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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में भागवत गीतानुष्ठान का विधिवत हुआ शुभारंभ
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कुरुक्षेत्र। भागवत गीतानुष्ठान का शुभारंभ करते गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर बुधवार को भागवत गीतानुष्ठान का शुभारंभ किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी संपूर्णानंद, ब्रहमस्वरुप ब्रहमचारी सहित अन्य संत महापुरुषों ने दीप प्रज्वलित कर व भागवत गीता पर पुष्पांजलि अर्पित कर दिव्य अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अनेक संत-महापुरुषों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस कार्यक्रम में ठाकुर संजीव कृष्ण शास्त्री की ओर से गीता का पाठ किया गया।
काशिनी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि एक लिविंग फिलॉसफी है। हमारा गीता के अनुसार आचरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अन्य शास्त्रों के बजाय एक गीता को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गीता का तत्वज्ञान केवल पढ़कर प्राप्त नहीं होता बल्कि किसी महापुरुष के चरणों में बैठकर ही समझा जा सकता है।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का गीता यज्ञ के साथ विधिवत प्रारंभ हुआ। गत दिवस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ जिन्होंने ब्रह्मसरोवर पर आयोजित संध्या आरती में भाग लिया। आज यहां श्रीमद्भगवद् गीता और श्रीमद् भागवत के समन्वित भाव के साथ सत्संग और कथा का शुभारंभ किया गया है। इस पावन कार्यक्रम में आज देशभर से विभिन्न संत-महात्मा भाग ले रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश भारत से ही मिलता है। गीता मानवता के मूल्य और आदर्श सिखाती है और विश्व में शांति और सद्भावना का संदेश पहुंचाती है। गीता पाठ का समापन आरती से हुआ।
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काशिनी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि एक लिविंग फिलॉसफी है। हमारा गीता के अनुसार आचरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अन्य शास्त्रों के बजाय एक गीता को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गीता का तत्वज्ञान केवल पढ़कर प्राप्त नहीं होता बल्कि किसी महापुरुष के चरणों में बैठकर ही समझा जा सकता है।
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स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का गीता यज्ञ के साथ विधिवत प्रारंभ हुआ। गत दिवस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ जिन्होंने ब्रह्मसरोवर पर आयोजित संध्या आरती में भाग लिया। आज यहां श्रीमद्भगवद् गीता और श्रीमद् भागवत के समन्वित भाव के साथ सत्संग और कथा का शुभारंभ किया गया है। इस पावन कार्यक्रम में आज देशभर से विभिन्न संत-महात्मा भाग ले रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश भारत से ही मिलता है। गीता मानवता के मूल्य और आदर्श सिखाती है और विश्व में शांति और सद्भावना का संदेश पहुंचाती है। गीता पाठ का समापन आरती से हुआ।

कुरुक्षेत्र। भागवत गीतानुष्ठान का शुभारंभ करते गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद व अन्य। विज्ञप्ति