{"_id":"627ebcfdc7565806bc489a71","slug":"the-mercury-is-rising-no-help-to-avoid-the-heat-kurukshetra-kurukshetra-news-knl108108226","type":"story","status":"publish","title_hn":"चढ़ता जा रहा पारा, तपिश से बचने का नहीं सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चढ़ता जा रहा पारा, तपिश से बचने का नहीं सहारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे के आगे विद्यार्थी बेबस हो गए हैं। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के साथ लू के प्रकोप से बच्चों को कई तरह की परेशानियां हो रही है। ऐसी गर्मी में कोई बड़ा भी चार कदम चल ले तो शरीर का पानी सूख जाता है ऐसे में बच्चों को इसी गर्मी का सामना करने हुए स्कूल से घर तक का सफर तय करना पड़ रहा है।
स्कूलों का समय बेशक बदलकर सुबह सात से दोपहर 12 बजे कर दिया गया है, लेकिन गर्मी अपना प्रचंड रूप अब सुबह ही दिखाने लगी है। दोपहर 12 बजे तक सूर्य देव की किरणों से तापमान 42 पार होने लगा है। सरकार के आदेशों को लेकर शुक्रवार को शहर के स्कूलों का रियलिटी चेक किया गया। सभी स्कूल 12 बजे तक ही लग रहे हैं, लेकिन जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है वह अभी भी डबल शिफ्ट में चल रहे हैं।
सुबह की शिफ्ट सुबह सा बजे से दोपहर 12 बजे तक चल रही है। दूसरी शिफ्ट 12:15 मिनट से शाम 05:15 बजे तक चलती है। पहली शिफ्ट के बच्चों को जहां गर्मी स्कूल से घर जाते समय परेशान कर रही है, वहीं दूसरी शिफ्ट के बच्चों को स्कूल जाते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल थानेसर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर, कच्चा घेर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व राजकीय मॉडल स्कूल, रेलवे रोड बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण डबल शिफ्ट में चल रहे हैं। सरकार ने फिलहाल इन स्कूलों के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है।
विज्ञापन
एक शिफ्ट में दोनों बच्चों को पढ़ाना मुश्किल : अश्वनी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी कौशिक ने कहा कि उनके स्कूल में सुबह की शिफ्ट में करीब 900 और शाम की शिफ्ट में करीब 500 बच्चे आते हैं।सभी बच्चों को एक शिफ्ट में पढ़ाना नामुमकिन है। गर्मी के चलते स्कूल में बिजली का भी पूरा प्रबंध है। वैसे तो लाइट जाती नहीं है, लेकिन अगर चली भी जाए तो इनवर्टर और जनरेटर का प्रबंध है।
छोटे बच्चों की होनी चाहिए छुट्टियां : सुशील
अभिभावक सुशील ने कहा कि उनकी बेटी कक्षा 10वीं और बेटा आठवीं में पढ़ता है। दोपहर को जब बच्चे स्कूल से घर आते हैं तो गर्मी में काफी परेशान होते हैं। सरकार को चाहिए कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए छोटे बच्चों की फिलहाल छुट्टियां कर दी जाएं या फिर पहले की तरह घर रहकर ऑनलाइन कक्षा लगाई जाए।
खाली पेट स्कूल न जाएं बच्चे : डॉ. कृष्ण
एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कृष्ण ने कहा कि इन दिनों बच्चे खाली पेट स्कूल न जाएं। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें, लेकिन उसमें बर्फ का इस्तेमाल न करें। गर्मी में अक्सर बच्चे घर आते ही फ्रिज में रखा ठंडा पानी पी लेते हैं, जो कि सेहत के लिए काफी खतरनाक है। इन दिनों उनके पास लूज मोशन के रोजाना छह-सात मरीज आ रहे हैं।
डबल शिफ्ट के लिए गाइडलाइन नहीं आई : अरुण
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि गर्मी के कारण स्कूलों का समय बदलकर सात बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जा चुका है, डबल शिफ्ट स्कूलों के लिए अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। पहली शिफ्ट सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक लग रही है। दूसरी शिफ्ट दोपहर 12:15 से 05:15 बजे तक की है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे के आगे विद्यार्थी बेबस हो गए हैं। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के साथ लू के प्रकोप से बच्चों को कई तरह की परेशानियां हो रही है। ऐसी गर्मी में कोई बड़ा भी चार कदम चल ले तो शरीर का पानी सूख जाता है ऐसे में बच्चों को इसी गर्मी का सामना करने हुए स्कूल से घर तक का सफर तय करना पड़ रहा है।
स्कूलों का समय बेशक बदलकर सुबह सात से दोपहर 12 बजे कर दिया गया है, लेकिन गर्मी अपना प्रचंड रूप अब सुबह ही दिखाने लगी है। दोपहर 12 बजे तक सूर्य देव की किरणों से तापमान 42 पार होने लगा है। सरकार के आदेशों को लेकर शुक्रवार को शहर के स्कूलों का रियलिटी चेक किया गया। सभी स्कूल 12 बजे तक ही लग रहे हैं, लेकिन जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है वह अभी भी डबल शिफ्ट में चल रहे हैं।
विज्ञापन
सुबह की शिफ्ट सुबह सा बजे से दोपहर 12 बजे तक चल रही है। दूसरी शिफ्ट 12:15 मिनट से शाम 05:15 बजे तक चलती है। पहली शिफ्ट के बच्चों को जहां गर्मी स्कूल से घर जाते समय परेशान कर रही है, वहीं दूसरी शिफ्ट के बच्चों को स्कूल जाते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल थानेसर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर, कच्चा घेर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व राजकीय मॉडल स्कूल, रेलवे रोड बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण डबल शिफ्ट में चल रहे हैं। सरकार ने फिलहाल इन स्कूलों के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है।
विज्ञापन
एक शिफ्ट में दोनों बच्चों को पढ़ाना मुश्किल : अश्वनी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी कौशिक ने कहा कि उनके स्कूल में सुबह की शिफ्ट में करीब 900 और शाम की शिफ्ट में करीब 500 बच्चे आते हैं।सभी बच्चों को एक शिफ्ट में पढ़ाना नामुमकिन है। गर्मी के चलते स्कूल में बिजली का भी पूरा प्रबंध है। वैसे तो लाइट जाती नहीं है, लेकिन अगर चली भी जाए तो इनवर्टर और जनरेटर का प्रबंध है।
छोटे बच्चों की होनी चाहिए छुट्टियां : सुशील
अभिभावक सुशील ने कहा कि उनकी बेटी कक्षा 10वीं और बेटा आठवीं में पढ़ता है। दोपहर को जब बच्चे स्कूल से घर आते हैं तो गर्मी में काफी परेशान होते हैं। सरकार को चाहिए कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए छोटे बच्चों की फिलहाल छुट्टियां कर दी जाएं या फिर पहले की तरह घर रहकर ऑनलाइन कक्षा लगाई जाए।
खाली पेट स्कूल न जाएं बच्चे : डॉ. कृष्ण
एलएनजेपी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कृष्ण ने कहा कि इन दिनों बच्चे खाली पेट स्कूल न जाएं। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें, लेकिन उसमें बर्फ का इस्तेमाल न करें। गर्मी में अक्सर बच्चे घर आते ही फ्रिज में रखा ठंडा पानी पी लेते हैं, जो कि सेहत के लिए काफी खतरनाक है। इन दिनों उनके पास लूज मोशन के रोजाना छह-सात मरीज आ रहे हैं।
डबल शिफ्ट के लिए गाइडलाइन नहीं आई : अरुण
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि गर्मी के कारण स्कूलों का समय बदलकर सात बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जा चुका है, डबल शिफ्ट स्कूलों के लिए अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। पहली शिफ्ट सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक लग रही है। दूसरी शिफ्ट दोपहर 12:15 से 05:15 बजे तक की है।