{"_id":"69b1ccb6a07deeed220deb2a","slug":"the-story-gave-the-message-of-awakening-spiritual-yoga-and-devotional-consciousness-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-151417-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: कथा से आध्यात्मिक योग और भक्ति चेतना को जागृत करने का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: कथा से आध्यात्मिक योग और भक्ति चेतना को जागृत करने का दिया संदेश
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कथा में हिस्सा लेती महिलाएं। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। शांति नगर स्थित निवास पर यजमान देश राज शर्मा ने परिवार सहित छठे दिन श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ किया। इस कथा में कथावाचक तेजस गुरु ने शांति नगर में कथा के दौरान कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हिंदुओं के सबसे प्रसिद्ध 18 पुराणों में से एक है, इसका मुख्य विषय आध्यात्मिक योग और भक्ति चेतना को जागृत करना है।
इस पुराण में भगवान श्री कृष्ण को सभी देवों में श्रेष्ठ माना गया है। इस प्रकरण के रचयिता श्री वेदव्यास को माना जाता है। इस पुराण में रस भाव की भक्ति का चित्रण बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया है।
श्रीमद् भागवत कथा सर्वप्रथम भगवान सुखदेव की ओर से महाराज परीक्षित को सुनाई गई थी। इस पुराण में साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।
विज्ञापन
कथावाचक तेजस गुरु ने भगवान विष्णु के वामन अवतार का चित्रण किया। उन्होंने बताया कि वामन पुराण में दक्ष यज्ञ विध्वंस, हरिका काल रूप, कामदेव दहन, अंधक-वध, बालिका आख्यान, लक्ष्मी चरित्र व आदिका विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें प्रह्लाद का नर नारायण से युद्ध, देवों, असुरों के विभिन्न वाहनों का वर्णन, वामन के विविध स्वरूप और निवास स्थान का वर्णन, विभिन्न व्रत स्रोत और विष्णु भक्ति के उपदेशों का वर्णन किया गया।
विज्ञापन
इस पुराण में भगवान श्री कृष्ण को सभी देवों में श्रेष्ठ माना गया है। इस प्रकरण के रचयिता श्री वेदव्यास को माना जाता है। इस पुराण में रस भाव की भक्ति का चित्रण बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया है।
विज्ञापन
श्रीमद् भागवत कथा सर्वप्रथम भगवान सुखदेव की ओर से महाराज परीक्षित को सुनाई गई थी। इस पुराण में साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।
विज्ञापन
कथावाचक तेजस गुरु ने भगवान विष्णु के वामन अवतार का चित्रण किया। उन्होंने बताया कि वामन पुराण में दक्ष यज्ञ विध्वंस, हरिका काल रूप, कामदेव दहन, अंधक-वध, बालिका आख्यान, लक्ष्मी चरित्र व आदिका विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें प्रह्लाद का नर नारायण से युद्ध, देवों, असुरों के विभिन्न वाहनों का वर्णन, वामन के विविध स्वरूप और निवास स्थान का वर्णन, विभिन्न व्रत स्रोत और विष्णु भक्ति के उपदेशों का वर्णन किया गया।

कुरुक्षेत्र। कथा में हिस्सा लेती महिलाएं। विज्ञप्ति