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बंदरों का आतंक, पर्यटकों को बना रहे शिकार
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250 करोड़ के बजट से ज्योतिसर तीर्थ पर्यटन का केंद्र बनने जा रहा है, मगर तीर्थ पर पिछले आठ साल से बंदरों का आतंक मचा हुआ है। 48 कोस के इस महत्वपूर्ण तीर्थ गीता उपदेश स्थली पर पर्यटक और श्रद्धालु डर के साए में अवलोकन और पूजा करने को मजबूर हैं। न जाने कब और कहां से बंदर का झुंड उन पर हमला करके जख्मी कर दे। बंदरों को डराने के लिए पुजारी और स्थानीय दुकानदार लठ, गुलेल और एयरगन का इस्तेमाल करते हैं, मगर अब इससे भी उनको कोई डर नहीं रहा। पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी और सफाई कर्मी लठ लेकर खड़ा होना पड़ता हैं तो वहीं गाइड भी लठ के साथ ही पर्यटकों को तीर्थ का अवलोकन कराते हैं।
लोगों को काटने के साथ-साथ बंदर गीता के साक्षी वटवृक्ष को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं हाल ही में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित विराट स्वरूप को भी बंदर क्षति पहुंचा रहे हैं। साथ तीर्थ पर लाइट एंड साउंड शो, स्पीकर, पोल और तारों को भी खराब कर रहे हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, उपायुक्त, विधायक सहित मुख्यमंत्री को भी शिकायत कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया।
बता दें कि इस तीर्थ पर प्रतिदिन करीब 400 पर्यटक आते है। इनमें से 10-15 लोग अनायास ही बंदरों का शिकार बन जाते हैं। इसे लेकर ग्रामीण अनेक बार शासन-प्रशासन को शिकायत भी कर चुके हैं।
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इस तीर्थ को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संयुक्त रूप से करीब 250 करोड़ रुपये का बजट खर्च कर रही है। इस बजट में श्रीकृष्णा सर्किट सहित प्रदेश सरकार की तरफ से तीर्थ पर वर्चुअल म्यूजियम, गीता-महाभारत थीम, गौरवशाली भारत व कुरुक्षेत्र गौरवशाली इतिहास बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहे हैं।
एलएनजेपी अस्पताल में इमरजेंसी में जून माह में मंकी बाइट के छह, जुलाई में एक और इस महीने अब तक छह मामले सामने आए हैं। इसके अलावा रूटीन में जुलाई माह में चार और इस माह अगस्त में तीन मामले हुए हैं। वहीं अस्पताल में एंटी रैबीज की मात्र 15 वैक्सीन बकाया है।
तीर्थ पर पूजा-अर्चना करने के लिए उत्तर प्रदेश से आए एक दल पर बंदरों ने हमला कर दिया। टाबर जिला सहारनपुर से आए रमेश कुमार ने बताया जन्माष्टमी पर उनका दल बच्चों सहित ज्योतिसर तीर्थ पर पूजा-अर्चना के लिए आया था। अभी वह लोग दर्शन कर ही रहे थे कि बंदरों ने एकाएक हमला कर दिया। बंदरों ने उसे और उनके साथ आई महिला सुमिता को जख्मी कर दिया।
पुजारी बंटी कुमार ने बताया कि अधिकारी, विधायक, मंत्री सहित मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया गया है, मगर आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं लाई गई। सफाईकर्मी, पुजारी और पर्यटक सभी बंदरों से बेहद परेशान है। बंदरों को डराने के लिए लठ, गुलेल और एयरगन का इस्तेमाल भी करके देख लिया, मगर उसका कोई असर नहीं पड़ा रहा है। करीब आठ साल से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई टेंडर नहीं लगाया गया है।
स्थानीय दुकानदार राकेश कुमार का कहना है कि तीर्थ के साथ गांव में भी हालात यह है कि घर में किसी बच्चों को अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। पता नहीं बंदरों का झुंड कब और किस पर हमला कर दे। प्रशासन को इस संबंध में कदम उठाना चाहिए।
उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि मामले उनकी जानकारी में नहीं था। शीघ्र ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा करके मामले का समाधान किया जाएगा।
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लोगों को काटने के साथ-साथ बंदर गीता के साक्षी वटवृक्ष को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं हाल ही में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित विराट स्वरूप को भी बंदर क्षति पहुंचा रहे हैं। साथ तीर्थ पर लाइट एंड साउंड शो, स्पीकर, पोल और तारों को भी खराब कर रहे हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, उपायुक्त, विधायक सहित मुख्यमंत्री को भी शिकायत कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया।
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बता दें कि इस तीर्थ पर प्रतिदिन करीब 400 पर्यटक आते है। इनमें से 10-15 लोग अनायास ही बंदरों का शिकार बन जाते हैं। इसे लेकर ग्रामीण अनेक बार शासन-प्रशासन को शिकायत भी कर चुके हैं।
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इस तीर्थ को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संयुक्त रूप से करीब 250 करोड़ रुपये का बजट खर्च कर रही है। इस बजट में श्रीकृष्णा सर्किट सहित प्रदेश सरकार की तरफ से तीर्थ पर वर्चुअल म्यूजियम, गीता-महाभारत थीम, गौरवशाली भारत व कुरुक्षेत्र गौरवशाली इतिहास बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहे हैं।
एलएनजेपी अस्पताल में इमरजेंसी में जून माह में मंकी बाइट के छह, जुलाई में एक और इस महीने अब तक छह मामले सामने आए हैं। इसके अलावा रूटीन में जुलाई माह में चार और इस माह अगस्त में तीन मामले हुए हैं। वहीं अस्पताल में एंटी रैबीज की मात्र 15 वैक्सीन बकाया है।
तीर्थ पर पूजा-अर्चना करने के लिए उत्तर प्रदेश से आए एक दल पर बंदरों ने हमला कर दिया। टाबर जिला सहारनपुर से आए रमेश कुमार ने बताया जन्माष्टमी पर उनका दल बच्चों सहित ज्योतिसर तीर्थ पर पूजा-अर्चना के लिए आया था। अभी वह लोग दर्शन कर ही रहे थे कि बंदरों ने एकाएक हमला कर दिया। बंदरों ने उसे और उनके साथ आई महिला सुमिता को जख्मी कर दिया।
पुजारी बंटी कुमार ने बताया कि अधिकारी, विधायक, मंत्री सहित मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया गया है, मगर आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं लाई गई। सफाईकर्मी, पुजारी और पर्यटक सभी बंदरों से बेहद परेशान है। बंदरों को डराने के लिए लठ, गुलेल और एयरगन का इस्तेमाल भी करके देख लिया, मगर उसका कोई असर नहीं पड़ा रहा है। करीब आठ साल से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई टेंडर नहीं लगाया गया है।
स्थानीय दुकानदार राकेश कुमार का कहना है कि तीर्थ के साथ गांव में भी हालात यह है कि घर में किसी बच्चों को अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। पता नहीं बंदरों का झुंड कब और किस पर हमला कर दे। प्रशासन को इस संबंध में कदम उठाना चाहिए।
उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि मामले उनकी जानकारी में नहीं था। शीघ्र ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा करके मामले का समाधान किया जाएगा।