज मंडी में ही खरीद शुरू करवाने की मांग रखी। कर्मवीर चिंडालिया, कृष्ण कुमार शोभापुर, ईश्वर सिंह मंडलाना व दलबीर बलावा आदि किसानों ने कहा कि जब से इस मंडी में खरीद का कार्य शुरू हुआ है। तब से किसानों को परेशानी हो रही है, क्योंकि न तो किसानों के अनाज की समय पर खरीद हो रही है और ना ही उठान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि चाहे पल्लेदारी के पैसे उन्हें देने पड़े, परंतु खरीद दोबारा से नई मंडी में ही शुरू करवाई जाए।
आढ़तियों की खींचतान किसानों पर पड़ रही भारी
किसानों ने आढ़तियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी खींचतान के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने कहा कि आढ़ती तो शाम होते ही अपने घरों में चले जाते है। जबकि किसान अनाज की रखवाली के लिए रात भर जागता रहता है। आढ़तियों का खरीद अधिकारियों के प्रति भी सही रवैया नहीं होने के कारण वे भी खरीद करने से मना कर देते है। इस कारण किसानों का अनाज 2-3 दिन से मंडी में पड़ा है।
वर्जन
किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मार्केट कमेटी कर्मचारी किसानों की सुविधा के लिए लगे हुए है। मंगलवार को स्टेट वेयर हाउस द्वारा 8000 के करीब बाजरे की खरीद की गई है। इसमें सोमवार का बचा हुआ बाजरा भी खरीदा गया है।
- जेपी सैनी, चेयरमैन मार्केट कमेटी नारनौल।
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नारनौल। जब से नारनौल की पुरानी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू हुई, तब से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। लेकिन न तो अधिकारी उनकी परेशानी की ओर ध्यान दे रहे है और न ही सरकार। मंगलवार मंडी में कुछ आढ़तियों ने महिला अधिकारी से सिले कट्टे के बाजरे खरीदने का जोर दिया। जिस पर महिला अधिकारी ने आढ़तियों को कहा कि सिले हुए बाजरे कट्टों की खरीद नहीं होगी। इस पर आढ़ती महिला अधिकारी से उलझ गए और अपशब्द कहे। इससे बीच में खरीद कार्य प्रभावित हुआ।
मंगलवार को आढ़ती पहले खरीद करवाने को लेकर अधिकारियों के सामने ही आपस में उलझ गए और एक-दूसरे को देख लेने तक की धमकी दे डाली। यह देख स्टेट वेयर हाउस नारनौल की मैनेजर आनंद देवी ने कहा कि वह केवल खुली पड़ी ढेरी की ही खरीद करेगी। इसके बाद अधिकारी खरीद के मंडी पहुंची और खरीद शुरू की। इसी दौरान कुछ आढ़तियों ने अधिकारी से बाजरे के सिले हुए कट्टों की खरीद करने की बात कही। जिस पर अधिकारी ने आढ़तियों को स्पष्ट रूप से बाजरे के सिले कट्टों को खरीदने से मना कर दिया। इस पर आढ़ती महिला अधिकारी से उलझ गए और महिला अधिकारी को अपशब्द कह दिए। यह सुनकर अधिकारी खरीद कार्य बीच में ही छोड़कर मार्केट कमेटी कार्यालय में आकर बैठ गई। खरीद बंद होते ही किसान और व्यापारी भी अधिकारी के साथ-साथ मार्केट कमेटी में पहुंच गए।
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खरीद अधिकारी आनंद देवी ने चेयरमैन जेपी सैनी के सामने ही खरीद कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे एचसीएस वकील अहमद से फोन पर बात की। आनंद देवी ने एचसीएस अधिकारी को फोन पर ही स्पष्ट कहा कि वे कट्टों में बंद बाजरों की खरीद बिल्कुल नहीं करेंगी। वहीं, मार्केट कमेटी चेयरमैन सैनी के समक्ष बिना पुलिस सुरक्षा के खरीद कार्य करने में असमर्थता जाहिर की। जिस पर चेयरमैन ने पुलिस अधीक्षक से महिला अधिकारी को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। कुछ देर बाद ही एक पुलिस कर्मचारी कार्यालय पहुंचा। इसके बाद महिला अधिकारी मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी, व्यापारी नेता और पुलिस कर्मचारी के साथ बाजरे की खरीद के लिए दोबारा से मंडी पहुंची। इसके बाद खरीद सुचारु हो गई। हालांकि बीच-बीच में आढ़ती विरोध जताते रहे।
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नई अनाज मंडी में ही शुरू हो खरीद
मंगलवार को आढ़तियों की खींचतान के कारण रुकी खरीद के विरोध में किसानों ने मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी के समक्ष दोबारा से नई अनाज मंडी में ही खरीद शुरू करवाने की मांग रखी। कर्मवीर चिंडालिया, कृष्ण कुमार शोभापुर, ईश्वर सिंह मंडलाना व दलबीर बलावा आदि किसानों ने कहा कि जब से इस मंडी में खरीद का कार्य शुरू हुआ है। तब से किसानों को परेशानी हो रही है, क्योंकि न तो किसानों के अनाज की समय पर खरीद हो रही है और ना ही उठान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि चाहे पल्लेदारी के पैसे उन्हें देने पड़े, परंतु खरीद दोबारा से नई मंडी में ही शुरू करवाई जाए।
आढ़तियों की खींचतान किसानों पर पड़ रही भारी
किसानों ने आढ़तियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी खींचतान के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने कहा कि आढ़ती तो शाम होते ही अपने घरों में चले जाते है। जबकि किसान अनाज की रखवाली के लिए रात भर जागता रहता है। आढ़तियों का खरीद अधिकारियों के प्रति भी सही रवैया नहीं होने के कारण वे भी खरीद करने से मना कर देते है। इस कारण किसानों का अनाज 2-3 दिन से मंडी में पड़ा है।
वर्जन
किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मार्केट कमेटी कर्मचारी किसानों की सुविधा के लिए लगे हुए है। मंगलवार को स्टेट वेयर हाउस द्वारा 8000 के करीब बाजरे की खरीद की गई है। इसमें सोमवार का बचा हुआ बाजरा भी खरीदा गया है।
- जेपी सैनी, चेयरमैन मार्केट कमेटी नारनौल।