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तुर्की से 16 दिन बाद आया 22 वर्षीय विक्की का शव, परिजनों ने थर्ड गेट पर लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 01:39 AM IST
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Vicky's body arrived after 16 days from Turkey, relatives jammed the third gate
तुर्की से 16 दिन बाद आए बारना के 22 वर्षीय युवक विक्की का शव घर पहुंचा। मामले में आरोपी एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह सात बजे परिजनों ने थर्ड गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पुलिस उप-अधीक्षक मुख्यालय सुभाष चंद्र मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, मगर परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। साढ़े 10 बजे ग्रामीणों ने सड़क पर ही टेंट भी लगा दिया। मामले को तूल पकड़ता देख विधायक के बेटे साहिल सुधा व एएसपी कर्ण गोयल मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। साथ ही आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और 14 लाख रुपये की रिकवरी कराने आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने करीब साढ़े 11 बजे जाम खोला तथा विक्की के शव को लेकर गांव पहुंचे।
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विक्की के पिता जगीर सिंह ने बताया कि उसी के गांव के रमेश कुमार व टहल सिंह का भाई वीर सिंह जर्मनी में रह रहा है। आरोपी रमेश कुमार व टहल सिंह ने उसे झांसा दिया कि वे विक्की को जर्मनी भेज देंगे। इस एवज में उससे 14 लाख रुपये लिए थे और सीधा जर्मनी भेजने की बात तय हुई थी। 30 जून 2021 को विक्की को ग्रीस भेजा गया था। यहां आरोपियों ने ग्रीस से विक्की को जर्मनी भेजने के लिए फिर छह लाख रुपये मांगे थे, जबकि उनकी बात 14 लाख रुपये में तय हुई थी।
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उन्होंने बताया कि 11 मई को एजेंटों ने विक्की को जर्मनी पहुंचाने के लिए चार हजार यूरो और मांगे थे, जिसे उसने देने से मना कर दिया था। इसके बाद 13 मई को उसके दामाद रविंद्र सिंह के पास तुर्की में भारतीय दूतावास से विक्की के मौत की सूचना मिली। आरोप है कि यूरो न मिलने के कारण ही एजेंटों ने विक्की की हत्या की है। शिकायत पर पुलिस ने गांव के ही रमेश कुमार, टहल सिंह व वीर सिंह के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। 23 मई को इन आरोपी एजेंटों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला से मुलाकात की थी तथा विक्की के शव को भारत लाने की गुहार लगाई थी।
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गांव में जैसे ही विक्की के शव को एंबुलेंस से उतारा गया तो मातम छा गया। हर कोई परिवार को ढांढस देने का प्रयास कर रहा था। वहीं बेटे के शव को देखकर उसकी मां बंसो देवी बेसुध हो गई। कुछ देर बाद होश आया तो बेटे के शव से लिपटकर बिलख-बिलख कर रोने लगी। दोपहर को छोटे भाई हैप्पी ने विक्की का अंतिम संस्कार किया।
जगीर सिंह ने बताया कि बेटे विक्की ने 12वीं के बाद आईटीआई की पढ़ाई थी। उन्होंने विक्की को जमीन गहने गिरवी रखकर तथा कर्ज लेकर विदेश भेजा था, क्योंकि उन्हें यकीन था कि विक्की विदेश पहुंचने के बाद जमीन छुड़ा लेगा और कर्ज भी उतार देगा। अब उनके पास न बेटा है, न जमीन। कर्जा अलग से चढ़ गया है।

एएसपी कर्ण गोयल ने बताया कि मामले में जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। 14 लाख रुपये की रिकवरी भी कराई जाएगी। मामले में जांच कर अन्य धाराएं लगाई जाएंगी।
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