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ककिकिं
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:09 PM IST
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सिस्टम बनाने से ही सुधरेगी अतिक्रमण की समस्या
पूर्व चेयरमैन बोले, अभियान से पहले पार्किंग की व्यवस्था हो और वाहनों की एंट्री बैन हो
फोटो संख्या : 36 से 42
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगरपालिका ने कई दिनों से बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रखा है, लेकिन यह बेअसर साबित हो रहा है। रविवार को अमर उजाला टीम ने नगरपालिका के पूर्व चेयरमैनों से बात की तो उन्होंने बताया कि कोई भी काम करने से पहले प्लानिंग और सिस्टम बनाना पड़ता है। अभियान से पहले व्यापारियों और दुकानदारों को सुविधाएं देनी होंगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ दुकानदारों के अतिक्रमण करने से सड़क नहीं सिकुड़ रहे। इसके पीछे और भी कारण हैं। बाजारों में वाहनों का इधर-उधर खड़ा रहना, पैदल चलने के लिए फुटपाथ नहीं होना, रेहड़ियों का खड़ा होना भी कारण हैं। पालिका को अतिक्रमण हटाने से पहले शहर में पार्किंग व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा फुटपाथ, रेहड़ियों के लिए अलग जगह बनाना और ऑटो चालकों को अलग से जगह देना आदि, चौपहिया वाहनों पर शहर में नो एंट्री करना आदि पर काम करने होंगे। इन चीजों की व्यवस्था होने पर व्यापारी भी अतिक्रमण नहीं करेंगे।
पालिका प्रशासन जारी करे वाट्सऐप नंबर
पालिका के पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह ने बताया कि आज का युग डिजिटल है। इस युग में पालिका प्रशासन को फायदा उठाना चाहिए। पालिका को लोगों की सुविधाओं के लिए वाट्सएप नंबर जारी करना चाहिए ताकि लोग अतिक्रमण की फोटो खींचकर उस पर डाल सकें। वाट्सएप पर फोटो डालने के बाद प्रशासन की ओर से मौका देखकर तुरंत चालान कर सामान जब्त किया जाना चाहिए। चालान नहीं भरने पर कोर्ट में पेश करना चाहिए। तभी जाकर यह कार्य संभव हो पाएगा। इससे पूर्व बाजार में पीली पट्टी खींचकर दुकानदारों की जगह निर्धारित कर देनी चाहिए ताकि वो उससे आगे नहीं बढ़ सके।
दुकानदारी हो रही है प्रभावित
बिना प्लानिंग और सिस्टम के चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से नगरपालिका का काम और दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित हो रही है। बाजार में प्रशासन को देखकर टीम कुछ समय के लिए सामान अंदर रख लेते हैं किंतु उसके बाद फिर से अपना सामान बाहर सजा लेते हैं। पालिका दुकानदारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं कर रही है। पिछले 15 दिनों में मात्र दस चालान काटे गए हैं, जबकि सामान भी इतना जब्त नहीं किया गया।
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ये हैं बाजार के हालात
महेंद्रगढ़ शहर में लगभग एक हजार दुकानें हैं जबकि 500 अस्थायी दुकानें बनी हुई हैं। इनके अलावा 200 रेहड़ी चालक बाजार में कमा रहे हैं। बाजार में रोज 20 हजार लोगों का आवागमन रहता है। इसके अलावा 2500 दुपहिया वाहन, 300 चौपहिया और 300 साइकिलों को जमावड़ा रहता है। इससे बाजार में जाम लग जाता है। पार्किंग के अभाव में पालिका को साढ़े चार लाख रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है। पार्किंग की रेट यदि 5 रुपये बाइक और 10 रुपये चौपहिया वाहन हो तो प्रतिमाह 4 लाख 65 हजार रुपये का लाभ पालिका को हो सकता है।
वर्जन :
मेरे समय में बाजार में इतना अतिक्रमण नहीं होता था। आज अतिक्रमण के साथ बाजारों में वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है। इसके लिए प्रशासन को सर्व प्रथम पार्किंग बनानी चाहिए और चौपहिया वाहनों की दिन के समय नो एंट्री करनी चाहिए। पार्किंग शुरू होने पर पालिका की आय भी बढ़ेगी।
-किशन सर्राफा, पूर्व चेयरमैन नगरपालिका
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नगरपालिका के पास न तो कोई सिस्टम है न ही प्लान है। शहर को सीवरेज के नाम पर सड़कों को खोद रखा है। सारे रास्ते बंद पड़े हैं। पालिका ने जो अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रखा है, उससे कुछ नहीं होने वाला है। प्रशासन को पहले शहर में पार्किंग व्यवस्था करनी चाहिए और ठेकेदार को क्रेन की सुविधा दी जानी चाहिए।
-शकुंतला मित्तल, पूर्व चेयरपर्सन नगरपालिका
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अतिक्रमण को हटाने से पहले शहर में पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। पार्किंग ठेके पर छोड़ी जानी चाहिए। साथ ही ठेकेदार को प्रशासन की ओर से क्रेन की सुविधा दी जानी चाहिए ताकि रास्ते में खड़े साधन और सामान को उठाया जा सके। इस मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
- बिजेंद्र यादव, पूर्व चेयरमैन नगरपालिका (2005 से 2010)।
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शहर में सबसे अधिक दिक्कत वाहनों से है। भारी वाहनों की शहर में नो इंट्री कर दी जाए। वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जानी चाहिए। शहर में सड़कों पर फुटपाथ भी बनाए जाने चाहिए ताकि लोग सड़कों पर पैदल चलने की बजाया फुटपाथ पर चल सकें।
-लीलाराम सैनी, पूर्व चेयरमैन, नगरपालिका
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पूर्व समय में नगरपालिका ने पार्किंग नहीं बनाई अब बनाएगी और सख्ती से नियम लागू करेगी।
-रीना गर्ग, नगरपालिका चेयरपर्सन।
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पूर्व चेयरमैन बोले, अभियान से पहले पार्किंग की व्यवस्था हो और वाहनों की एंट्री बैन हो
फोटो संख्या : 36 से 42
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगरपालिका ने कई दिनों से बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रखा है, लेकिन यह बेअसर साबित हो रहा है। रविवार को अमर उजाला टीम ने नगरपालिका के पूर्व चेयरमैनों से बात की तो उन्होंने बताया कि कोई भी काम करने से पहले प्लानिंग और सिस्टम बनाना पड़ता है। अभियान से पहले व्यापारियों और दुकानदारों को सुविधाएं देनी होंगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ दुकानदारों के अतिक्रमण करने से सड़क नहीं सिकुड़ रहे। इसके पीछे और भी कारण हैं। बाजारों में वाहनों का इधर-उधर खड़ा रहना, पैदल चलने के लिए फुटपाथ नहीं होना, रेहड़ियों का खड़ा होना भी कारण हैं। पालिका को अतिक्रमण हटाने से पहले शहर में पार्किंग व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा फुटपाथ, रेहड़ियों के लिए अलग जगह बनाना और ऑटो चालकों को अलग से जगह देना आदि, चौपहिया वाहनों पर शहर में नो एंट्री करना आदि पर काम करने होंगे। इन चीजों की व्यवस्था होने पर व्यापारी भी अतिक्रमण नहीं करेंगे।
पालिका प्रशासन जारी करे वाट्सऐप नंबर
पालिका के पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह ने बताया कि आज का युग डिजिटल है। इस युग में पालिका प्रशासन को फायदा उठाना चाहिए। पालिका को लोगों की सुविधाओं के लिए वाट्सएप नंबर जारी करना चाहिए ताकि लोग अतिक्रमण की फोटो खींचकर उस पर डाल सकें। वाट्सएप पर फोटो डालने के बाद प्रशासन की ओर से मौका देखकर तुरंत चालान कर सामान जब्त किया जाना चाहिए। चालान नहीं भरने पर कोर्ट में पेश करना चाहिए। तभी जाकर यह कार्य संभव हो पाएगा। इससे पूर्व बाजार में पीली पट्टी खींचकर दुकानदारों की जगह निर्धारित कर देनी चाहिए ताकि वो उससे आगे नहीं बढ़ सके।
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दुकानदारी हो रही है प्रभावित
बिना प्लानिंग और सिस्टम के चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से नगरपालिका का काम और दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित हो रही है। बाजार में प्रशासन को देखकर टीम कुछ समय के लिए सामान अंदर रख लेते हैं किंतु उसके बाद फिर से अपना सामान बाहर सजा लेते हैं। पालिका दुकानदारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं कर रही है। पिछले 15 दिनों में मात्र दस चालान काटे गए हैं, जबकि सामान भी इतना जब्त नहीं किया गया।
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ये हैं बाजार के हालात
महेंद्रगढ़ शहर में लगभग एक हजार दुकानें हैं जबकि 500 अस्थायी दुकानें बनी हुई हैं। इनके अलावा 200 रेहड़ी चालक बाजार में कमा रहे हैं। बाजार में रोज 20 हजार लोगों का आवागमन रहता है। इसके अलावा 2500 दुपहिया वाहन, 300 चौपहिया और 300 साइकिलों को जमावड़ा रहता है। इससे बाजार में जाम लग जाता है। पार्किंग के अभाव में पालिका को साढ़े चार लाख रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है। पार्किंग की रेट यदि 5 रुपये बाइक और 10 रुपये चौपहिया वाहन हो तो प्रतिमाह 4 लाख 65 हजार रुपये का लाभ पालिका को हो सकता है।
वर्जन :
मेरे समय में बाजार में इतना अतिक्रमण नहीं होता था। आज अतिक्रमण के साथ बाजारों में वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है। इसके लिए प्रशासन को सर्व प्रथम पार्किंग बनानी चाहिए और चौपहिया वाहनों की दिन के समय नो एंट्री करनी चाहिए। पार्किंग शुरू होने पर पालिका की आय भी बढ़ेगी।
-किशन सर्राफा, पूर्व चेयरमैन नगरपालिका
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नगरपालिका के पास न तो कोई सिस्टम है न ही प्लान है। शहर को सीवरेज के नाम पर सड़कों को खोद रखा है। सारे रास्ते बंद पड़े हैं। पालिका ने जो अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रखा है, उससे कुछ नहीं होने वाला है। प्रशासन को पहले शहर में पार्किंग व्यवस्था करनी चाहिए और ठेकेदार को क्रेन की सुविधा दी जानी चाहिए।
-शकुंतला मित्तल, पूर्व चेयरपर्सन नगरपालिका
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अतिक्रमण को हटाने से पहले शहर में पार्किंग की सुविधा होनी चाहिए। पार्किंग ठेके पर छोड़ी जानी चाहिए। साथ ही ठेकेदार को प्रशासन की ओर से क्रेन की सुविधा दी जानी चाहिए ताकि रास्ते में खड़े साधन और सामान को उठाया जा सके। इस मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
- बिजेंद्र यादव, पूर्व चेयरमैन नगरपालिका (2005 से 2010)।
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शहर में सबसे अधिक दिक्कत वाहनों से है। भारी वाहनों की शहर में नो इंट्री कर दी जाए। वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जानी चाहिए। शहर में सड़कों पर फुटपाथ भी बनाए जाने चाहिए ताकि लोग सड़कों पर पैदल चलने की बजाया फुटपाथ पर चल सकें।
-लीलाराम सैनी, पूर्व चेयरमैन, नगरपालिका
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पूर्व समय में नगरपालिका ने पार्किंग नहीं बनाई अब बनाएगी और सख्ती से नियम लागू करेगी।
-रीना गर्ग, नगरपालिका चेयरपर्सन।