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फसल अवशेष जलाने पर सख्ती : 48 किसानों पर मामले दर्ज, 19 गिरफ्तार, चार कृषि अधिकारी सस्पेंड
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कुरुक्षेत्र। फसल अवशेष जलाने पर अंकुश लगाने के लिए अब प्रशासन ने सख्ती और भी कड़ी कर दी है। पुलिस ने 48 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है तो वहीं देर रात्रि तक कार्रवाई के दौरान 19 किसानों को भी गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं लापरवाही मिलने पर उच्चाधिकारियों ने कृषि विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है तो वहीं 15 को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। उधर इसी कार्रवाई के बीच ही मंगलवार को भी इस्माईलाबाद क्षेत्र में दो जगहों पर फसल अवशेष जलाने की सूचना प्रशासन के पास पहुंचीं, जिनमें से एक जगह चिंह्ति कर ली गई तो संबंधित किसान के खिलाफ मामला भी दर्ज करवा दिया गया। उधर प्रशासन के साथ-साथ पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष न जलाने को लेकर जागरूक कर रहे हैं।
उधर, शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने फसल अवशेष जलाने वाले आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए लघु सचिवालय पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नगराधीश डॉ. रमन गुप्ता को सौंपकर आदेश वापस लेने की मांग रखी। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने सरकार को फसल अवशेष के निपटान के लिए संसाधन उपलब्ध करने की गुहार भी लगाई।
वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष जलाने के 59 मामले चिंह्ति करके कार्रवाई करने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 48 किसानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। इसमें थाना झांसा में दर्ज पांच मामले में पांच किसानों की गिरफ्तारी हो चुकी है, तो वहीं देर रात्रि तक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पराली जलाने के मामलों में संलिप्त पाए गए 19 किसानों को गिरफ्तार कर लिया है।
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यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू नंबरदार ने बताया कि सरकार विभागीय कार्रवाई का डर दिखाकर फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को धमका रही है। सरकार फसल अवशेष जलाने वाले किसान को एमएसपी न देने, पोर्टल पर रेड एंट्री, मामला दर्ज करने और सब्सिडी न देने को लेकर डरा रही है, मगर सरकार अवशेषों के निपटान के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं करा रही है। इसलिए मजबूरीवश किसान अवशेषों को आग के हवाले कर रहे हैं। आरोप लगाया कि प्रदूषण को लेकर सरकार सख्त है तो फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण पर कार्रवाई करें। सरकार की नीति और नीयत पूंजीपतियों के पक्ष में है।
देर रात तक चली कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। देर रात तक चली कार्रवाई के बाद कुल 48 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इसमें से 19 किसानों की गिरफ्तारी हुई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इन थाने में हुए मामले दर्ज
थाना-- -- -- -- -- -- -- -- मामले दर्ज
बाबैन-- -- -- -- -- -- -- -- -- 08
सदर थानेसर-- -- -- -- -- 08
केयूके-- -- -- -- -- -- -- -- -- 07
कृष्णा गेट-- -- -- -- -- -- -01
सदर पिहोवा-- -- -- -- -- -04
झांसा-- -- -- -- -- -- -- -- -- 05
लाडवा-- -- -- -- -- -- -- -- -10
इस्माईलाबाद-- -- -- -- -05
ये कृषि अधिकारी किए गए सस्पेंड
फसल अवशेषों में लगाई जा रही आज की घटनाओं पर अंकुश लगाने में कुछ लापरवाही के चलते विभाग के 24 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है जिसमें चार अधिकारी कुरुक्षेत्र जिले के भी हैं। इनमें लाडवा के बीएओ अमित कंबोज, थानेसर के विनोद कुमार, शाहाबाद के ओमप्रकाश व पिपली के एडीओ प्रताप सिंह शामिल है। इस कार्रवाई से विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
सख्ती जारी रखी जाएगी : उपनिदेशक
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि फसल अवशेष नहीं जलने दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ सख्ती भी जारी रखी जाएगी। पिछले चार दिनों से कोई मामला नहीं आ रहा था लेकिन मंगलवार को एक जगह चिंह्ति की गई है और इसमें भी संंबंधित किसान पर मामला दर्ज करवा दिया गया है। यहीं नहीं अधिकारियों पर भी सख्ती जारी रखी जाएगी। चार सस्पेंड किए जा चुके हैं तो 15 को नोटिस दिए हुए हैं। जवाब सही नही मिला तो उन पर भी कार्रवाई होगी।
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उधर, शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने फसल अवशेष जलाने वाले आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए लघु सचिवालय पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नगराधीश डॉ. रमन गुप्ता को सौंपकर आदेश वापस लेने की मांग रखी। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने सरकार को फसल अवशेष के निपटान के लिए संसाधन उपलब्ध करने की गुहार भी लगाई।
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वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष जलाने के 59 मामले चिंह्ति करके कार्रवाई करने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 48 किसानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। इसमें थाना झांसा में दर्ज पांच मामले में पांच किसानों की गिरफ्तारी हो चुकी है, तो वहीं देर रात्रि तक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पराली जलाने के मामलों में संलिप्त पाए गए 19 किसानों को गिरफ्तार कर लिया है।
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यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू नंबरदार ने बताया कि सरकार विभागीय कार्रवाई का डर दिखाकर फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को धमका रही है। सरकार फसल अवशेष जलाने वाले किसान को एमएसपी न देने, पोर्टल पर रेड एंट्री, मामला दर्ज करने और सब्सिडी न देने को लेकर डरा रही है, मगर सरकार अवशेषों के निपटान के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं करा रही है। इसलिए मजबूरीवश किसान अवशेषों को आग के हवाले कर रहे हैं। आरोप लगाया कि प्रदूषण को लेकर सरकार सख्त है तो फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण पर कार्रवाई करें। सरकार की नीति और नीयत पूंजीपतियों के पक्ष में है।
देर रात तक चली कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। देर रात तक चली कार्रवाई के बाद कुल 48 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इसमें से 19 किसानों की गिरफ्तारी हुई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इन थाने में हुए मामले दर्ज
थाना
बाबैन
सदर थानेसर
केयूके
कृष्णा गेट
सदर पिहोवा
झांसा
लाडवा
इस्माईलाबाद
ये कृषि अधिकारी किए गए सस्पेंड
फसल अवशेषों में लगाई जा रही आज की घटनाओं पर अंकुश लगाने में कुछ लापरवाही के चलते विभाग के 24 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है जिसमें चार अधिकारी कुरुक्षेत्र जिले के भी हैं। इनमें लाडवा के बीएओ अमित कंबोज, थानेसर के विनोद कुमार, शाहाबाद के ओमप्रकाश व पिपली के एडीओ प्रताप सिंह शामिल है। इस कार्रवाई से विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
सख्ती जारी रखी जाएगी : उपनिदेशक
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि फसल अवशेष नहीं जलने दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ सख्ती भी जारी रखी जाएगी। पिछले चार दिनों से कोई मामला नहीं आ रहा था लेकिन मंगलवार को एक जगह चिंह्ति की गई है और इसमें भी संंबंधित किसान पर मामला दर्ज करवा दिया गया है। यहीं नहीं अधिकारियों पर भी सख्ती जारी रखी जाएगी। चार सस्पेंड किए जा चुके हैं तो 15 को नोटिस दिए हुए हैं। जवाब सही नही मिला तो उन पर भी कार्रवाई होगी।