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पांच वर्ष से ज्यादा हुए, नहीं मिले पात्रों को प्लॉट
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे पर स्थित बदरवाल सिटी कार्यालय में शुक्रवार को बदरवाल संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संघर्ष समिति के प्रधान रंगराव ने की। समिति के सदस्यों ने प्लॉट पर कब्जा नहीं मिलने के बाद बन रहीं परिस्थितियों पर विचार किया। मीटिंग में बदरवाल सिटी के मैनेजर मैनेजर कर्ण सिंह चौहान भी उपस्थित थे। उन्होंने संघर्ष समिति से छह महीने का समय मांगा। कहा कि वे छह महीने में सभी आवेदकों को प्लॉट पर कब्जा दे देंगे साथ ही सिटी का डेवलपमेंट करवा दिया जाएगा। हालांकि, समिति के सदस्य छह महीने की बात पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक उन्हें एक महीने में कब्जा देने का लेटर नहीं मिला तो वे शनिवार को ही अपने प्लॉटों पर कब्जा कर लेंगे।
रंगराव, राधेश्याम, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, नरेश चेयरमैन, विजय सिंह, पोहप सिंह, जसवंत ने बताया कि उन्होंने बदरवाल सिटी में 2007-08 में प्लॉट लिया था। प्रथम फेज में लगभग 250 से 300 प्लॉट हैं। इसके लिए सभी ने अपने प्लॉटों के 90 प्रतिशत रुपये जमा करवा दिए हैं। बताया कि कंपनी ने उन्हें अॅलाटमेंट लेटर तो दे दिया, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया। जबकि वे पांच से छह वर्ष पूर्व 90 प्रतिशत रुपये कंपनी को आठ से दस इंस्टालमेंट में दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई प्लॉट धारक किसी वजह से पैसे नहीं दे पाते तो उन्हें 18 प्रतिशत ब्याज की चेतावनी दी जाती है। बताया कि प्लॉट लेते समय बताया गया था कि बदरवाल सिटी में अस्पताल, पार्क, मॉल, स्कूल, लाइटें, सड़कें होंगी। लेकिन, अब यहां विकास नहीं हुआ है। न ही उन्हें कब्जा मिला है।
दिखाए थे बड़े-बड़े सपने
डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि 2007-08 में बदरवाल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नारनौल रोड पर प्लाट अलॉट किए थे। उस दौरान गुरुग्राम की तर्ज पर अच्छी कॉलोनी बसाने का दावा किया गया था। कॉलोनी के अंदर ही बड़ा शॉपिंग मॉल, अस्पताल, पार्क, स्कूल, लाइटें, सड़कें आदि सब सुविधा होने की बात कही गई थी। अभी तो केवल सड़कें, लाइटें और गेट लगा है। ये भी टूट चुके हैं। सिटी में प्रथम फेज में काटे गए 250 से 300 प्लॉटों के अरबों रुपये बदरवाल कंपनी ले चुकी है।
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प्लाट अलॉट करने के बाद हमें केवल अॅलाटमेंट लेटर मिला है। कब्जा अभी तक नहीं मिला है। पिछले पांच वर्षों से हम प्लॉट के लिए परेशान हैं।
-डॉ. सुरेश कुमार।
प्लाटों नहीं मिलने से परेशान हैं। मैनेजर से कई बार मीटिंग हो चुकी है। शनिवार को एक महीने में कब्जा देने का लेटर नहीं आया हम अपने प्लाटो पर कब्जा कर लेंगे।
-अशोक कुमार यादव।
पांच वर्षों से प्लॉट का इंतजार है। अब प्लाट पर कब्जा लेकर रहेंगे। इसके लिए बैठक भी की थी। इसमें एक महीने का समय कंपनी को दिया है।
-नरेश चेयरमैन।
बदरवाल सिटी के प्रथम फेज के प्लाटों को काटे हुए नौ वर्ष हो चुके हैं। प्लाट धारकों ने किश्त भी जमा करवाई है। उसके बाद प्लाटों पर हमें कब्जा दिया है।
-डॉ. सुरेंद्र
हम 31 मार्च 2018 तक सभी प्लाट धारकों को उनका कब्जा दे देंगे। तब तक बदरवाल सिटी के अंदर सभी डेवलपमेंट कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
- कर्ण सिंह शर्मा, मैनेजर, बदरवाल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटे।
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महेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे पर स्थित बदरवाल सिटी कार्यालय में शुक्रवार को बदरवाल संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संघर्ष समिति के प्रधान रंगराव ने की। समिति के सदस्यों ने प्लॉट पर कब्जा नहीं मिलने के बाद बन रहीं परिस्थितियों पर विचार किया। मीटिंग में बदरवाल सिटी के मैनेजर मैनेजर कर्ण सिंह चौहान भी उपस्थित थे। उन्होंने संघर्ष समिति से छह महीने का समय मांगा। कहा कि वे छह महीने में सभी आवेदकों को प्लॉट पर कब्जा दे देंगे साथ ही सिटी का डेवलपमेंट करवा दिया जाएगा। हालांकि, समिति के सदस्य छह महीने की बात पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक उन्हें एक महीने में कब्जा देने का लेटर नहीं मिला तो वे शनिवार को ही अपने प्लॉटों पर कब्जा कर लेंगे।
रंगराव, राधेश्याम, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, नरेश चेयरमैन, विजय सिंह, पोहप सिंह, जसवंत ने बताया कि उन्होंने बदरवाल सिटी में 2007-08 में प्लॉट लिया था। प्रथम फेज में लगभग 250 से 300 प्लॉट हैं। इसके लिए सभी ने अपने प्लॉटों के 90 प्रतिशत रुपये जमा करवा दिए हैं। बताया कि कंपनी ने उन्हें अॅलाटमेंट लेटर तो दे दिया, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया। जबकि वे पांच से छह वर्ष पूर्व 90 प्रतिशत रुपये कंपनी को आठ से दस इंस्टालमेंट में दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई प्लॉट धारक किसी वजह से पैसे नहीं दे पाते तो उन्हें 18 प्रतिशत ब्याज की चेतावनी दी जाती है। बताया कि प्लॉट लेते समय बताया गया था कि बदरवाल सिटी में अस्पताल, पार्क, मॉल, स्कूल, लाइटें, सड़कें होंगी। लेकिन, अब यहां विकास नहीं हुआ है। न ही उन्हें कब्जा मिला है।
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दिखाए थे बड़े-बड़े सपने
डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि 2007-08 में बदरवाल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नारनौल रोड पर प्लाट अलॉट किए थे। उस दौरान गुरुग्राम की तर्ज पर अच्छी कॉलोनी बसाने का दावा किया गया था। कॉलोनी के अंदर ही बड़ा शॉपिंग मॉल, अस्पताल, पार्क, स्कूल, लाइटें, सड़कें आदि सब सुविधा होने की बात कही गई थी। अभी तो केवल सड़कें, लाइटें और गेट लगा है। ये भी टूट चुके हैं। सिटी में प्रथम फेज में काटे गए 250 से 300 प्लॉटों के अरबों रुपये बदरवाल कंपनी ले चुकी है।
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प्लाट अलॉट करने के बाद हमें केवल अॅलाटमेंट लेटर मिला है। कब्जा अभी तक नहीं मिला है। पिछले पांच वर्षों से हम प्लॉट के लिए परेशान हैं।
-डॉ. सुरेश कुमार।
प्लाटों नहीं मिलने से परेशान हैं। मैनेजर से कई बार मीटिंग हो चुकी है। शनिवार को एक महीने में कब्जा देने का लेटर नहीं आया हम अपने प्लाटो पर कब्जा कर लेंगे।
-अशोक कुमार यादव।
पांच वर्षों से प्लॉट का इंतजार है। अब प्लाट पर कब्जा लेकर रहेंगे। इसके लिए बैठक भी की थी। इसमें एक महीने का समय कंपनी को दिया है।
-नरेश चेयरमैन।
बदरवाल सिटी के प्रथम फेज के प्लाटों को काटे हुए नौ वर्ष हो चुके हैं। प्लाट धारकों ने किश्त भी जमा करवाई है। उसके बाद प्लाटों पर हमें कब्जा दिया है।
-डॉ. सुरेंद्र
हम 31 मार्च 2018 तक सभी प्लाट धारकों को उनका कब्जा दे देंगे। तब तक बदरवाल सिटी के अंदर सभी डेवलपमेंट कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
- कर्ण सिंह शर्मा, मैनेजर, बदरवाल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटे।