{"_id":"62b4aafe5351ce4ccb02960e","slug":"10300-farmers-got-the-registration-of-land-done-in-the-district-narnol-news-rtk650376248","type":"story","status":"publish","title_hn":"10300 किसानों ने 46000 एकड़ भूमि का कराया पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10300 किसानों ने 46000 एकड़ भूमि का कराया पंजीकरण
विज्ञापन
वीडियो कांफ्रेंस में मौजूद उपायुक्त डा. जय कृष्ण आभीर।
- फोटो : Narnol
नारनौल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को विभाग की ओर से चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा व फसल विविधीकरण सहित अन्य योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला अधिकारियों से रिपोर्ट ली। महेंद्रगढ़ के उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को जिले के बारे में जानकारी दी। बताया कि इस साल 10300 किसानों ने 46000 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कृषि योग्य जमीन का कुल रकबा 288956 एकड़ है। मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार इस बार जिला प्रशासन शत प्रतिशत जमीन का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाने के प्रयासरत है और अभी से किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया गया है। इस बार सरकार ने मूंग को भी फसल बीमा में शामिल किया गया है। इससे किसान इस फसल की ओर आकर्षित होंगे। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की ओर से किसानों को जागरूक किया जाएगा कि बोई गई सभी फसलों, फूल, फल व सब्जी आदि का पंजीकरण करवाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई जमीन खाली है तो उसका पंजीकरण भी करना है। इसके अलावा किसानों को दलहन वह तिलहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर एसएमएस डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. योगेश चंद्र, धर्मवीर यादव के अलावा अधिकारी मौजूद थे।
दलहन, तिलहन की फसल लगाने वाले किसान को मिलेगी वित्तीय सहायता
उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से फसल विविधीकरण के तहत दलहन व तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत दलहन व तिलहन की फसल लगाने वाले किसान को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में उसी किसान को फायदा दिया जाएगा जिसने पिछले साल बाजरा हो गया हो तथा इस बार वह दलहन व तिलहन की फसल लगता है। यह योजना दक्षिण हरियाणा के सात जिलों में भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, हिसार तथा नूह खरीफ 2022 के दौरान लागू की जाएगी। इसके लिए किसानों को पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत कराना होगा और सत्यापन के बाद सहायता राशि उनके खातों में स्थानांतरण कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कृषि योग्य जमीन का कुल रकबा 288956 एकड़ है। मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार इस बार जिला प्रशासन शत प्रतिशत जमीन का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाने के प्रयासरत है और अभी से किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया गया है। इस बार सरकार ने मूंग को भी फसल बीमा में शामिल किया गया है। इससे किसान इस फसल की ओर आकर्षित होंगे। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की ओर से किसानों को जागरूक किया जाएगा कि बोई गई सभी फसलों, फूल, फल व सब्जी आदि का पंजीकरण करवाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई जमीन खाली है तो उसका पंजीकरण भी करना है। इसके अलावा किसानों को दलहन वह तिलहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर एसएमएस डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. योगेश चंद्र, धर्मवीर यादव के अलावा अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
दलहन, तिलहन की फसल लगाने वाले किसान को मिलेगी वित्तीय सहायता
उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से फसल विविधीकरण के तहत दलहन व तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत दलहन व तिलहन की फसल लगाने वाले किसान को 4 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में उसी किसान को फायदा दिया जाएगा जिसने पिछले साल बाजरा हो गया हो तथा इस बार वह दलहन व तिलहन की फसल लगता है। यह योजना दक्षिण हरियाणा के सात जिलों में भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, हिसार तथा नूह खरीफ 2022 के दौरान लागू की जाएगी। इसके लिए किसानों को पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत कराना होगा और सत्यापन के बाद सहायता राशि उनके खातों में स्थानांतरण कर दी जाएगी।
विज्ञापन