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भुणा जी के मंदिर में हुआ हवन और भंडा
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:47 PM IST
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भुणा जी के मंदिर में हुआ हवन और भंडारा
अमर उजाला ब्यूरो
निजामपुर। गांव मुसनोता के ग्रामीणों ने भुणा जी के मंदिर पर रविवार को हवन और भंडारा आयोजित किया। यह भंडारा और हवन ग्रामवासी हर वर्ष श्रावण मास मेें करते हैं। ग्रामीणों की मान्यता है कि साल में एक बार श्रावण के महीने में भुणा बाबा की सवामणी करने से फसल और बारिश अच्छी होती है। इस बार बारिश कम होने के कारण बाजरे की फसल मुरझाने लग रही है। इस वजह से ग्रामीणों ने चंदा एकत्र करके हवन और भंडारा किया। गांव के बुजुर्ग कर्ण सिंह हवलदार और ग्यारसीलाल ने बताया कि गुर्जर समाज के देवता भुणा जी का मंदिर करीब 1300 वर्ष पुराना है। इसमें भौपा ही पूजा कर सकता है। मुसनोता गांव में करीब 300 घर भौपा के हैं। भुणा जी भगवान विष्णु के अवतार हैं। इनका जन्म बगड़ावत परिवार मेेें हुआ था। यह अपने आप में अवतार थे। ग्रामीणों में मान्यता है कि इन्हीं की कृपा से कभी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान नहीं होता। सभी गांव वासी भुणा बाबा की प्रसादी लेने के लिए भुणा की जाल पहाड़ी पर पहुंचते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
निजामपुर। गांव मुसनोता के ग्रामीणों ने भुणा जी के मंदिर पर रविवार को हवन और भंडारा आयोजित किया। यह भंडारा और हवन ग्रामवासी हर वर्ष श्रावण मास मेें करते हैं। ग्रामीणों की मान्यता है कि साल में एक बार श्रावण के महीने में भुणा बाबा की सवामणी करने से फसल और बारिश अच्छी होती है। इस बार बारिश कम होने के कारण बाजरे की फसल मुरझाने लग रही है। इस वजह से ग्रामीणों ने चंदा एकत्र करके हवन और भंडारा किया। गांव के बुजुर्ग कर्ण सिंह हवलदार और ग्यारसीलाल ने बताया कि गुर्जर समाज के देवता भुणा जी का मंदिर करीब 1300 वर्ष पुराना है। इसमें भौपा ही पूजा कर सकता है। मुसनोता गांव में करीब 300 घर भौपा के हैं। भुणा जी भगवान विष्णु के अवतार हैं। इनका जन्म बगड़ावत परिवार मेेें हुआ था। यह अपने आप में अवतार थे। ग्रामीणों में मान्यता है कि इन्हीं की कृपा से कभी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान नहीं होता। सभी गांव वासी भुणा बाबा की प्रसादी लेने के लिए भुणा की जाल पहाड़ी पर पहुंचते हैं।