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डार्कजोन में पानी की बर्बादी पर विभाग सख्त -बामणवास नदी में दाबिश देकर तीन बोरवेल किए सील

Tue, 28 Nov 2017 09:46 PM IST
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:46 PM IST
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डार्कजोन में पानी की बर्बादी पर विभाग सख्त -बामणवास नदी में दाबिश देकर तीन बोरवेल किए सील
डार्कजोन में पानी की बर्बादी पर विभाग सख्त, ब्राह्मणवास नदी पर छापेमारी कर तीन बोरवेल किए सील
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फोटो नंबर 25 से 28
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। मौखूता ब्राह्मणवास नदी में चल रहे वाशिंग प्लांटों पर कृषि बोरवेलों के पानी इस्तेमाल होने की शिकायत पर मंगलवार को ग्राउंड वाटर सेल विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान टीम ने तीन बोरवेल सील किए। साथ ही संचालकों को सील तोड़ने पर केस दर्ज कराने की चेतावनी दी।
गौरतलब है कि निजामपुर ब्लॉक डार्कजोन में शामिल है। जिसमें बोरवेल लगाने, पानी का कॉमर्शियल इस्तेमाल तथा बिजली कनेक्शनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों की अवहेलना करने पर विभाग को कार्रवाई करने के आदेश हैं। बावजूद निजामपुर के पास मौखूता ब्राह्मणवास की नदी में वाशिंग प्लांट चल रहे है। सीएम को शिकायत मिलने की संभावना के चलते प्रदूषण विभाग ने सात प्लांटों पर सील लगा दी। इस कार्रवाई में प्लांटों पर हरियाणा का पानी इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ग्राउंड वाटर सेल के जिला अधिकारी डा. बीएस यादव ने डीसी को रिपोर्ट भेजी। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने सोमवार सुबह सभी कृषि बोरवेलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने नांगल चौधरी के तहसीलदार ईश्वर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया, लेकिन उनके 30 नवंबर तक अवकाश पर रहने के चलते नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे टीम नदी पर पहुंची। टीम को देखते ही खनन माफिया में खलबली मच गई और संसाधनों समेत इधर-उधर भाग गए। टीम सबसे पहले लीज के पास बोरवेल का निरीक्षण किया। जिसकी पाइप प्लांटों तक बिछी हुई मिली। जिसकी सीलबंदी करने के बाद टीम ब्राह्मणवास निवासी राकेश कुमार के प्लांट पर पहुंची। इस प्रकार टीम ने तीन कृषि बोरवेलों को सील किया। इसके बाद वाशिंग प्लांटों का निरीक्षण किया। इस दौरान चार संचालकों ने तर्क दिया कि वे बजरी वाशिंग में राजस्थान का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। सबूत नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। छापेमार टीम में एसओ डा. अजीत सिंह, सुरेश कुमार व रामबिलास सैनी शामिल थे।
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लीज होल्डर पर अवैध खनन के आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार लीज होल्डर 9 फीट गहराई तक बजरी खनन कर सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ होने से करीब 45 फीट गहराई पर बजरी निकाल रहा है। साथ ही क्षेत्र के खेतों में भी बजरी खनन शुरू हो चुका है।
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सील तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
ग्राउंड वाटर सेल के जिला इंचार्ज डा. बीएस यादव ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार मौखूता ब्राह्मणवास नदी में छापेमारी की गई है। कार्रवाई में तीन कृषि बोरवेलों को सील किया गया। सील के साथ छेड़छाड़ साबित होने पर उक्त व्यक्ति के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाया जाएगा।

वाशिंग प्लांट की दोबारा पैमाइश की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि नदी की पहले पैमाइश हो चुकी। जिसमें विवादित वाशिंग प्लांट की जगह हरियाणा में साबित हुई थी, लेकिन अब 15 फीट राजस्थान की सीमा में करार दिया गया। उन्होंने कहा कि प्लांट का रैंप हरियाणा में है, इसलिए विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। उपायुक्त से जीपीएस सिस्टम से पैमाइश कराने की मांग की है।
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