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Kurukshetra News: मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे अतिथि अध्यापकों पर छोड़ी पानी की बौछारें
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कुरुक्षेत्र। लंबे समय से नियमितीकरण की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे अतिथि अध्यापकों ने शनिवार को सेक्टर तीन स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया। अतिथि अध्यापकों पर पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं और हल्का बल प्रयोग किया, जिसमें एक अतिथि अध्यापक के सिर पर चोट आई, जबकि एक महिला अतिथि अध्यापक को पानी की बौछार लगने से सांस लेने में दिक्कत हुई और उसकी स्थिति बेहोश होने जैसी बन गई।
अतिथि अध्यापक शनिवार को दिन के तीन बजे के करीब लघु सचिवालय से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले थे, इससे पहले उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। यहां से रोष मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने जिंदल चौक पर उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछारों और हल्के बल प्रयोग के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए शिक्षक तितर-बितर हुए लेकिन वाटर कैनन बंद होने के बाद वे दोबारा जिंदल चौक पर एकजुट हो गए। करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा इसके बाद अतिथि अध्यापक वहीं धरने पर बैठ गए।
111 दिन से जारी है धरना
अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश प्रधान दिनेश यादव का कहना है कि वे नियमित किए जाने की मांग के लिए पिछले 111 दिनों से धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नियमित करने की मांग उठा रहे हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्वक बैठने का एलान किया था लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका और पानी की बौछारों के साथ उन पर बल प्रयोग किया, जिसमें उनके दो शिक्षक साथी घायल हुए है।
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नियमितीकरण के साथ अन्य लाभ दिए जाने की मांग
दिनेश यादव व अन्य अध्यापकों का कहना था कि उनकी मांग है कि हरियाणा सरकार की 16 और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों तथा अदालत के निर्देश के अनुसार पात्र शिक्षकों को नियमित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को नियमितीकरण से जुड़े आदेश दिए थे। मुख्य सचिव ने भी 11 अगस्त को पात्र अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में पत्र जारी किया था लेकिन शिक्षा विभाग में इसे लागू नहीं किया गया। संगठन ने करीब 16 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने, 28 मई 2011 से नियमित मानकर 12 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर देने तथा ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य लाभ प्रदान करने की मांग की।
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अतिथि अध्यापक शनिवार को दिन के तीन बजे के करीब लघु सचिवालय से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले थे, इससे पहले उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। यहां से रोष मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने जिंदल चौक पर उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछारों और हल्के बल प्रयोग के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए शिक्षक तितर-बितर हुए लेकिन वाटर कैनन बंद होने के बाद वे दोबारा जिंदल चौक पर एकजुट हो गए। करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा इसके बाद अतिथि अध्यापक वहीं धरने पर बैठ गए।
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111 दिन से जारी है धरना
अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश प्रधान दिनेश यादव का कहना है कि वे नियमित किए जाने की मांग के लिए पिछले 111 दिनों से धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नियमित करने की मांग उठा रहे हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्वक बैठने का एलान किया था लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका और पानी की बौछारों के साथ उन पर बल प्रयोग किया, जिसमें उनके दो शिक्षक साथी घायल हुए है।
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नियमितीकरण के साथ अन्य लाभ दिए जाने की मांग
दिनेश यादव व अन्य अध्यापकों का कहना था कि उनकी मांग है कि हरियाणा सरकार की 16 और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों तथा अदालत के निर्देश के अनुसार पात्र शिक्षकों को नियमित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को नियमितीकरण से जुड़े आदेश दिए थे। मुख्य सचिव ने भी 11 अगस्त को पात्र अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में पत्र जारी किया था लेकिन शिक्षा विभाग में इसे लागू नहीं किया गया। संगठन ने करीब 16 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने, 28 मई 2011 से नियमित मानकर 12 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर देने तथा ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य लाभ प्रदान करने की मांग की।