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सब्जी व बाग की खेती करने से पूर्व मिट्टी पानी की कराएं प्रयोगशाला में जांच

Thu, 05 Jul 2018 01:00 AM IST
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:00 AM IST
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सब्जी व बाग की खेती करने से पूर्व मिट्टी पानी की कराएं प्रयोगशाला में जांच
सब्जी और बाग की खेती करने से पूर्व मिट्टी, पानी की कराएं जांच : यादव
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। बागवानी विभाग द्वारा अच्छी कृषि पद्धति स्कीम के तहत बुधवार को खंड कनीना के गांव स्याणा में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 63 किसानों ने भाग लिया।
जिला उद्यान अधिकारी डा. मनदीप यादव ने किसानों को कहा कि सब्जी व बाग की खेती करने से पूर्व किसान अपनी भूमि व पानी की जांच मिट्टी पानी जांच प्रयोगशाला में अवश्य करवाएं तथा बार-बार एक ही फसल ना बोएं। फसलों का आदान-प्रदान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि फसल चक्र अपनाकर भी किसान पैदावार बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जी व फसलों का सही तरीके से रख-रखाव करना चाहिए तथा साथ ही उनकी पैकिंग व ग्रेडिंग के बारे में भी किसानों को शिक्षित होना पड़ेगा। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। विभाग द्वारा जैविक खादों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने सहित अन्य सभी स्कीमों जैसे कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन, अनुसूचित जाति उपयोजना, भावांतर भरपाई योजना, प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना इत्यादि के अनुदान राशियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
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वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डा. जयलाल ने कहा कि किसानों को अंधाधुंध रासायनिक खाद व दवाइयों के प्रयोग से बचना चाहिए। इनके अंधाधुंध प्रयोग से जमीन, पानी, मनुष्य जीवन, पशु, पक्षियों तथा पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इनके अधिक प्रयोग से मनुष्य जाति, पशुओं में कई प्रकार के रोग हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे जैविक तरीके को अपनाकर बागवानी व सब्जी की खेती करें। उन्होंने बताया कि जरूरत अनुसार मात्रा में ही रासायनिक खाद व पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करें। सब्जियों को बाजार में बेचने से 7 दिन पहले इन पर किसी प्रकार का कोई भी स्प्रे न करें। उन्होंने कहा कि मिट्टी व पानी की जांच अवश्य करवाएं ताकि आवश्यकता अनुसार खाद तथा दवाइयों का प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक गोबर व केंचुआ खाद का प्रयोग करना चाहिए। इस अवसर पर विभाग के सुपरवाइजर मुकेश, अंकुश व किसान उपस्थित थे।
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