फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   स्क्रीन व हेडफोन-लर्निंग के युग के लिए शिक्षक खुद को तैयार करें- प्रो. बीके कुठियाला

स्क्रीन व हेडफोन-लर्निंग के युग के लिए शिक्षक खुद को तैयार करें- प्रो. बीके कुठियाला

Mon, 11 Mar 2019 11:47 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
स्क्रीन व हेडफोन-लर्निंग के युग के लिए शिक्षक खुद को तैयार करें- प्रो. बीके कुठियाला
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्यापनरत शिक्षकों को व्यावसायिक विकास और क्षमता निर्माण के मोर्चे पर प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार से एक सप्ताह तक चलने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि हरियाणा उच्चतर शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने समाज में शिक्षकों की भूमिका और उनके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। शिक्षक जितना मान-सम्मान किसी प्रशासनिक नौकरी में नहीं मिलता।
हरियाणा उच्चतर शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने कहा कि अब वो दौर गया जब शिक्षक का कार्य केवल पढ़ाना हुआ करता था। आज तो शिक्षक का कार्य पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना भी हो गया है, जिसमें वो अधिक से अधिक सीख सकें। हमें पढ़ना और सीखना इसलिए जरूरी है ताकि हम बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकें। आज का युग स्क्रीन व हेडफोन-लर्निंग का युग है। इसके लिए जरूरी है कि हमारे शिक्षक इसके लिए तैयार हों, प्रशिक्षित हों।
विज्ञापन

कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने सूचना तकनीक के दौर में शिक्षकों के समक्ष चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था में सतत् विकास की प्रक्रिया आवश्यक हो चली है। आज शिक्षण कार्य कक्षाओं में अध्यापन तक ही सीमित नहीं है, अपितु शिक्षकों के लिए रिसर्च भी जरूरी है। शिक्षण के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी नई-नई शिक्षण तकनीकों का विकास भी उन्हें ही करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता, आधुनिकता और अद्यतन विकास के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। हम मौजूदा समय की मांग के अनुरूप खुद को तैयार करें। कार्यक्रम में विश्व भारती विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. आशीष श्रीवास्तव भी विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग योजना के अंतर्गत आयोजित हो रही यह कार्यशाला आगामी 18 मार्च तक चलेगी। कार्यशाला में प्रतिभागियों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रयोग की जा रही नई तकनीकों, प्रौद्योगिकी के बढ़ते इस्तेमाल, मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज का महत्व और स्वयं आदि के शिक्षण में योगदान से अवगत कराया जाएगा। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा पीठ की प्रो. नीरजा धनखड़ ने दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव रामदत्त, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के प्रमुख, प्रभारी और अध्यक्ष उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed