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Kurukshetra News: हैदराबाद में हरियाणा की समृद्ध लोक परंपरा का प्रदर्शन, 14 राज्यों के शिक्षक हुए रूबरू
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कुरुक्षेत्र। हैदराबाद में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में हरियाणा की समृद्ध लोक परंपरा का प्रदर्शन किया गया। कुरुक्षेत्र की प्राध्यापिका अनुराधा ने देशभर से आए शिक्षकों के सामने हरियाणा की सांस्कृतिक कहानी प्रस्तुत की। इस दस दिवसीय कार्यशाला में 14 राज्यों के शिक्षकों ने हरियाणा की लोक परंपरा को करीब से जाना।
यह कार्यशाला भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सीसीआरटी हैदराबाद द्वारा आयोजित की गई थी। इसका विषय सांस्कृतिक विविधता था। हरियाणा से अनुराधा समेत 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसमें भाग लिया। अलग-अलग राज्यों के शिक्षक अपनी लोक कला और सांस्कृतिक विरासत लेकर पहुंचे थे। ऐसे में हरियाणा की टीम ने अपनी मिट्टी की पहचान को मंच पर उतारा। हरियाणा की प्रस्तुति में सांग, लोकगीत और लोकनृत्य प्रमुख रहे। पारंपरिक पहनावा भी इसमें शामिल था। प्रदेश के खान-पान, रीति-रिवाज और हस्तकला की जानकारी भी दी गई।
हरियाणा की सांस्कृतिक झलक
प्रस्तुति में प्रदेश की पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाने वाले विशिष्ट व्यक्तियों का परिचय कराया गया। खिलाड़ियों का भी इसमें उल्लेख किया गया। हरियाणवी लोकगीतों पर हुए लोकनृत्य ने सबका मन मोह लिया। देसी पहनावे ने दूसरे राज्यों के शिक्षकों को आकर्षित किया। इससे उन्हें प्रदेश की लोक संस्कृति को समझने का मौका मिला।
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सांस्कृतिक विविधता का अनुभव
दस दिन तक चले इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों की लोक परंपराओं को समझा गया। शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला। कार्यशाला में विशेषज्ञों के व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। अनुराधा ने बताया कि उन्हें देश की सांस्कृतिक विविधता समझने का अवसर मिला। इन अनुभवों को विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ा जा सकता है।
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यह कार्यशाला भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत सीसीआरटी हैदराबाद द्वारा आयोजित की गई थी। इसका विषय सांस्कृतिक विविधता था। हरियाणा से अनुराधा समेत 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसमें भाग लिया। अलग-अलग राज्यों के शिक्षक अपनी लोक कला और सांस्कृतिक विरासत लेकर पहुंचे थे। ऐसे में हरियाणा की टीम ने अपनी मिट्टी की पहचान को मंच पर उतारा। हरियाणा की प्रस्तुति में सांग, लोकगीत और लोकनृत्य प्रमुख रहे। पारंपरिक पहनावा भी इसमें शामिल था। प्रदेश के खान-पान, रीति-रिवाज और हस्तकला की जानकारी भी दी गई।
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हरियाणा की सांस्कृतिक झलक
प्रस्तुति में प्रदेश की पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाने वाले विशिष्ट व्यक्तियों का परिचय कराया गया। खिलाड़ियों का भी इसमें उल्लेख किया गया। हरियाणवी लोकगीतों पर हुए लोकनृत्य ने सबका मन मोह लिया। देसी पहनावे ने दूसरे राज्यों के शिक्षकों को आकर्षित किया। इससे उन्हें प्रदेश की लोक संस्कृति को समझने का मौका मिला।
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सांस्कृतिक विविधता का अनुभव
दस दिन तक चले इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों की लोक परंपराओं को समझा गया। शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला। कार्यशाला में विशेषज्ञों के व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। अनुराधा ने बताया कि उन्हें देश की सांस्कृतिक विविधता समझने का अवसर मिला। इन अनुभवों को विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ा जा सकता है।