{"_id":"5c9e6542bdec22144d7e1656","slug":"111553884482-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च न्यायालय के आदेश पर पहुंची टीम ने जर्जर भवनों की वीडियो बनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च न्यायालय के आदेश पर पहुंची टीम ने जर्जर भवनों की वीडियो बनाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। उच्च न्यायालय के आदेश पर पहुंची टीम ने महेंद्रगढ़ शहर के जर्जर भवनों का निरीक्षण किया। साथ ही उनके हालात की रिपोर्ट भी बनाई। टीम ने ऐसे भवनों की मोबाइल से वीडियो तैयार की। साथ ही उनकी फोटोग्राफी भी की गई । टीम में अर्बन लॉकल बॉडी के डीटीपी मंजीत सिंह, नगर निगम गुरुग्राम के ज्वाइंट कमिश्नर हरिओम अत्री, स्टेट टाउन प्लानर रवि सिहाग शामिल थे। महेंद्रगढ़ नगरपालिका कार्यकारी सचिव नवल किशोर, जेई राहुल यादव भी साथ थे।
मंजीत सिंह ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ के एक केस में आदेश जारी किए हैं कि महेंद्रगढ़ की सरकारी ,गैर सरकारी सभी जर्जर भवनों, दुकानों का निरीक्षण किया जाए। उसकी रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाए। अदालत के आदेश पर वीरवार की शाम से उनकी टीम महेंद्रगढ़ की पुरानी हवेलियों, दुकानों और सरकारी भवनों का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ में लगभग 150 पुरानी हवेलियां, दुकानें तथा सरकारी भवन खस्ता हालत में हैं। शुक्रवार को टीम ने मोहल्ला चौक, अनाज मंडी, शॉपिंग कांप्लेक्स, सैनीपुरा, 11 हट्टा बाजार, सहित 70 भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट अर्बन लोकल बॉडी के निदेशक को सौंप दी जाएगी। निदेशक की ओर से हाईकोर्ट को सबमिट की जाएगी।
यह है मामला
लगभग 25 वर्ष पहले नगर पालिका कार्यालय आजाद चौक पर स्थित ऊपर एक भवन में चलता था। जिसमें निचले तल पर तीन दुकानें थीं। 2016 में एक नगर पालिका भवन एक हिस्सा टूटकर गिर गया था। उसके बाद नीचे दुकानदारों ने अपनी नई दुकानें बना ली थी। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में चला गया था। महेंद्रगढ़ में पुराने भवनों के बारे में निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
जर्जर भवनों से खतरा
शहर में ऐसे जर्जर भवनों से आसपास के लोगों को खतरा रहता है। खासतौर पर बरसात के मौसम में ऐसे भवनों के ढहने की आशंका बनी रहती है। लोगों की ओर से इस बारे में नगर पालिका को शिकायत दी जा चुकी है। जिस पर पालिका की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। उच्च न्यायालय के आदेश पर पहुंची टीम ने महेंद्रगढ़ शहर के जर्जर भवनों का निरीक्षण किया। साथ ही उनके हालात की रिपोर्ट भी बनाई। टीम ने ऐसे भवनों की मोबाइल से वीडियो तैयार की। साथ ही उनकी फोटोग्राफी भी की गई । टीम में अर्बन लॉकल बॉडी के डीटीपी मंजीत सिंह, नगर निगम गुरुग्राम के ज्वाइंट कमिश्नर हरिओम अत्री, स्टेट टाउन प्लानर रवि सिहाग शामिल थे। महेंद्रगढ़ नगरपालिका कार्यकारी सचिव नवल किशोर, जेई राहुल यादव भी साथ थे।
मंजीत सिंह ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ के एक केस में आदेश जारी किए हैं कि महेंद्रगढ़ की सरकारी ,गैर सरकारी सभी जर्जर भवनों, दुकानों का निरीक्षण किया जाए। उसकी रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाए। अदालत के आदेश पर वीरवार की शाम से उनकी टीम महेंद्रगढ़ की पुरानी हवेलियों, दुकानों और सरकारी भवनों का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ में लगभग 150 पुरानी हवेलियां, दुकानें तथा सरकारी भवन खस्ता हालत में हैं। शुक्रवार को टीम ने मोहल्ला चौक, अनाज मंडी, शॉपिंग कांप्लेक्स, सैनीपुरा, 11 हट्टा बाजार, सहित 70 भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट अर्बन लोकल बॉडी के निदेशक को सौंप दी जाएगी। निदेशक की ओर से हाईकोर्ट को सबमिट की जाएगी।
विज्ञापन
यह है मामला
लगभग 25 वर्ष पहले नगर पालिका कार्यालय आजाद चौक पर स्थित ऊपर एक भवन में चलता था। जिसमें निचले तल पर तीन दुकानें थीं। 2016 में एक नगर पालिका भवन एक हिस्सा टूटकर गिर गया था। उसके बाद नीचे दुकानदारों ने अपनी नई दुकानें बना ली थी। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में चला गया था। महेंद्रगढ़ में पुराने भवनों के बारे में निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
जर्जर भवनों से खतरा
शहर में ऐसे जर्जर भवनों से आसपास के लोगों को खतरा रहता है। खासतौर पर बरसात के मौसम में ऐसे भवनों के ढहने की आशंका बनी रहती है। लोगों की ओर से इस बारे में नगर पालिका को शिकायत दी जा चुकी है। जिस पर पालिका की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही।