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युवा पीढ़ी गीता के आदर्शों को जीवन में अपनाए : स्वामी ज्ञानानंद

Mon, 20 Jul 2026 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Mon, 20 Jul 2026 06:05 AM IST
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The younger generation should adopt the ideals of the Gita in their lives: Swami Gyananand
कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम में संगोष्ठी के दौरान विमर्श करते बुद्धिजीवी। स्वयं
कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भगवद्गीता का सार्वभौमिक संदेश मानव जीवन को सही दिशा देने वाला है। इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में ''गीता प्रवाह'' मासिक संगोष्ठी प्रभावी मंच बनकर उभर रही है। गीता केवल आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन जीने की संपूर्ण कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शन है, जो संस्कारवान व्यक्ति और सशक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है। ये विचार स्वामी ज्ञानानंद ने जीओ गीता संस्थानम में आयोजित मासिक गीता प्रवाह संगोष्ठी के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब युवा पीढ़ी गीता के आदर्शों को जीवन में अपनाए। इससे परिवार के साथ समाज और राष्ट्र मजबूत होंगे।
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उन्होंने कहा कि गीता का प्रत्येक श्लोक कर्तव्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और लोककल्याण का संदेश देता है। मुख्य अतिथि सेवानिवृत आईएएस एमपी मिश्रा ने कहा कि ''गीता प्रवाह'' गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। प्रत्येक माह होने वाली संगोष्ठी के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को गीता के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराया जा रहा है। आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान गीता के सिद्धांतों में निहित है। यह अभियान लोगों को सकारात्मक सोच एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
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गीता प्रवाह के संयोजक मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य केवल प्रवचन तक सीमित नहीं, समाज में संवाद, चिंतन और आत्ममंथन की संस्कृति को मजबूत करना है। प्रत्येक माह संगोष्ठी में शिक्षाविद, शोधार्थी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर गीता के शाश्वत संदेश पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। मुख्य वक्ता केयू संस्कृत, पाली एवं प्राकृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विजयश्री ने गीता के विभिन्न आयामों तथा वर्तमान सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में उसकी प्रासंगिकता पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस मौके पर प्रो आरके देशवाल, प्रो सुचिशुमिता, प्रो एमपी गुप्ता, प्रो सुनीता दलाल, प्रो सुशील चौहान, कमल बत्रा, चेयरमैन गुरनाम सैनी, आशीष सभ्रवाल, धीरज गुलाटी, जेके अरोड़ा सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
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