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खामियों के बीच हुई मॉकड्रिल, कहीं दमकल फंसी तो कहीं लगी देरी
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:34 PM IST
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कहीं दमकल फंसी तो कहीं लगी देरी
नारनौल। भूकंप के समय बचाव कार्य को लेकर जिला मुख्यालय पर वीरवार को खामियों के बीच मेगा मॉकड्रिल हुई। भूकंप आने के बाद हूटर बजने का समय दस बजे का था, पर तीन मिनट लेट बजा। वहीं चितवन वाटिका के पास एक आदमी को छत से उतारने में 15 मिनट लग गए, जबकि मोहल्ला चांदुवाड़ा में दमकल रास्ते में फंस गई और गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। यहीं पर बचाव के लिए आदमी लाते समय एक पुलिस कर्मचारी गिर गया। चितवन वाटिका में नायब तहसीलदार स्थिति का सही जवाब तक नहीं दे पाये। जिला मुख्यालय पर पांच जगह पर यह मॉकड्रिल हुई। वहीं डीसी और एसपी कहीं पर भी नहीं पहुंचे।
प्रदेश सरकार की ओर से वीरवार सुबह दस बजे जिला मुख्यालय पर मेगा मॉकड्रिल की गई। सबसे पहले लघु सचिवालय में हूटर बजा। इसके बाद अधिकारी व कर्मचारी कार्यालयों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। इसके तुरंत बाद आईटीआई मैदान में भी हूटर बजा। मगर यहां पर हूटर दस बजे की बजाय दस बजकर तीन मिनट पर बजा। यहां हूटर बजते ही वहां पर तैनात अधिकारी कुर्सियों व मेजों के नीचे छिप गए। वहीं वहां पर सूचना आई कि शहर के एडीसी कार्यालय, नागरिक अस्पताल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोहल्ला चांदुवाड़ा व महावीर चौक में भूकंप का ज्यादा असर हुआ है। जहां पर जानमाल का नुकसान हुआ है। इसके बाद वहां पर कंट्रोलर ने तुरंत वहां तैनात विभिन्न टीमों को राहत व बचाव के लिए इन स्थानों पर रवाना कर दिया।
मची अफरा-तफरी, लोग भी सहमे
वहीं जिला मुख्यालय नारनौल पर अफरा-तफरी मच गई। हुटर बजने के पांच मिनट बाद ही राहत कार्य के लिए टीमें दौड़ पड़ी और रोड पर आवागमन करने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया। दस मिनट बाद ही स्थानीय एडीसी कार्यालय में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए राहत टीम पहुंची और वहां पर घायल हुए लोगों को एंबुलेंस में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर भूकंप के कारण एक बिल्डिंग में लगी आग को भी फायर ब्रिगेड ने बुझाया।
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नायब तहसीलदार भूले वायरलेस पर जवाब देना
मॉक ड्रिल के दौरान नायाब तहसीलदार रतनलाल कटारिया को महावीर चौक के पास बाजार का ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। वहीं उनके साथ गिरदावर ओमप्रकाश भी थे। जब कंट्रोल रूम से वायरलेस पर वहां की स्थिति के बारे में पूछा गया तो नायाब साहब जवाब देना ही भूल गए। इस पर वहां स्थित पुलिस कर्मचारी ने कहा कि साहब जवाब दो क्या स्थिति है, इसके बावजूद नायाब साहब के मुंह से आवाज नहीं निकली। ऐसा देख वहां पर तैनात एक इंस्पेक्टर ने वायरलेस थामा और जवाब दिया कि यहां टीम पहुंच गई है तथा स्थिति कंट्रोल में है।
चांदुवाड़ा में फंस गई दमकल
मॉक ड्रिल के दौरान जब एक टीम चांदुवाड़ा गई तो वहां पर दमकल की बड़ी गाड़ी भी पहुंची। मगर वह डॉ. नरुला के आवास से थोड़ा आगे तंग गली होने के कारण फंस गई। इसके कारण दमकल निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंच पाई और गिरी हुई हवेली से पहले ही वापस हो गई।
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नारनौल। भूकंप के समय बचाव कार्य को लेकर जिला मुख्यालय पर वीरवार को खामियों के बीच मेगा मॉकड्रिल हुई। भूकंप आने के बाद हूटर बजने का समय दस बजे का था, पर तीन मिनट लेट बजा। वहीं चितवन वाटिका के पास एक आदमी को छत से उतारने में 15 मिनट लग गए, जबकि मोहल्ला चांदुवाड़ा में दमकल रास्ते में फंस गई और गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। यहीं पर बचाव के लिए आदमी लाते समय एक पुलिस कर्मचारी गिर गया। चितवन वाटिका में नायब तहसीलदार स्थिति का सही जवाब तक नहीं दे पाये। जिला मुख्यालय पर पांच जगह पर यह मॉकड्रिल हुई। वहीं डीसी और एसपी कहीं पर भी नहीं पहुंचे।
प्रदेश सरकार की ओर से वीरवार सुबह दस बजे जिला मुख्यालय पर मेगा मॉकड्रिल की गई। सबसे पहले लघु सचिवालय में हूटर बजा। इसके बाद अधिकारी व कर्मचारी कार्यालयों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। इसके तुरंत बाद आईटीआई मैदान में भी हूटर बजा। मगर यहां पर हूटर दस बजे की बजाय दस बजकर तीन मिनट पर बजा। यहां हूटर बजते ही वहां पर तैनात अधिकारी कुर्सियों व मेजों के नीचे छिप गए। वहीं वहां पर सूचना आई कि शहर के एडीसी कार्यालय, नागरिक अस्पताल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोहल्ला चांदुवाड़ा व महावीर चौक में भूकंप का ज्यादा असर हुआ है। जहां पर जानमाल का नुकसान हुआ है। इसके बाद वहां पर कंट्रोलर ने तुरंत वहां तैनात विभिन्न टीमों को राहत व बचाव के लिए इन स्थानों पर रवाना कर दिया।
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मची अफरा-तफरी, लोग भी सहमे
वहीं जिला मुख्यालय नारनौल पर अफरा-तफरी मच गई। हुटर बजने के पांच मिनट बाद ही राहत कार्य के लिए टीमें दौड़ पड़ी और रोड पर आवागमन करने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया। दस मिनट बाद ही स्थानीय एडीसी कार्यालय में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए राहत टीम पहुंची और वहां पर घायल हुए लोगों को एंबुलेंस में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर भूकंप के कारण एक बिल्डिंग में लगी आग को भी फायर ब्रिगेड ने बुझाया।
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नायब तहसीलदार भूले वायरलेस पर जवाब देना
मॉक ड्रिल के दौरान नायाब तहसीलदार रतनलाल कटारिया को महावीर चौक के पास बाजार का ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। वहीं उनके साथ गिरदावर ओमप्रकाश भी थे। जब कंट्रोल रूम से वायरलेस पर वहां की स्थिति के बारे में पूछा गया तो नायाब साहब जवाब देना ही भूल गए। इस पर वहां स्थित पुलिस कर्मचारी ने कहा कि साहब जवाब दो क्या स्थिति है, इसके बावजूद नायाब साहब के मुंह से आवाज नहीं निकली। ऐसा देख वहां पर तैनात एक इंस्पेक्टर ने वायरलेस थामा और जवाब दिया कि यहां टीम पहुंच गई है तथा स्थिति कंट्रोल में है।
चांदुवाड़ा में फंस गई दमकल
मॉक ड्रिल के दौरान जब एक टीम चांदुवाड़ा गई तो वहां पर दमकल की बड़ी गाड़ी भी पहुंची। मगर वह डॉ. नरुला के आवास से थोड़ा आगे तंग गली होने के कारण फंस गई। इसके कारण दमकल निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंच पाई और गिरी हुई हवेली से पहले ही वापस हो गई।