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15 दिन रहे अहम, मौसम के अनुसार किया अभ्यास तो जीता पदक

Mon, 08 Aug 2022 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 11:12 PM IST
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15 days remained important, practiced according to the weather then won the medal
नारनौल। 10 किलोमीटर वॉक रेस में ब्रांज मेडल प्राप्त करने वाले संदीप पूनिया ने बताया कि बर्मिंघम में 15 दिन उनके बहुत अहम रहे। इन 15 दिनों में बर्मिंघम के मौसम अनुसार जमकर अभ्यास किया। सोमवार को संदीप पूनिया से बात हुई तो उन्होंने बताया कि मौसम का वॉक रेस में धावक पर बहुत असर पड़ता है। रियो और टोकियो ओलंपिक में मौसम उनके अनुकूल नहीं होने की वजह से वो मैच हार गए थे। इस बार उन्होंने कुछ दिन तक यूएसए में ट्रेनिंग की तथा उसके बाद सीधा बर्मिंघम आ गए थे। यूएसए और बर्मिंघम छह दिनों में 190 किलोमीटर वॉक रेस का अभ्यास करते तथा रविवार को आराम करते थे। उन्होंने बताया कि अभी वो वॉक रेस जारी रखेंगे और एशियाड एवं ओलंपिक खेलों की तैयारी करेंगे। इस बार मेडल रंग सुनहरा करने का भी प्रयास करेंगे।
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संदीप पूनिया ने बताया कि पिछले दस महीनों से वह कॉमनवेल्थ खेल के लिए घर पर भी नहीं आए। अक्तूबर माह में केवल दो दिन के लिए आए थे। उसके बाद से वो लगातार अपने अभ्यास में जुटे हुए थे। उन्होंने बताया कि अब वह घर आकर कुछ समय बच्चों के साथ व्यतीत करेंगे। उनके साथ घूमेंगे तथा फिरेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से खिलाड़ियों को पूरा ध्यान रखा जा रहा है। टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के तहत भारतीय खेल प्राधिकरण के माध्यम से उनका खाने, पीने एवं रहना फ्री किया हुआ था। इसके अलावा 50 हजार रुपये भत्ता भी दिया जाता था। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि अभी वो 37 वर्ष के हो चुके हैं। यह सही बात की युवा भी आगे आ रहे हैं, लेकिन वॉक रेस में अनुभव बहुत काम आता है। उन्होंने बताया कि एक वॉक रेसर 41 साल की उम्र में ओलंपिक में पदक जीत चुका है। इसके अलावा एक अन्य रेसवॉकर आठ ओलंपिक में भाग ले चुका है और उसने पदक भी प्राप्त किए हैं।
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आत्म विश्वास को नहीं पड़ने दिया कमजोर
उन्होंने बताया कि अभ्यास लगातार करते रहना चाहिए। इसके अलावा डाइट एवं स्वास्थ्य पूरा ध्यान रखना चाहिए। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि रियो ओलंपिक एवं टोकियो ओलंपिक दोनों में ही मेडल नहीं ला पाए उसका मलाल रहा, लेकिन उसने कभी अपना आत्म विश्वास कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने बताया कि आपका आत्म विश्वास कमजोर नहीं होना चाहिए चाहे फिर कितनी भी बाधाएं आ जाएं फिर भी सफलता आपके कदम चुमेंगी।
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