{"_id":"6750121797052e3e3408f8bf","slug":"tourists-become-admirers-of-craftsmanship-emphasis-on-shopping-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-127836-2024-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पर्यटक बने शिल्पकला के मुरीद, खरीदारी पर जोेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पर्यटक बने शिल्पकला के मुरीद, खरीदारी पर जोेर
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के चारों ओर शिल्पकारों व दस्तकारों का बाजार सजा हुआ है। विभिन्न राज्यों के शिल्पकार अपनी-अपनी कला के नमूने शिल्प और सरस मेले में ब्रह्मसरोवर तट पर प्रदर्शित कर रहे हैं।
हरियाणा प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों के दस्तकारों व शिल्पकारों के इस एकीकरण से कला के कद्रदान भी अपनी पसंद की कलात्मक वस्तुओं का चयन करने में पूरा समय लगा रहे हैं और महोत्सव का भरपूर फायदा लेते हुए जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आये दस्तकारों व शिल्पकारों के चेहरे भी भीड़ देखकर खिल रहे हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर-प्रदेश के बनारस से आए दस्तकार कडुआ बूटी प्रिंटिंग वाली मशहूर बनारसी साड़ियां, इसी राज्य के मनका युक्त आर्टिफिशियल आभूषण व चीनी मिट्टी से बने सेरामिक कोटरी व हैंड पेंटेड क्राॅकरी, पश्चिम बंगाल की विशेष टेराकोटा मिट्टी व लकड़ी से बनी दस्तकारी के सजावटी सामान, राजस्थान की वेलवेट पर हैंड मेड वाटर कलर पेंटिंग, गुजराती दस्तकारों द्वारा सूती कपड़े पर हाथ की छपाई वाले आकर्षक डिजाइन से तैयार बेड शीट, सोफा कवर, पर्दे, तकिया कवर इत्यादि शामिल है, को पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश इंदौर के सूखे सजावटी व आकर्षक फूल, आसाम के दस्तकारों द्वारा बंबू से बनाई सजावटी व घरों में प्रयोग होने वाली वस्तुएं, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की ब्रास मेटल की आकर्षक मूर्तियां व अन्य कलाकृतियां, पंजाब की मशहूर फुलकारी के डिजाइन वाले वस्त्र, हरियाणा की हैंड एम्ब्रॉयडरी, राजस्थान के दस्तकारों द्वारा बनाई पत्थर की आकर्षक मूर्तियां, कश्मीर के दस्तकारों को विशेष पहचान दिलाने वाली पश्मीना शाॅल व अन्य कश्मीरी वस्त्र तथा देवभूमि हिमाचल के दस्तकारों द्वारा बनाई गई विशेष हिमाचली टोपी व अन्य डिजाइनर हाथ की कढ़ाई वाले गर्म कपड़े पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए है और महोत्सव में आने वाले पर्यटक इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
दीपोत्सव में होगी ग्राम पंचायत व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी : 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि सभी तीर्थों पर 11 दिसंबर को दीपोत्सव का आयोजन होगा।
विज्ञापन
हरियाणा प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों के दस्तकारों व शिल्पकारों के इस एकीकरण से कला के कद्रदान भी अपनी पसंद की कलात्मक वस्तुओं का चयन करने में पूरा समय लगा रहे हैं और महोत्सव का भरपूर फायदा लेते हुए जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आये दस्तकारों व शिल्पकारों के चेहरे भी भीड़ देखकर खिल रहे हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर-प्रदेश के बनारस से आए दस्तकार कडुआ बूटी प्रिंटिंग वाली मशहूर बनारसी साड़ियां, इसी राज्य के मनका युक्त आर्टिफिशियल आभूषण व चीनी मिट्टी से बने सेरामिक कोटरी व हैंड पेंटेड क्राॅकरी, पश्चिम बंगाल की विशेष टेराकोटा मिट्टी व लकड़ी से बनी दस्तकारी के सजावटी सामान, राजस्थान की वेलवेट पर हैंड मेड वाटर कलर पेंटिंग, गुजराती दस्तकारों द्वारा सूती कपड़े पर हाथ की छपाई वाले आकर्षक डिजाइन से तैयार बेड शीट, सोफा कवर, पर्दे, तकिया कवर इत्यादि शामिल है, को पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश इंदौर के सूखे सजावटी व आकर्षक फूल, आसाम के दस्तकारों द्वारा बंबू से बनाई सजावटी व घरों में प्रयोग होने वाली वस्तुएं, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की ब्रास मेटल की आकर्षक मूर्तियां व अन्य कलाकृतियां, पंजाब की मशहूर फुलकारी के डिजाइन वाले वस्त्र, हरियाणा की हैंड एम्ब्रॉयडरी, राजस्थान के दस्तकारों द्वारा बनाई पत्थर की आकर्षक मूर्तियां, कश्मीर के दस्तकारों को विशेष पहचान दिलाने वाली पश्मीना शाॅल व अन्य कश्मीरी वस्त्र तथा देवभूमि हिमाचल के दस्तकारों द्वारा बनाई गई विशेष हिमाचली टोपी व अन्य डिजाइनर हाथ की कढ़ाई वाले गर्म कपड़े पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए है और महोत्सव में आने वाले पर्यटक इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
दीपोत्सव में होगी ग्राम पंचायत व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी : 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि सभी तीर्थों पर 11 दिसंबर को दीपोत्सव का आयोजन होगा।