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मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए फिर आई दुबई की कंपनी
Updated Fri, 15 Dec 2017 09:41 PM IST
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मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए फिर आई दुबई की कंपनी
नारनौल। जिले में दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के साथ बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए शुक्रवार को फिर से दुबई की ही एक कंपनी ने मौके का मुआयना किया। इसी संबंध में गत दिनों मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की थी। इसमें उन्होंने इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसी सप्ताह दुबई की ही एक अन्य कंपनी ने इस हब को बनाने के लिए दौरा किया था।
देशभर में दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के साथ आठ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनाए जाएंगे। इनमें से एक इस जिले में बनाया जाना है। मुख्यमंत्री के विगत दिनों दुबई के दौरे के बाद से कई कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए इच्छा जताई है। इस हब के लिए सीएम ने उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया था। उसी के परिणामस्वरूप एक सप्ताह में यह दूसरी कंपनी का दौरा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए घाटासेर, तलोट व बसीरपुर के आसपास की लगभग 1200 एकड़ जमीन चिह्नित की है। इसमें से सरकार ने अब तक 834 एकड़ जमीन किसानों से सीधी खरीद ली है। पहले फेज में 886 एकड़ की जरूरत होगी। अब सरकार कनसोलिडेटिड प्रोजेक्ट लैंड (विशेष प्रावधान) एक्ट 2017 के तहत उन किसानों को अन्य जगह पर जमीन देगी जो अपनी जमीन नहीं देना चाहते। इस एक्ट के तहत सरकार के सामने दो विकल्प होते हैं या तो सर्कल रेट में 20 फीसदी जोड़कर किसान को दे या उस जमीन के बदले दूसरी जगह उतनी ही कीमत की जमीन दे। किसान की मर्जी होती है कि इन दो विकल्पों में से किस विकल्प को चुने। इसके लिए सरकार जल्द प्रक्रिया शुरू करेगी। किसानों ने अपनी जमीन 30 लाख रुपये के हिसाब से जमीन दी है। जो सर्कल रेट से बहुत ज्यादा है। अगर सर्कल रेट में 20 फीसदी जोड़ें तो भी 30 लाख रुपये नहीं होते। इस प्रोजेक्ट के लिए एचएसआईडीसी व डीएमआईसीडीसी को दो फेज में बनाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कई विदेशी कंपनियां अपना रुझान दिखा रही हैं। इस मौके पर सीनियर मैनेजर एस्टेट एसएस लांबा व असिस्टेंट टाउन प्लानर प्रदीप कुमार व संजीत चाहार आदि मौजूद रहे।
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जिले के लिए बड़ा तोहफा : यादव
नारनौल। नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने इस प्रोजेक्ट के संबंध में बताया कि यह इस जिले के लिए यह बड़ा तोहफा होगा। इससे केवल रोजगार के द्वार ही नहीं खुलेंगे बल्कि क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट के हिसाब से सड़क, बिजली व पानी की व्यवस्था भी होगी। किसी भी समाज व देश के विकास के लिए मजबूत सड़कें व अच्छी संस्थाएं और औद्योगिक विकास बहुत जरूरी हैं। जब ये तीन मूलभूत चीजें यहां उच्च श्रेणी की उपलब्ध होंगी तो लोगों का रहन-सहन सुधरेगा। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो जिले की तस्वीर ही अलग होगी।
फोटो = तलोट में साइट दिखते अधिकारी अधिकारी।
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नारनौल। जिले में दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के साथ बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए शुक्रवार को फिर से दुबई की ही एक कंपनी ने मौके का मुआयना किया। इसी संबंध में गत दिनों मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की थी। इसमें उन्होंने इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसी सप्ताह दुबई की ही एक अन्य कंपनी ने इस हब को बनाने के लिए दौरा किया था।
देशभर में दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर के साथ आठ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनाए जाएंगे। इनमें से एक इस जिले में बनाया जाना है। मुख्यमंत्री के विगत दिनों दुबई के दौरे के बाद से कई कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए इच्छा जताई है। इस हब के लिए सीएम ने उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया था। उसी के परिणामस्वरूप एक सप्ताह में यह दूसरी कंपनी का दौरा है।
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इस प्रोजेक्ट के लिए घाटासेर, तलोट व बसीरपुर के आसपास की लगभग 1200 एकड़ जमीन चिह्नित की है। इसमें से सरकार ने अब तक 834 एकड़ जमीन किसानों से सीधी खरीद ली है। पहले फेज में 886 एकड़ की जरूरत होगी। अब सरकार कनसोलिडेटिड प्रोजेक्ट लैंड (विशेष प्रावधान) एक्ट 2017 के तहत उन किसानों को अन्य जगह पर जमीन देगी जो अपनी जमीन नहीं देना चाहते। इस एक्ट के तहत सरकार के सामने दो विकल्प होते हैं या तो सर्कल रेट में 20 फीसदी जोड़कर किसान को दे या उस जमीन के बदले दूसरी जगह उतनी ही कीमत की जमीन दे। किसान की मर्जी होती है कि इन दो विकल्पों में से किस विकल्प को चुने। इसके लिए सरकार जल्द प्रक्रिया शुरू करेगी। किसानों ने अपनी जमीन 30 लाख रुपये के हिसाब से जमीन दी है। जो सर्कल रेट से बहुत ज्यादा है। अगर सर्कल रेट में 20 फीसदी जोड़ें तो भी 30 लाख रुपये नहीं होते। इस प्रोजेक्ट के लिए एचएसआईडीसी व डीएमआईसीडीसी को दो फेज में बनाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कई विदेशी कंपनियां अपना रुझान दिखा रही हैं। इस मौके पर सीनियर मैनेजर एस्टेट एसएस लांबा व असिस्टेंट टाउन प्लानर प्रदीप कुमार व संजीत चाहार आदि मौजूद रहे।
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जिले के लिए बड़ा तोहफा : यादव
नारनौल। नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव ने इस प्रोजेक्ट के संबंध में बताया कि यह इस जिले के लिए यह बड़ा तोहफा होगा। इससे केवल रोजगार के द्वार ही नहीं खुलेंगे बल्कि क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट के हिसाब से सड़क, बिजली व पानी की व्यवस्था भी होगी। किसी भी समाज व देश के विकास के लिए मजबूत सड़कें व अच्छी संस्थाएं और औद्योगिक विकास बहुत जरूरी हैं। जब ये तीन मूलभूत चीजें यहां उच्च श्रेणी की उपलब्ध होंगी तो लोगों का रहन-सहन सुधरेगा। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो जिले की तस्वीर ही अलग होगी।
फोटो = तलोट में साइट दिखते अधिकारी अधिकारी।