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सेहलंग
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कनीना।
कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग के सरपंच विजयपाल सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर फिर विवाद हो गया है। सेहलंग के ग्रामीण विक्रम सिंह और रामनिवास ने सीएम विडो पर दी शिकायत में गांव के सरपंच पर अपने परिवार के लोगों को सफाई कर्मचारी नियुक्त करने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि 28 जून को 13 गावों में 17 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार हुए थे। सेहलंग में दो रिक्तियों के मुकाबले 11 व्यक्तियों ने आवेदन किया था। इनमें से सरपंच के सगे चाचा महेश और अनुसूचित जाति की महिला पंच के सगे देवर हंसराज को सफाई कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया। आरोप लगाया कि सरपंच और बीडीपीओ ने मिलीभगत करके सरपंच के चहेतों को सफाई कर्मचारी लगाया है। सरपंच विजयपाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी लगाने की शिकायत के संबंध में खंड विकास कार्यालय से उनके पास संदेश आया था। शिकायत को पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सेहलंग के सरपंच कभी पंचायती भूमि को पट्टे पर छोड़ने तो कभी बीपीएल परिवारों को प्लॉट पर कब्जा न दिए जाने की वजह से चर्चा में रहे हैं। ग्रामीण बीरेंद्र सिंह, हरिराम, बीर सिंह, रामनिवास, सतबीर, अशोक, जगदीश, भागमल, रामलखन ने बताया कि सरपंच की लचर व्यवस्था के कारण उन्हें 100 वर्ग के प्लाट नसीब नहीं हुए हैं। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह ने इस बारे में सीएम विंडो पर शिकायत की थी। इसकी जांच खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कनीना को सौंपी गई थी।
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कनीना।
कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग के सरपंच विजयपाल सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर फिर विवाद हो गया है। सेहलंग के ग्रामीण विक्रम सिंह और रामनिवास ने सीएम विडो पर दी शिकायत में गांव के सरपंच पर अपने परिवार के लोगों को सफाई कर्मचारी नियुक्त करने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि 28 जून को 13 गावों में 17 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार हुए थे। सेहलंग में दो रिक्तियों के मुकाबले 11 व्यक्तियों ने आवेदन किया था। इनमें से सरपंच के सगे चाचा महेश और अनुसूचित जाति की महिला पंच के सगे देवर हंसराज को सफाई कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया। आरोप लगाया कि सरपंच और बीडीपीओ ने मिलीभगत करके सरपंच के चहेतों को सफाई कर्मचारी लगाया है। सरपंच विजयपाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी लगाने की शिकायत के संबंध में खंड विकास कार्यालय से उनके पास संदेश आया था। शिकायत को पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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सेहलंग के सरपंच कभी पंचायती भूमि को पट्टे पर छोड़ने तो कभी बीपीएल परिवारों को प्लॉट पर कब्जा न दिए जाने की वजह से चर्चा में रहे हैं। ग्रामीण बीरेंद्र सिंह, हरिराम, बीर सिंह, रामनिवास, सतबीर, अशोक, जगदीश, भागमल, रामलखन ने बताया कि सरपंच की लचर व्यवस्था के कारण उन्हें 100 वर्ग के प्लाट नसीब नहीं हुए हैं। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह ने इस बारे में सीएम विंडो पर शिकायत की थी। इसकी जांच खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कनीना को सौंपी गई थी।
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