फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   स्टोन क्रशरों पर रोक लगाने के लिए 11 गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

स्टोन क्रशरों पर रोक लगाने के लिए 11 गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Wed, 16 Jan 2019 12:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:38 AM IST
विज्ञापन
स्टोन क्रशरों पर रोक लगाने के लिए 11 गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। नांगल चौधरी क्षेत्र में चल रहे स्टोन क्रशरों पर रोक लगाने के लिए खंड के 11 गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन कर लघु सचिवालय में एसडीएम जगदीश शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। गांव वालों ने चल रहे क्रशरों को बंद कराने और नए क्रशर न खुलने देने की मांग की।
नांगल चौधरी खंड के ग्रामीण मंगलवार की सुबह चितवन वाटिका में एकत्रित हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला लघु सचिवालय पहुंचे। जहां एसडीएम जगदीश शर्मा को स्टोन क्रशरों को बंद करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में खंड के गांव खातोली जाट, खातोली अहीर, कारोता, कमानियां, दौंगली, बेरूंडला, धौलेड़ा व बिगोपुर समेत अन्य गांवों के लोगों ने बताया कि इन क्षेत्रों के खेतों में जो स्टोन क्रशर खोले जा रहे हैं, उन पर रोक लगाई जाए। ये स्टोन क्रशर नियमों को ताक पर रखकर व गलत रिपोर्ट तैयार करके चलाए जा रहे हैं। इससे नियमों कि धज्ज्यिां उड़ाई जा रही है। स्टोन क्रशर पैरामीटर तोड़कर आबादी के साथ, शिक्षण संस्थानों व वन क्षेत्र की सीमा में खोले गए हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा कि छोटे स्तर पर आम जनता की आवाज कोई सुनने वाला नही है। लोग प्रदूषण से त्रस्त है, खेती व लोगों के स्वास्थ्य खराब हो रहे है। प्रदूषण विभाग जनता के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं कर रहा है। पिछले एक वर्ष से 11 गांवों की जनता जिला प्रशासन, सीएम विंडो, प्रदूषण विभाग व ग्रीवेंस मीटिंग समेत अन्य स्तर पर मामला उठा चुकी है। ग्रामीणों ने अनुरोध किया कि स्वास्थ्य, कृषि, वन्य जीवों व क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधों को रोकने के लिए स्टोन क्रशर खोलने पर प्रतिबंध लगाया जाए। यदि क्रेशरों पर रोक नहीं लगाई गई तो वे लोकसभा और विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान तेजपाल यादव, सतपाल, प्रभात, जगदीश, प्रवीन चौधरी, वेद प्रकाश कमानिया, राम अवतार, दुर्गा प्रसाद, नरेंद्र, सरपंच राजेश नंबरदार, जगमान, बिरेंद्र, हरीश, डॉ. राम अवतार समेत अन्य उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


एनजीटी के आदेेश पर दो स्टोन क्रशर हुए थे बंद
खतौली वासी तेजपाल ने बताया कि एनजीटी ने खतौली गांव के दो क्रशर बंद करने का आदेश दिए थे। साथ ही तीन अधिकारियों की टीम को जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगातार क्रशर लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि एनजीटी ने जिले में चल रहे क्रशरों की जांच करने का आदेश दिया हुआ है। तेजपाल ने कहा कि क्रशर के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।


लोगों से बातचीत
गांव के पास में ही क्रशर होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में क्रशर को दूर लगाया जाए। क्रशर वन और कॉलोनी के पास नहीं होना चाहिए।
- रंगलाल, खातोली।

कृषि योग्य जमीन पर क्रशर लगाए गए हैं। इससे आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- ओमप्रकाश।

पहले भी गांव वाले क्रशर का विरोध कर चुुके हैं। इसके बाद भी सरकार ने गांव से सटे क्रशर लगाने की स्वीकृत दे दी। यदि क्रशर नहीं हटे तो आंदोलन होगा।
- रोहताश।

क्रशर के कारण आसपास के लोग प्रदूषण की समस्या से परेशान है। हमारी बात को कोई सुनने वाला कोई नहीं है। एनजीटी के आदेश पर भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
- निशु।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed