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Kurukshetra News: बाट जोहते रहे ग्रामीण, नहीं खुला ट्यूकर बार्डर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 03:31 AM IST
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Villagers kept waiting, Tukar border did not open
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। हरियाणा-पंजाब सीमा से सटे ट्यूकर बॉर्डर के शुक्रवार को खुलने की उम्मीद है। वीरवार को पूरा दिन ग्रामीण बॉर्डर खोले जाने का इंतजार करते रहे। शाम तक बॉर्डर पर लगाई गई 12 लेयर की सुरक्षा बाड़ को नहीं हटाया गया। शुक्रवार को बॉर्डर खोलने के लिए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात करेंगे।
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बता दें किसान आंदोलन के चलते 11 फरवरी को प्रशासन की ओर से पंजाब के किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मारकंडा पुल पर 12 लेयर की सुरक्षा बाड़ तैयार की थी। इससे पहले पुलिस और आरएएफ ने बॉर्डर पर आकर मोर्चा संभाल लिया था। उसके बाद से ही बॉर्डर सील है। हालांकि पैदल बॉर्डर क्रॉस करने पर कोई पाबंदी नहीं है, जबकि मंगलवार को पंजाब के किसान भी अपना धरना स्थगित कर लौट चुके हैं।
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उधर, रास्ता बंद होने से बॉर्डर से सटे आसपास के 20 गांव के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। करीब डेढ़ महीने से हरियाणा-पंजाब रोडवेज की बस सेवा भी ठप है। इससे न सिर्फ नौकरीपेशा, दुकानदार, किसान और कारोबारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि दोनों विभाग को करोड़ों रुपये का फटका भी लग चुका है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पिहोवा के एसडीएम अमन कुमार से बातचीत की थी। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी ओर से वीरवार दोपहर तक बॉर्डर खोलने का आश्वासन दिया गया था, मगर वे पूरा दिन इंतजार करते रहे। प्रशासन ने बॉर्डर खोलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ रोष पनप रहा है।
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पुलिस अधीक्षक से करेंगे मुलाकात
ग्रामीणों का कहना है कि बॉर्डर बंद होने से उनको काफी नुकसान हो रहा है। किसानों का धरना शांतिपूर्वक चलने के बाद भी उनकी ओर से बॉर्डर खोलने की मांग नहीं रखी गई थी। अब किसान बॉर्डर छोड़कर रवाना हो चुके हैं। इसलिए प्रशासन को बॉर्डर खोलना चाहिए। वे इसे लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर बॉर्डर खोलने की मांग करेंगे।


बॉर्डर नहीं खोला तो ग्रामीण देंगे धरना
लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी आज-कल में बॉर्डर खोलने का आश्वासन दे रहे हैं, मगर उनकी ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अगले माह पिहोवा का तीन दिवसीय चैत्र-चौदह मेला छह अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस मेले में अधिकतर पंजाब के श्रद्धालु पहुंचते हैं। साथ ही उनकी गेहूं की फसल पकने लगी, जिसे ज्यादा देखभाल की जरूरत है। उनकी मांग है कि प्रशासन बॉर्डर खोल दे अन्यथा वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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