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अनाज मंडी का निरीक्षण करते हुए भड़क गए राज्यमंत्री कांबोज, बोले अरे भाई.... कोई ड्यूटी पर है भी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:48 AM IST
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कांबाोज
- फोटो : amar ujala
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घटना- राज्य मंत्री कर्णदेव सिंह का औचक निरीक्षण। तीन अधिकारियों के संबंध में सवाल तीनों का एक ही जवाब सर छुट्टी पर है।
अनाज मंडी पहुंचे राज्यमंत्री ने व्यवस्थाएं देखकर बाबू से कहा, डीसी से बात कराओ, जवाब मिला शहर से बाहर गए हैं, छुट्टी पर हैं। एडीसी से बात कराओ, फिर जवाब मिला वो भी छुट्टी पर हैं। तो चलो एसडीएम से ही बात करा दो, फिर वही जवाब सर वो भी छुट्टी पर हैं। एक ही जवाब सुनकर राज्यमंत्री झल्लाए और कहा, अरे भाई.... कोई ड्यूटी पर भी है? मंडी में गेहूं का सीजन चल रहा है और जिले के सभी आलाअधिकारी छुट्टी पर शहर से बाहर जाकर बैठे हैं। आढ़तियों और किसानों की सुनने वाला तो यहां कोई अधिकारी ही नहीं। इसके बाद करीब पांच मिनट तक खामोशी छा गई। किसी के पास इसका कोई जवाब नहीं था।
राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने शनिवार को पिपली अनाजमंडी का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद जब राज्यमंत्री और मौके पर मौजूद थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने अपने पर्सनल नंबर से कॉल की तो उसका भी अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। मंडी में अधिकारियों की गैरमौजूदगी और उनके रवैया देख राज्यमंत्री राज्यमंत्री काफी नाराज हुए।
इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर में पड़ी ढेरियों से गेहूं की जांच की। राज्यमंत्री ने गेहूं में सफाई, नमी व तौल की भी जानकारी ली। राज्यमंत्री गेहूं देखकर खुश हुए और बोले कि अबकी बार मोटी गेहूं आ रही है और सफाई भी है। मौका मिलते ही आढ़तियों ने राज्यमंत्री को घेर लिया और उठान व भुगतान न होने संबंधी समस्या पर रोना रोया। इसपर राज्यमंत्री ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि मंडी में गेहूं उठान के नाम पर पनप रहे ट्रांसपोर्ट माफियाओं को खत्म किया जाएगा और अगले वर्ष से मंडी में उठान का टेंडर ठेकेदारों की बजाय मंडी एसोसिएशन को मिलेगा। इससे निश्चित ही मंडियों में उठान कार्य बेहतर गति से हो सकेगा। इसके अलावा भुगतान बारे कहा कि सरकारी छुट्टियों के बाद भुगतान की दिक्कत नहीं होगी।
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ठेकेदार को छोड़ो, खुद पहुंचाओ मंडियों में
मंडी के वर्तमान हालात देखकर राज्यमंत्री ने आढ़तियों से अपील करते हुए कहा कि ठेकेदारों को छोड़ो और फिलहाल अपने स्तर पर ही उठान कार्य करा लें। उसकी पहुंच की रसीद भी अपने पास रख लें कि कितने बैग उतारे गए। आढ़तियों को सारा खर्चा सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
आढ़ती बोले, ट्रैक्टर-ट्राली की तो परमिशन ही नहीं
जब आढ़तियों ने राज्यमंत्री को बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली से उठान की तो परमिशन ही नहीं है। इस पर राज्यमंत्री बोले कि.... तो क्या अनाज खराब कर लें अनाज। उन्होंने कहा कि फिलहाल काम चला लें। अगली बार से कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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घटना- राज्य मंत्री कर्णदेव सिंह का औचक निरीक्षण। तीन अधिकारियों के संबंध में सवाल तीनों का एक ही जवाब सर छुट्टी पर है।
अनाज मंडी पहुंचे राज्यमंत्री ने व्यवस्थाएं देखकर बाबू से कहा, डीसी से बात कराओ, जवाब मिला शहर से बाहर गए हैं, छुट्टी पर हैं। एडीसी से बात कराओ, फिर जवाब मिला वो भी छुट्टी पर हैं। तो चलो एसडीएम से ही बात करा दो, फिर वही जवाब सर वो भी छुट्टी पर हैं। एक ही जवाब सुनकर राज्यमंत्री झल्लाए और कहा, अरे भाई.... कोई ड्यूटी पर भी है? मंडी में गेहूं का सीजन चल रहा है और जिले के सभी आलाअधिकारी छुट्टी पर शहर से बाहर जाकर बैठे हैं। आढ़तियों और किसानों की सुनने वाला तो यहां कोई अधिकारी ही नहीं। इसके बाद करीब पांच मिनट तक खामोशी छा गई। किसी के पास इसका कोई जवाब नहीं था।
राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने शनिवार को पिपली अनाजमंडी का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद जब राज्यमंत्री और मौके पर मौजूद थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने अपने पर्सनल नंबर से कॉल की तो उसका भी अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। मंडी में अधिकारियों की गैरमौजूदगी और उनके रवैया देख राज्यमंत्री राज्यमंत्री काफी नाराज हुए।
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इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर में पड़ी ढेरियों से गेहूं की जांच की। राज्यमंत्री ने गेहूं में सफाई, नमी व तौल की भी जानकारी ली। राज्यमंत्री गेहूं देखकर खुश हुए और बोले कि अबकी बार मोटी गेहूं आ रही है और सफाई भी है। मौका मिलते ही आढ़तियों ने राज्यमंत्री को घेर लिया और उठान व भुगतान न होने संबंधी समस्या पर रोना रोया। इसपर राज्यमंत्री ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि मंडी में गेहूं उठान के नाम पर पनप रहे ट्रांसपोर्ट माफियाओं को खत्म किया जाएगा और अगले वर्ष से मंडी में उठान का टेंडर ठेकेदारों की बजाय मंडी एसोसिएशन को मिलेगा। इससे निश्चित ही मंडियों में उठान कार्य बेहतर गति से हो सकेगा। इसके अलावा भुगतान बारे कहा कि सरकारी छुट्टियों के बाद भुगतान की दिक्कत नहीं होगी।
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ठेकेदार को छोड़ो, खुद पहुंचाओ मंडियों में
मंडी के वर्तमान हालात देखकर राज्यमंत्री ने आढ़तियों से अपील करते हुए कहा कि ठेकेदारों को छोड़ो और फिलहाल अपने स्तर पर ही उठान कार्य करा लें। उसकी पहुंच की रसीद भी अपने पास रख लें कि कितने बैग उतारे गए। आढ़तियों को सारा खर्चा सरकार की तरफ से दिया जाएगा।
आढ़ती बोले, ट्रैक्टर-ट्राली की तो परमिशन ही नहीं
जब आढ़तियों ने राज्यमंत्री को बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली से उठान की तो परमिशन ही नहीं है। इस पर राज्यमंत्री बोले कि.... तो क्या अनाज खराब कर लें अनाज। उन्होंने कहा कि फिलहाल काम चला लें। अगली बार से कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।